HindiKiDuniyacom

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teacher’s Day Essay in Hindi)

शिक्षक दिवस

जीवन में शिक्षक का किरदार बहुत खास होता है, वे किसी के जीवन में उस बैकग्राउंड म्यूज़िक कि तरह होते हैं, जिसकी उपस्थिति मंच पर तो नहीं दिखती, परंतु उसके होने से नाटक में जान आजाती है। ठीक इसी प्रकार हमारे जीवन मे एक शिक्षक की भी भूमिका होती है। चाहें आप जीवन के किसी भी पड़ाव पर हों, शिक्षक की आवश्यकता सबको पड़ती है। भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन है। वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे जो इन पदों पर आसीन होने से पहले एक शिक्षक थे।

शिक्षक दिवस पर 10 वाक्य | शिक्षक दिवस पर भाषण

शिक्षक दिवस पर छोटे तथा बड़े निबंध (Short and Long Essay on Teacher’s Day in Hindi, Shikshak Diwas par Nibandh Hindi mein)

शिक्षक दिवस पर निबंध (250 – 300 शब्द).

ज्ञान, जानकारी और समृद्धि के वास्तविक धारक शिक्षक ही होते है जिसका इस्तेमाल कर वह हमारे उज्जवल जीवन के लिये हमें विकसित और तैयार करते हैं। हमारी सफलता के पीछे हमारे शिक्षक का हाथ होता है। हमारे माता-पिता की तरह ही हमारे शिक्षक के पास भी ढ़ेर सारी व्यक्तिगत समस्याएँ होती हैं लेकिन फिर भी वह इन सब को दरकिनार कर रोज स्कूल और कॉलेज आते हैं तथा अपनी जिम्मेदारी का अच्छे से निर्वाह करते हैं। कोई भी उनके बेसकीमती कार्य के लिये उन्हें धन्यवाद नहीं देता इसलिये एक विद्यार्थी के रुप में शिक्षकों के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि कम से कम साल में एक बार उन्हें जरुर धन्यवाद दें।

शिक्षक दिवस

हर वर्ष 5 सितंबर को हमारे निस्स्वार्थ शिक्षकों को उनके बहुमूल्य कार्य को सम्मान देने के लिये शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 5 सितंबर हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधकृष्णन का जन्मदिन है जिन्होंने पूरे भारत में शिक्षकों को सम्मान देने के लिये शिक्षक दिवस के रुप में उनके जन्मदिन को मनाने का आग्रह किया था। उन्हें अध्यापन पेशे से बहुत प्यार था।

हमें शिक्षक दिवस क्यों मनाना चाहिए

हमारे शिक्षक हमें शैक्षणिक दृष्टी से तो बेहतर बनाते ही हैं साथ ही हमारे ज्ञान व विश्वास स्तर को बढ़ाकर नैतिक रुप से भी हमें अच्छा बनाते है। जीवन में अच्छा करने के लिये वह हमें हर असंभव कार्य को संभव करने की प्रेरणा देते हैं। विद्यार्थियों के द्वारा इस दिन को बहुत उत्साह और खुशी के साथ मनाना चाहिए। विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों को उपहार व ग्रीटिंग कार्ड देकर बधाई देना चाहिए।

ये सर्वविदित है कि हमारे जीवन को सँवारने में शिक्षक एक बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। सफलता प्राप्ति के लिये वो हमें कई प्रकार से मदद करते है जैसे हमारे ज्ञान, कौशल के स्तर, विश्वास आदि को बढ़ाते है तथा हमारे जीवन को सही आकार में ढ़ालते है। अत: अपने निष्ठावान शिक्षक के लिये हमारी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है।

हम सभी को एक आज्ञाकारी विद्यार्थी के रुप में अपने शिक्षक का दिल से अभिनंदन करने की जरुरत है और जीवनभर अध्यापन के अपने निस्स्वार्थ सेवा के लिये साथ ही अपने अनगिनत विद्यार्थीयों के जीवन को सही आकार देने के लिये उन्हें धन्यवाद देना चाहिये। शिक्षक दिवस हम सभी के लिये उन्हें धन्यवाद देने और अपना एक दिन उनके साथ बिताने के लिये ये एक महान अवसर है।

शिक्षक दिवस पर निबंध – 2 (400 शब्द)

सभी के लिये शिक्षक दिवस बहुत ही खास अवसर होता है खासतौर से एक शिक्षक और विद्यार्थी के लिये। अपने शिक्षकों को सम्मान देने के लिये विद्यार्थियों द्वारा ये हर वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रुप में घोषित किया गया है। हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था इसलिये अध्यापन पेशे के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण उनके जन्मदिन पर पूरे भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उनका शिक्षा में बहुत भरोसा था साथ ही वह अध्येता, राजनयिक, शिक्षक और भारत के राष्ट्रपति के रुप में भी प्रसिद्ध थे।

शिक्षक और विद्यार्थी के बीच के रिश्तों की खुशी को मनाने के लिये शिक्षक दिवस एक बड़ा अवसर है। आज के दिनों में इसे स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक और विद्यार्थियों के द्वारा बहुत ही खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। अपने विद्यार्थियों से शिक्षकों को ढ़ेर सारी बधाईयाँ मिलती है। आधुनिक समय में शिक्षक दिवस को अलग तरीके से मनाया जाता है। इस दिन विद्यार्थी बहुत खुश होते हैं और अपने तरीके से अपने पसंदीदा शिक्षक को बधाई देते है। कुछ विद्यार्थी पेन, डॉयरी, कार्ड आदि देकर बधाई देते हैं तो कुछ सोशल नेटवर्किंग साईट जैसे फेसबुक, ट्वीटर, या विडीयो ऑडियो संदेश, ई-मेल, लिखित संदेश या ऑनलाइन बातचीत के द्वारा अपने शिक्षक को बधाई देते हैं।

हमारे जीवन में अपने शिक्षकों की अहमियत और जरुरत को हमें महसूस करना चाहिये और उनके कार्यों को सम्मान देने के लिये हमें हर वर्ष शिक्षक दिवस मनाना चाहिये। हमारे जीवन में माता-पिता से ज्यादा शिक्षक की भूमिका होती है क्योंकि वो हमें सफलता की ओर मोढ़ते हैं। शिक्षक अपने जीवन में खुशी और सफल तभी होते हैं जब उनका विद्यार्थी अपने कार्यों से पूरे विश्वभर में नाम कमाता है। हमें अपने जीवन में शिक्षक के द्वारा पढ़ाये गये सभी पाठ का अनुसरण करना चाहिये।

देश में रहने वाले नागरिकों के भविष्य निर्माण के द्वारा शिक्षक राष्ट्र-निर्माण का कार्य करते है। लेकिन समाज में कोई भी शिक्षकों और उनके योगदान के बारे में नहीं सोचता था। लेकिन ये सारा श्रेय भारत के एक महान नेता डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को जाता है जिन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाने की सलाह दी। 1962 से हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। शिक्षक हमें सिर्फ पढ़ाते ही नहीं है बल्कि वो हमारे व्यक्तित्व, विश्वास और कौशल स्तर को भी सुधारते हैं। वो हमें इस काबिल बनाते हैं कि हम किसी भी कठिनाई और परेशानियों का सामना कर सकें।

Shikshak Diwas par Nibandh – निबंध 3 (500 शब्द)

हमारे जीवन, समाज और देश में शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के लिये हर वर्ष 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक बड़ा कारण है। 5 सितंबर को ही भारत के एक महान व्यक्ति, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन था। वो शिक्षा के प्रति अत्यधिक समर्पित थे और एक अध्येता, राजनयिक, भारत के राष्ट्रपति और खासतौर से एक शिक्षक के रुप में जाने जाते थे। एक बार, 1962 में वह भारत के राष्ट्रपति बने तो कुछ विद्यार्थियों ने 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को मेरा जन्म दिन मनाने के बजाय क्यों नहीं इस दिन को अध्यापन के प्रति मेरे समर्पण के लिये शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाये। उनके इस कथन के बाद पूरे भारत भर में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाने लगा।

ये कहा जाता है कि किसी भी पेशे की तुलना अध्यापन से नहीं की जा सकती। ये दुनिया का सबसे नेक कार्य है। पूरे भारत में शिक्षक दिवस के रुप में इस दिन को मनाने के द्वारा 5 सितंबर को अध्यापन पेशे को समर्पित किया गया है। शिक्षकों को सम्मान देने और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को याद करने के लिये हर साल इसे मनाया जाता है। देश के विकास और समाज में हमारे शिक्षकों के योगदान के साथ ही अध्यापन पेशे की महानता को उल्लेखित करने के लिये हमारे पूर्व राष्ट्रपति के जन्मदिवस को समर्पित किया गया है।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षक थे जिन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष अध्यापन पेशे को दिया है। वो विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के योगदान और भूमिका के लिये प्रसिद्ध थे। इसलिये वो पहले व्यक्ति थे जिन्होंने शिक्षकों के बारे में सोचा और हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाने का अनुरोध किया। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था और 1909 में चेन्नई के प्रेसिडेंसी कॉलेज में अध्यापन पेशे में प्रवेश करने के द्वारा दर्शनशास्त्र शिक्षक के रुप में अपने करियर की शुरुआत की।

उन्होंने देश में बनारस, चेन्नई, कोलकाता, मैसूर जैसे कई प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों तथा विदेशों में लंदन के ऑक्सफोर्ड जैसे विश्वविद्यालयों में दर्शनशास्त्र पढ़ाया है। अध्यापन पेशे के प्रति अपने समर्पण की वजह से उन्हें अपने बहुमूल्य सेवा की पहचान के लिये 1949 में विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति कमीशन के अध्यक्ष के रुप में नियुक्त किया गया। 1962 से शिक्षक दिवस के रुप में 5 सितंबर को मनाने की शुरुआत हुई। अपने महान कार्यों से देश की लंबे समय तक सेवा करने के बाद 17 अप्रैल 1975 को इनका निधन हो गया।

शिक्षक विद्यार्थियो के जीवन के वास्तविक कुम्हार होते हैं जो न सिर्फ हमारे जीवन को आकार देते हैं बल्कि हमें इस काबिल बनाते हैं कि हम पूरी दुनिया में अंधकार होने के बाद भी प्रकाश की तरह जलते रहें। इस वजह से हमारा राष्ट्र ढ़ेर सारे प्रकाश के साथ प्रबुद्ध हो सकता है। इसलिये, देश में सभी शिक्षकों को सम्मान दिया जाता है। अपने शिक्षकों के महान कार्यों के बराबर हम उन्हें कुछ भी नहीं लौटा सकते हालाँकि, हम उन्हें सम्मान और धन्यावाद दे सकते हैं। हमें पूरे दिल से ये प्रतिज्ञा करनी चाहिये कि हम अपने शिक्षक का सम्मान करेंगे क्योंकि बिना शिक्षक के इस दुनिया में हम सभी अधूरे हैं।

Shikshak Diwas par Nibandh -निबंध – 4 (600 शब्द)

शिक्षक दिवस भारत में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को मनाया जाता है। पूरे देशभर में इस दिन विद्यालयो को सजाया जाता है और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विद्यार्थियों के साथ-साथ ही शिक्षक भी इन कार्यक्रमों में पूरे उमंग के साथ भाग लेते है। यह वह दिन होता है जब हमें अपने स्कूली गतिविधियों से छुट्टी मिलती है, ताकि हम अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा ले सके।

शिक्षक दिवस 5 सितंबर को क्यो मानाया जाता है ?

5 सितंबर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन की जयंती है, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णनन स्वतंत्र भारत के पहले उप-राष्ट्रपति थे, उन्होंने सन् 1952 ले लेकर 1962 तक उप-राष्ट्रपति के रुप में देश की सेवा की इसके अलावा 1962 से 1967 तक उन्होंने देश के दूसरे राष्ट्रपति के रुप में भी कार्य किया।

डॉ राधाकृष्णनन शिक्षको का काफी सम्मान करते थे। राजनीती में आने से पहले उन्होंने खुद कलकत्ता विश्वविद्यालय, मैसूर विश्वविद्यालय और आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे कई सारे संस्थानो में पढ़ाया था। उन्हे उनके काम के लिए काफी सराहा जाता था और उन्हे उनके छात्रों द्वारा भी काफी पसंद किया जाता था। उनका मानना था कि शिक्षक वह व्यक्ति होता है, जो युवाओ को देश के भविष्य के रुप में तैयार करता है। यही कारण था कि उन्होंने प्रोफेसर का यह दायित्व इतने लगन से निभाया और अपने छात्रों को सदैव अच्छे संस्कार देने का प्रयास किया।

जब वह हमारे देश के राष्ट्रपति बने तब उनके छात्रों नें हर वर्ष उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा जताई। इसके जवाब में डॉ राधाकृष्णनन ने कहा कि उन्हे इस बात की अधिक प्रसन्नता होगी यदि उनके छात्र 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाये, तब से लेकर आज तक उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक दिवस एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है, यह वह दिन है जिसे हम अपने शिक्षको के प्रयासो और कार्यो के सम्मान के रुप में मनाते हैं। शिक्षण का कार्य विश्व के सबसे कठिन कार्यो में से एक है क्योंकि उनके उपर नौजवानो को शिक्षा देने की जिम्मेदारी होती है। उनके कार्यभार में एक पूरी कक्षा के बच्चे होते है और क्योंकि हर विद्यार्थी दूसरे से अलग होता है और उसकी अपनी क्षमता होती है इसलिए यह कार्य और भी कठिन हो जाता है, कुछ विद्यार्थी खेल-कूद में अच्छे होते है तो कुछ गणित में तो वही कुछ का अंग्रेजी में दिलचस्पी होती है। एक अच्छा शिक्षक हमेशा अपने विद्यार्थियों के रुचि को ध्यान में रखता है और उनकी क्षमताओं को पहचानता है। उन्हे उनके विषय या कार्यो के कौशल को निखारने की शिक्षा देता है ओर इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखता है कि उनकी दूसरी गतिविधियां या विषय ना प्रभावित हो।

यही कारण है कि यह दिन शिक्षको को सम्मान और आभार प्रकट करने के लिए समर्पित किया गया है।

विद्यालयों में शिक्षक दिवस का उत्सव

पूरे भारत भर के स्कूलो में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम काफी उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन विद्यार्थियों द्वारा अपने पसंदीदा शिक्षको की वेषभूषा धारण करके अपने से निचले कक्षाओं में जाया जाता हैं। इस दिन उन्हे अलग-अलग कक्षाएं दी जाती है जहा वह जाकर पढ़ा सकते है। यह छोटे तथा बड़े सभी तरह के विद्यार्थियों के लिए काफी मजेदार दिन होता है। वह पढ़ाने के साथ ही कई सारी दूसरी गतिविधियों में हिस्सा लेते है। इस दौरान सीनियर छात्र इस बात का ध्यान रखते है कि विद्यालय का अनुशासन बना रहे और इसके लिए जूनियर छात्र उनका सहयोग करते हैं।

कई सारे विद्यालयों में जूनियर छात्रों द्वारा भी शिक्षको का वेष धारण करके उनकी भूमिका निभायी जाती है। इस दौरान बेस्ट ड्रेस और रोल प्ले जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, इसके अलावा अन्य कई तरह के कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं (नृत्य, नाटको का मंचन, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता और भाषण) का आयोजन किया जाता है। सामान्यतः इन कार्यक्रमों का आयोजन दिन के दूसरे पहर में किया जाता है, वही पहले पहर यानी लंच के पहले तक सीनियर छात्रों द्वारा कक्षाए ली जाती है और शिक्षक कक्षाओ में आराम करते है तथा इन सभी गतिविधियों का आनंद लेते है।

इस विशेष दिन छात्र-छात्राएं अपने शिक्षको के लिए ग्रीटिंग कार्ड, फूल और तमाम तरह के कई उपहार लाते है, अपने विद्यार्थीयो से इस तरह के तमाम उपहार पाकर शिक्षक भी काफी प्रसन्नता महसूस करते है।

भारत में शिक्षक दिवस शिक्षको के सम्मान में मनाया जाता है, क्योंकि वह पूरे वर्ष मेहनत करते है और चाहते है कि उनके छात्र विद्यालय और अन्य गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करें। इस दिन पूरे देश भर विद्यालयों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों और शिक्षको के रीश्तों को मजबूत बनाते है। वाकई में यह छात्रों और शिक्षको दोनो के लिए ही एक विशेष दिन होता है।

Essay on Teacher's Day in Hindi

मेरे शिक्षक पर निबंध

शिक्षक पर निबंध

FAQs: Frequently Asked Questions

उत्तर – पहला शिक्षक दिवस भारत में 1962 में मनाया गया था।

उत्तर – नेशनल अवॉर्ड फॉर टीचर्स (National Teachers Award) मेधावी शिक्षकों को दिया जाने वाला राष्ट्रीय पुरस्कार है।

उत्तर – भारत के राष्ट्रपति हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार वितरित करते हैं।

उत्तर – विश्व शिक्षक दिवस हर साल 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

संबंधित पोस्ट

मेरी रुचि

मेरी रुचि पर निबंध (My Hobby Essay in Hindi)

धन

धन पर निबंध (Money Essay in Hindi)

समाचार पत्र

समाचार पत्र पर निबंध (Newspaper Essay in Hindi)

मेरा स्कूल

मेरा स्कूल पर निबंध (My School Essay in Hindi)

शिक्षा का महत्व

शिक्षा का महत्व पर निबंध (Importance of Education Essay in Hindi)

बाघ

बाघ पर निबंध (Tiger Essay in Hindi)

  • Now Trending:
  • Nepal Earthquake in Hind...
  • Essay on Cancer in Hindi...
  • War and Peace Essay in H...
  • Essay on Yoga Day in Hin...

HindiinHindi

Teachers day essay in hindi शिक्षक दिवस पर निबंध.

Learn Teachers Day Essay in Hindi in 200 and 300 words. शिक्षक दिवस पर निबंध। 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के बच्चों और विद्यार्थियों के लिए शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में। Students today we are going to discuss a very important topic i.e Teachers Day essay in Hindi. Teachers Day essay in Hindi is asked in many exams. The very short essay on Teachers Day in Hindi 250 words and an essay on teachers day in Hindi in more than 300 words. Learn about Teachers Day essay in Hindi and bring better results in our exam.

Hindiinhindi Teachers Day Essay in Hindi

Teachers Day Essay in Hindi 200 Words – शिक्षक दिवस पर निबंध

विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक का एक विशेष स्थान होता है। शिक्षक हमारी सफलता प्राप्ति के लिये हमें कई प्रकार से मदद करते हैं जैसे हमारे ज्ञान, कौशल के स्तर, विश्वास आदि को बढ़ाते है तथा हमारे जीवन को सही आकार में ढालते हैं। हमारी सफलता के पीछे हमारे शिक्षक का बहुत बड़ा हाथ होता है। जीवन में अच्छा करने के लिये वह हमें हर असंभव कार्य को संभव करने की प्रेरणा देते हैं। इसलिये एक विद्यार्थी के रुप में शिक्षकों के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि कम से कम साल में एक बार उन्हें जरुर धन्यवाद देना चाहिए। भारत में ‘शिक्षक दिवस’ प्रति वर्ष 5 सितम्बर को मनाया जाता है। इस दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिवस होता है। डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षक थे, जिन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष अध्यापन पेशे को दिए हैं।

एक बार कुछ विद्यार्थियों ने 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने के लिये उनसे निवेदन किया लेकिन इस पर उन्होंने कहा कि मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय आप सभी को शिक्षकों के उनके महान योगदान के लिये सभी शिक्षकों को सम्मान देने के लिये इस दिन को शिक्षक दिवस के रुप में मनाना चाहिये। उनके इस कथन के बाद पूरे भारत भर में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाने लगा। 1962 से हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। अपने महान कार्यों और देश की लंबे समय तक सेवा करने के बाद 17 अप्रैल 1975 को उनका निधन हो गया।

Teachers Day Essay in Hindi 300 Words – शिक्षक दिवस पर निबंध

शिक्षक अथवा अध्यापक वह व्यक्ति होता है जो दूसरों को पढ़ा लिखा कर शिक्षा देने का काम करता है । भारत देश सदैव से गुरुओं तथा शिक्षकों का देश रहा है और इस बात पर हमे गर्व है क्योंकि दुनिआ भर में हमारे देश के शिक्षकों ने उच्च स्थान प्राप्त करके सबको भारत की ताकत का आभास कराया है । भारत देश में शिक्षकों, अध्यापकों और गुरुओं का मान सम्मान हमेशा से बहुत अधिक रहा है । पहले अध्यापकों को माता पिता के समान पूजा जाता था पर आजकल स्थिति कुछ बदल गई है, आजकल भारत में भी संसार के अन्य देशों के समान शिक्षा का लेना देना एक प्रकार का व्यवसाय बन कर रहे गया है । यह स्थिति कोई सराहनीय तो नहीं है ।

शिक्षक के महत्व को समझा जाए; शिक्षक श्री शिक्षा देने को व्यवसाय ना मानकर उसे एक पवित्र कार्य या कर्तव्य समझे, शिक्षक का खोया सम्मान उसे फिर से प्राप्त हो जाए या उसे यह सामान दिलाया जा सके – यही भावना रही है शिक्षक दिवस को मनाने के पीछे । शिक्षक दिवस मनाने का संबंध जोड़ा गया देश के राष्ट्रपति रहे महामहिम सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन के जन्म दिवस के साथ, जिनका जन्म 5 सितंबर 1988 को हुआ था, अर्थात तभी से यह दिवस प्रतिवर्ष 5 सितंबर को मनाया जाने लगा । इसके पीछे कारण था उसका आदर्श अध्यापकत्व ।

शिक्षक दिवस के दिन सभी विद्यालयों में सभाएं होती हैं । बच्चों को अध्यापकों के मान सम्मान से संबंधित प्रेरणा दी जाती है। कई विद्यालयों में तो इस दिन विद्यार्थियों को ही अध्यापक का कार्य सौंपा जाता है ताकि उन्हें अध्यापक के कार्य के महत्व का आभास हो सके ।

कई बार प्रांतीय एव राष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किए जाते हैं । इस दिन प्रांतीय एव राष्ट्रीय स्तर पर उच्च आदर्श स्थापित करने वाले अध्यापकों को पुरस्कृत भी किया जाता है । अब तो अध्यापकों के चुनाव में राजनीति का समावेश होने लगा है । यह निंदा का विषय है । इस दिवस के मनाने का मूल उद्देश्य है कि राष्ट्र के निर्माता कहे जाने वाले शिक्षक को उचित सम्मान दिया जाना । यदि हम सच्चे मन से सादगी और राजनैतिक निरपेक्षता से इस दिवस को मनाए तो हम भारत के परंपरागत गुरु-शिष्य परम्परा को सब तरह से पुनर्जीवित कर सकते हैं ।

More Hindi Essay

My School Essay in Hindi

Teachers Day Speech in Hindi

Essay on Teacher in Hindi

Essay on My Favourite Teacher in Hindi

Parishram Hi Safalta Ki Kunji Hai Story in Hindi

Essay on Blackboard in Hindi

Thank you for reading. Don’t forget to give us your feedback.

अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे फेसबुक पेज को लाइक करे।

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on Twitter (Opens in new window)
  • Click to share on LinkedIn (Opens in new window)
  • Click to share on Pinterest (Opens in new window)
  • Click to share on WhatsApp (Opens in new window)

About The Author

teachers day essay 300 words in hindi

Hindi In Hindi

teachers day essay 300 words in hindi

this is a very good essay keep it up

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Email Address: *

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Notify me of follow-up comments by email.

Notify me of new posts by email.

HindiinHindi

  • Cookie Policy
  • Google Adsense
  • CBSE Class 10th

CBSE Class 12th

  • UP Board 10th
  • UP Board 12th
  • Bihar Board 10th
  • Bihar Board 12th
  • Top Schools in India
  • Top Schools in Delhi
  • Top Schools in Mumbai
  • Top Schools in Chennai
  • Top Schools in Hyderabad
  • Top Schools in Kolkata
  • Top Schools in Pune
  • Top Schools in Bangalore

Products & Resources

  • JEE Main Knockout April
  • Free Sample Papers
  • Free Ebooks
  • NCERT Notes

NCERT Syllabus

  • NCERT Books
  • RD Sharma Solutions
  • Navodaya Vidyalaya Admission 2024-25

NCERT Solutions

  • NCERT Solutions for Class 12
  • NCERT Solutions for Class 11
  • NCERT solutions for Class 10
  • NCERT solutions for Class 9
  • NCERT solutions for Class 8
  • NCERT Solutions for Class 7
  • JEE Main 2024
  • JEE Advanced 2024
  • BITSAT 2024
  • View All Engineering Exams
  • Colleges Accepting B.Tech Applications
  • Top Engineering Colleges in India
  • Engineering Colleges in India
  • Engineering Colleges in Tamil Nadu
  • Engineering Colleges Accepting JEE Main
  • Top IITs in India
  • Top NITs in India
  • Top IIITs in India
  • JEE Main College Predictor
  • JEE Main Rank Predictor
  • MHT CET College Predictor
  • AP EAMCET College Predictor
  • TS EAMCET College Predictor
  • KCET College Predictor
  • JEE Advanced College Predictor
  • View All College Predictors
  • JEE Main Question Paper
  • JEE Main Mock Test
  • JEE Main Registration
  • JEE Main Syllabus
  • Download E-Books and Sample Papers
  • Compare Colleges
  • B.Tech College Applications
  • JEE Main Paper 2 Result
  • MAH MBA CET Exam
  • View All Management Exams

Colleges & Courses

  • MBA College Admissions
  • MBA Colleges in India
  • Top IIMs Colleges in India
  • Top Online MBA Colleges in India
  • MBA Colleges Accepting XAT Score
  • BBA Colleges in India
  • XAT College Predictor 2024
  • SNAP College Predictor 2023
  • NMAT College Predictor
  • MAT College Predictor 2024
  • CMAT College Predictor 2024
  • CAT Percentile Predictor 2023
  • CAT 2023 College Predictor
  • CMAT 2024 Registration
  • XAT Cut Off 2024
  • XAT Score vs Percentile 2024
  • CAT Score Vs Percentile
  • Download Helpful Ebooks
  • List of Popular Branches
  • QnA - Get answers to your doubts
  • IIM Fees Structure
  • AIIMS Nursing
  • Top Medical Colleges in India
  • Top Medical Colleges in India accepting NEET Score
  • Medical Colleges accepting NEET
  • List of Medical Colleges in India
  • List of AIIMS Colleges In India
  • Medical Colleges in Maharashtra
  • Medical Colleges in India Accepting NEET PG
  • NEET College Predictor
  • NEET PG College Predictor
  • NEET MDS College Predictor
  • DNB CET College Predictor
  • DNB PDCET College Predictor
  • NEET Application Form 2024
  • NEET PG Application Form 2024
  • NEET Cut off
  • NEET Online Preparation
  • Download Helpful E-books
  • LSAT India 2024
  • Colleges Accepting Admissions
  • Top Law Colleges in India
  • Law College Accepting CLAT Score
  • List of Law Colleges in India
  • Top Law Colleges in Delhi
  • Top Law Collages in Indore
  • Top Law Colleges in Chandigarh
  • Top Law Collages in Lucknow

Predictors & E-Books

  • CLAT College Predictor
  • MHCET Law ( 5 Year L.L.B) College Predictor
  • AILET College Predictor
  • Sample Papers
  • Compare Law Collages
  • Careers360 Youtube Channel
  • CLAT 2024 Exam Live
  • CLAT Result 2024
  • AIBE 18 Result 2023
  • SEED Result 2024
  • UCEED Answer Key 2024
  • CEED Answer Key 2024

Animation Courses

  • Animation Courses in India
  • Animation Courses in Bangalore
  • Animation Courses in Mumbai
  • Animation Courses in Pune
  • Animation Courses in Chennai
  • Animation Courses in Hyderabad
  • Design Colleges in India
  • Fashion Design Colleges in Bangalore
  • Fashion Design Colleges in Mumbai
  • Fashion Design Colleges in Pune
  • Fashion Design Colleges in Delhi
  • Fashion Design Colleges in Hyderabad
  • Fashion Design Colleges in India
  • Top Design Colleges in India
  • Free Design E-books
  • List of Branches
  • Careers360 Youtube channel
  • NIFT College Predictor
  • IPU CET BJMC
  • JMI Mass Communication Entrance Exam
  • IIMC Entrance Exam
  • Media & Journalism colleges in Delhi
  • Media & Journalism colleges in Bangalore
  • Media & Journalism colleges in Mumbai
  • List of Media & Journalism Colleges in India
  • CA Intermediate
  • CA Foundation
  • CS Executive
  • CS Professional
  • Difference between CA and CS
  • Difference between CA and CMA
  • CA Full form
  • CMA Full form
  • CS Full form
  • CA Salary In India

Top Courses & Careers

  • Bachelor of Commerce (B.Com)
  • Master of Commerce (M.Com)
  • Company Secretary
  • Cost Accountant
  • Charted Accountant

Credit Manager

  • Financial Advisor
  • Top Commerce Colleges in India
  • Top Government Commerce Colleges in India
  • Top Private Commerce Colleges in India
  • Top M.Com Colleges in Mumbai
  • Top B.Com Colleges in India
  • IT Colleges in Tamil Nadu
  • IT Colleges in Uttar Pradesh
  • MCA Colleges in India
  • BCA Colleges in India

Quick Links

  • Information Technology Courses
  • Programming Courses
  • Web Development Courses
  • Data Analytics Courses
  • Big Data Analytics Courses
  • RUHS Pharmacy Admission Test
  • Top Pharmacy Colleges in India
  • Pharmacy Colleges in Pune
  • Pharmacy Colleges in Mumbai
  • Colleges Accepting GPAT Score
  • Pharmacy Colleges in Lucknow
  • List of Pharmacy Colleges in Nagpur
  • GPAT Result
  • GPAT 2024 Admit Card
  • GPAT Question Papers
  • NCHMCT JEE 2024
  • Mah BHMCT CET
  • Top Hotel Management Colleges in Delhi
  • Top Hotel Management Colleges in Hyderabad
  • Top Hotel Management Colleges in Mumbai
  • Top Hotel Management Colleges in Tamil Nadu
  • Top Hotel Management Colleges in Maharashtra
  • B.Sc Hotel Management
  • Hotel Management
  • Diploma in Hotel Management and Catering Technology

Diploma Colleges

  • Top Diploma Colleges in Maharashtra
  • UPSC IAS 2024
  • SSC CGL 2024
  • IBPS RRB 2024
  • Previous Year Sample Papers
  • Free Competition E-books
  • Sarkari Result
  • QnA- Get your doubts answered
  • UPSC Previous Year Sample Papers
  • CTET Previous Year Sample Papers
  • SBI Clerk Previous Year Sample Papers
  • NDA Previous Year Sample Papers

Upcoming Events

  • NDA Application Form 2024
  • UPSC IAS Application Form 2024
  • CDS Application Form 2024
  • CTET Admit card 2024
  • HP TET Result 2023
  • SSC GD Constable Admit Card 2024
  • UPTET Notification 2024
  • SBI Clerk Result 2024

Other Exams

  • SSC CHSL 2024
  • UP PCS 2024
  • UGC NET 2024
  • RRB NTPC 2024
  • IBPS PO 2024
  • IBPS Clerk 2024
  • IBPS SO 2024
  • Top University in USA
  • Top University in Canada
  • Top University in Ireland
  • Top Universities in UK
  • Top Universities in Australia
  • Best MBA Colleges in Abroad
  • Business Management Studies Colleges

Top Countries

  • Study in USA
  • Study in UK
  • Study in Canada
  • Study in Australia
  • Study in Ireland
  • Study in Germany
  • Study in China
  • Study in Europe

Student Visas

  • Student Visa Canada
  • Student Visa UK
  • Student Visa USA
  • Student Visa Australia
  • Student Visa Germany
  • Student Visa New Zealand
  • Student Visa Ireland
  • CUET PG 2024
  • IGNOU B.Ed Admission 2024
  • DU Admission
  • UP B.Ed JEE 2024
  • DDU Entrance Exam
  • IIT JAM 2024
  • CUET Registration 2024 Live
  • Universities in India 2023
  • Top Universities in India 2023
  • Top Colleges in India
  • Top Universities in Uttar Pradesh 2023
  • Top Universities in Bihar 2023
  • Top Universities in Madhya Pradesh 2023
  • Top Universities in Tamil Nadu 2023
  • Central Universities in India
  • CUET PG Admit Card 2024
  • IGNOU Date Sheet
  • CUET Mock Test 2024
  • CUET Application Form 2024
  • CUET PG Syllabus 2024
  • CUET Participating Universities 2024
  • CUET Previous Year Question Paper
  • ICAR AIEEA Previous Year Question Papers
  • E-Books and Sample Papers
  • CUET Exam Pattern 2024
  • CUET Exam Date 2024
  • CUET Syllabus 2024
  • IGNOU Exam Form 2024
  • IGNOU Result 2023
  • CUET PG Courses 2024

Engineering Preparation

  • Knockout JEE Main 2024
  • Test Series JEE Main 2024
  • JEE Main 2024 Rank Booster

Medical Preparation

  • Knockout NEET 2024
  • Test Series NEET 2024
  • Rank Booster NEET 2024

Online Courses

  • JEE Main One Month Course
  • NEET One Month Course
  • IBSAT Free Mock Tests
  • IIT JEE Foundation Course
  • Knockout BITSAT 2024
  • Career Guidance Tool

Top Streams

  • IT & Software Certification Courses
  • Engineering and Architecture Certification Courses
  • Programming And Development Certification Courses
  • Business and Management Certification Courses
  • Marketing Certification Courses
  • Health and Fitness Certification Courses
  • Design Certification Courses

Specializations

  • Digital Marketing Certification Courses
  • Cyber Security Certification Courses
  • Artificial Intelligence Certification Courses
  • Business Analytics Certification Courses
  • Data Science Certification Courses
  • Cloud Computing Certification Courses
  • Machine Learning Certification Courses
  • View All Certification Courses
  • UG Degree Courses
  • PG Degree Courses
  • Short Term Courses
  • Free Courses
  • Online Degrees and Diplomas
  • Compare Courses

Top Providers

  • Coursera Courses
  • Udemy Courses
  • Edx Courses
  • Swayam Courses
  • upGrad Courses
  • Simplilearn Courses
  • Great Learning Courses

Popular Searches

Access premium articles, webinars, resources to make the best decisions for career, course, exams, scholarships, study abroad and much more with

Plan, Prepare & Make the Best Career Choices

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day essay in hindi): शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्दों में लिखें

भारत जैसे देश में गुरुओं को हमेशा से विशेष स्थान दिया गया है। यहाँ तक कि उन्हें भगवान और माता-पिता से भी ऊपर का स्थान दिया गया है। ऐसे में शिक्षक दिवस भारत देश में कोई आम दिन नहीं रह जाता। देश भर में शिक्षकों और गुरुओं के प्रति अगाध आस्था है जिसके चलते उनको बहुत सम्मान दिया जाता है और शिक्षक दिवस भारत देश में विशेष महत्व का दिन बन जाता है। यही वजह है कि शिक्षक दिवस पर भारत के हर छोटे-बड़े स्कूल, कोचिंग सेंटर, कॉलेज आदि के छात्र इस दिन को विशेष बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी अपने गुरुओं, शिक्षकों तथा मार्गदर्शकों को याद करते हैं। इस निबंध में शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है, शिक्षक दिवस पर निबंध कैसे तैयार करें, शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day essay in Hindi) तैयार करने के लिए उपयोगी सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

शिक्षक दिवस पर निबंध (essay on teachers day in hindi)

शिक्षक दिवस कब और क्यों मनाते हैं, शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन (10 lines on teachers day in hindi), शिक्षक दिवस कोट्स (teachers day quotes in hindi).

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day essay in hindi): शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्दों में लिखें

शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी अपने जीवन में शिक्षकों के योगदान और उनसे जुड़े अपने अनुभव साझा करते हैं, गुरुओं के महत्व और इसे मनाए जाने के कारण को भी शिक्षक दिवस पर दिए जाने वाले भाषणों में जगह दी जाती है। इस दिन आयोजित किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान छात्र अपने शिक्षकों के सामने शिक्षक दिवस पर भाषण (shikshak divas per speech) भी देते हैं। कई जगहों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है, जहां छात्रों को शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्दों में या फिर शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन (10 lines on teachers day in hindi) में बोलने के लिए कहा जाता है। इसके अलावा इस दिन के विशेष महत्व की वजह से कई बार स्कूलों में परीक्षा में शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (teachers day essay in hindi) लिखने के लिए भी कहा जाता है।

ये भी देखें :

  • स्वामी विवेकानंद पर निबंध पढ़ें
  • शिक्षक दिवस पर भाषण पढ़ने के लिए देखे

कुल मिलाकर देखा जाए तो शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak din nibandh) एक ऐसा विषय है जिस पर हर छात्र से कभी न कभी प्रश्न तो पूछा ही जाता रहा है। कभी किसी परीक्षा में अच्छे अंकों के लिए शिक्षक दिवस पर निबंध (essay on teachers day in hindi) लिखने को कहा जाता है, तो कभी सर्दी या गर्मियों की छुट्टियों में होमवर्क के तौर पर शिक्षक दिवस पर निबंध (essay on teachers day in hindi) लिखने का कार्य दे दिया जाता है। इसके अलावा कभी-कभी तो रिश्तेदारों के सामने अभिभावक ही बच्चों से शिक्षक दिवस पर निबंध (essay on teachers day in hindi) लिखने या शिक्षक दिवस भाषण देने या शिक्षक दिवस पर विचार व्यक्त करने को कह देते हैं। कुछ ऐसे भी छात्र होते हैं जिनकी हिंदी बेहतर नहीं होती है, ऐसे में उन्हें शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (teachers day essay in hindi) या फिर शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में (teachers day speech in hindi) तैयार करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। असल में शिक्षक दिवस पर निबंध और शिक्षक दिवस पर भाषण की सामग्री में विशेष अंतर नहीं होता, अंतर होता है अभिव्यक्ति के माध्य में। शिक्षक दिवस पर निबंध में विचार जहाँ लिखकर व्यक्त किए जाते हैं, वहीं शिक्षक दिवस पर भाषण में उन्हें बोलकर बताया जाता है। शिक्षक दिवस पर भाषण में विचार जिस मंच पर साझा किया जाना है, उसके श्रोताओं का भाषण के शुरू और अंत में अभिवादन करने की भी आवश्यकता होती है। शेष बातें शिक्षक दिवस पर निबंध और भाषण में एक जैसी ही रहेंगी।

ये भी पढ़ें : हिंदी में निबंध- भाषा कौशल, लिखने का तरीका जानें

यही वजह है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर पूर्ण ज्ञान प्रदान करने और आपकी जानकारी को बढ़ाने के लिए हम इस 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak din nibandh) लिखने का छोटा सा प्रयास कर रहे हैं। शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak din nibandh) से आपके अंदर न सिर्फ शिक्षक दिवस पर निबंध (teachers day essay in hindi), बल्कि अन्य विषयों पर भी निबंध को लिखने की एक समझ विकसित होगी, जिससे आपका मनोबल भी ऊंचा होगा। हालांकि, हम आपसे अनुरोध करेंगे कि बजाय इसके कि आप इस शिक्षक दिवस निबंध (shikshak diwas nibandh) को पूरा कॉपी करें, बेहतर होगा कि इस शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak diwas par nibandh) का उपयोग, बस ज्ञान लेने व शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (shikshak diwas essay in hindi) लिखने व समझने की सामग्री के तौर पर करें। ऐसा इसलिए क्योंकि इस विषय को बेहतर तरीके से समझ लेने से न सिर्फ आप आज, बल्कि भविष्य में भी अपने चयनित शब्दों में एक बेहतरीन शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak din nibandh) लिखने के साथ-साथ शिक्षक दिवस पर भाषण भी बेहद आसानी से लिख व दे पाएंगे। इस लेख में शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्दों (teachers day essay in hindi in 100 words) में या फिर शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन (10 lines on teachers day in hindi) लिखने या बोलने हेतु शिक्षक दिवस के लिए सभी महत्वपूर्ण बिंदु भी दिए गए हैं, जोकि आपको इस लेख के अंत में मिलेंगे।

महत्वपूर्ण लेख :

  • 10 वीं के बाद लोकप्रिय कोर्स
  • 12 वीं के बाद लोकप्रिय कोर्स
  • 10वीं क्लास से नीट की तैयारी कैसे करें

शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak diwas par nibandh) की शुरुआत करने से पहले आइए सबसे पहले शिक्षक दिवस के इस मौके पर पूज्य शिक्षकों की स्तुति करते हुए शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करें। इसके लिए दोनों हाथों को जोड़कर निम्नलिखित मंत्रों का पाठ करें :

1 - गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर:।

गुरुर्साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरुवे नम:।।

2 - ॥ॐ वेदाहि गुरु देवाय विद्महे परम गुरुवे धीमहि तन्नौ: गुरु: प्रचोदयात्॥

आपको बताते चलें कि निम्नलिखित लेख शिक्षक दिवस पर निबंध (essay on teachers day) के प्रारूप में लिखा गया है। हालांकि आप इसका उपयोग शिक्षक दिवस पर भाषण हिंदी में (teachers day speech in hindi) देने के लिए भी कर सकते हैं। शिक्षक दिवस पर भाषण (shikshak divas per speech) देने से पहले निम्नलिखित निबंध से पहले भाषण स्थल पर मौजूद अतिथि व दर्शकों / श्रोताओं का अभिवादन करें। इसके बाद निम्नलिखित शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak divas nibandh) का उपयोग आप शिक्षक दिवस पर भाषण (shikshak divas per speech) की तरह कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण लेख:

  • बिहार बोर्ड 10वीं टाईमटेबल देखें
  • छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं टाइम टेबल
  • एमपी बोर्ड 10वीं टाईमटेबल देखें
  • एमपी बोर्ड 12वीं टाईमटेबल देखें

शिक्षक दिवस का क्या महत्व है? (Importance of teachers day)

शिक्षक का हर मानव के जीवन में विशेष स्थान होता है। यह शिक्षक ही है, जो किसी मनुष्य को इंसान बनाता है। शिक्षक का स्थान मानव जीवन में भगवान और माता-पिता से भी ऊपर है। यही वजह है कि शिक्षक के बारे में जितना भी कहा जाए कम ही है। तभी तो स्वयं कबीर दास जी इस विषय पर कहते हैं:-

सब धरती कागज करूँ, लिखनी सब बनराय।

सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाय॥

इसका अर्थ यह है कि यदि सम्पूर्ण पृथ्वी को कागज के रूप में परिवर्तित कर दिया जाए, साथ ही सातों समुद्र की स्याही बना ली जाए और क्यों न सभी जंगलों की कलम भी बना ली जाए, लेकिन इसके बावजूद भी शिक्षक की महिमा का संपूर्ण गुण-गान किया जा सके, यह मुमकिन नहीं है।

भारत में प्राचीन काल से ही गुरु-शिष्य की परंपरा का बहुत अधिक महत्व रहा है। हमारी संस्कृति के निमार्ण में गुरु-शिष्य परंपरा का बहुत अधिक योगदान है। मानव के जीवन निर्माण के सभी स्तंभों में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसलिए ही कहा जाता है कि -

गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु गुरुर्देवो महेश्वर:।

शिक्षक अपने शिष्य के जीवन के साथ साथ उसके चरित्र निर्माण में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। कहा जाता है कि इंसान की सबसे पहली गुरु उसकी माँ होती है, जो अपने बच्चों को जीवन प्रदान करने के साथ-साथ जीवन के आधार का ज्ञान भी देती है। इसके बाद अन्य शिक्षकों का स्थान होता है। किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण करना बहुत ही विशाल और कठिन कार्य है। व्यक्ति को शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उसके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना उसी प्रकार का कार्य है, जैसे कोई कुम्हार मिट्टी से बर्तन बनाने का कार्य करता है। इसी प्रकार शिक्षक अपने छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के साथ साथ उसके व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। इसलिए ही कबीर कहते हैं :

गुरु कुम्हार शिष कुंभ है, गढ़ि-गढ़ि काढ़ै खोट।

अन्तर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट॥

इस दोहे का अर्थ यह है कि शिक्षक उस कुम्हार की तरह है जो अपने छात्र रूपी घड़े की कमियों को दूर करने के लिए भीतर से हाथ का सहारा देकर बाहर से थापी से चोट करता है। ठीक इसी तरह शिक्षक भी कभी-कभी शिक्षक छात्रों पर क्रोध करके भी उसके चरित्र का निर्माण करते हैं तथा उन्हें बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। यही वजह है कि शिक्षक और शिक्षक दिवस का महत्व भारतीय संस्कृति में कहीं ज्यादा है।

यह तो हुई शिक्षक की विशेषताओं के बारें में चर्चा अब शिक्षक दिवस का आरंभ और यह क्यों मनाया जाता है, इसके बारे में विचार करते हैं।

भारत में भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण के जन्म दिवस अर्थात 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने अपने छात्रों से अपने जन्म दिवस पर शिक्षक दिवस मनाने की इच्छा जताई थी। पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ. राधाकृष्‍णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वे बचपन से ही किताबें पढ़ने के शौकीन थे और स्वामी विवेकानंद से काफी प्रभावित थे। डॉ. राधाकृष्णन का निधन चेन्नई में 17 अप्रैल, 1975 को हुआ था। भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण के सम्मान में ही उनके जन्म दिवस पर भारत में शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत हुई। भारत में सबसे पहले शिक्षक दिवस 5 सितंबर, 1962 को मनाया गया था।

वैसे तो विश्व भर में 100 से भी अधिक देशों में शिक्षक दिवस मनाया जाता है, मगर अन्य देशों में यह दिवस अलग-अलग दिन पर मनाया जाता है। भारत में यह दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में मनाया जाता है। इस दिन विश्व के सभी शिक्षकों को उनके बहुमूल्य योगदान के लिए भी सम्मानित किया जाता है।

शिक्षक, शिक्षक दिवस और जनहित में उनका योगदान

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण कहा करते थे कि : “पुस्तकें वह साधन हैं, जिनके माध्यम से हम विभिन्न संस्कृतियों के मध्य पुल बनाने का कार्य कर सकते हैं।”

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण का यह कथन न सिर्फ सत्य और अपने आप में प्रासंगिक है, बल्कि दो संस्कृतियों के साथ-साथ मनुष्यों के मध्य भी बेहतर संबंधों का निर्माण करने हेतु शिक्षा बहुत आवश्यक है।

शिक्षा के प्रसार से ही किसी समाज या किसी देश का निर्माण हो सकता है। शिक्षित होना हमेशा से बहुत महत्वपूर्ण रहा है। बेहतर जीवन की परिकल्पना में शिक्षा आधार का कार्य करती है। इसके साथ ही एक बेहतर मनुष्य होने में भी शिक्षा एक महत्वपूर्ण किरदार अदा करती है। यह मनुष्य को दूरद्रष्टा बनाकर उसके भीतर विचारों के प्रवाह को सही दिशा प्रदान करने जैसा जरूरी कार्य करती है, लेकिन यह केवल तभी संभव है जब मनुष्य को एक सही शिक्षक मिले जो उसे सही दिशा प्रदान करे। मनुष्य को योग्य बनाने का कार्य शिक्षक द्वारा ही किया जाता है।

शिक्षक हमारे जीवन में मार्गदर्शन का कार्य करते हैं। जीवन में आने वाले संघर्षों का तटस्थता के साथ सामना करने के लिए हमें शिक्षक ही तैयार करते हैं। ताकि हम कभी जीवन में किसी के सामने न झुकें। बेहतर जीवन की परिकल्पना शिक्षा के बिना अधूरी है और शिक्षा के साथ-साथ जीवन में मौलिकता तथा शिष्टाचार प्राप्त करना भी बेहद जरुरी है। शिक्षित होने के साथ-साथ व्यक्ति का शिष्ट होना बेहद आवश्यक है, यदि व्यक्ति शिष्ट है तब ही तो वह मानव है और यदि नहीं है तो उसे पशु की उपाधि दी जाती है। यह शिष्टता प्राप्त करने के लिए ही हम गुरु के सानिध्य में आते है, ताकि हम बेहतर जीवन प्राप्त करने के साथ-साथ बेहतर इंसान भी बन सके। इसिलए भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्ण जी कहते थे :

“भगवान हम सबके भीतर है, महसूस करता है और कष्ट सहता है और समय के साथ उनके गुण, ज्ञान, सौन्दर्य और प्रेम हममें से हर एक के मन में उजागर होंगे”

शिक्षक दिवस मूलतः इसलिए मनाया जाता है, ताकि हम अपने सभी शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता जता सकें। उन्हें हमें बेहतर शिक्षा प्रदान करने तथा हमारे व्यतित्व का निर्माण करने के लिए धन्यवाद देना ही इस दिन को मनाने का उद्देश्य है। एक राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों का योगदान अतुल्य है, जिसके लिए उनका जितना भी धन्यवाद किया जाए कम है। एक राष्ट्र विकसित तब ही हो सकता है, जब उसके शिक्षक योग्य हों। वैसे तो विश्व के सभी शिक्षक पूजनीय हैं, मगर कुछ शिक्षक ऐसे भी हुए जिन्होंने अपने कार्यों से भारत को सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाने का कार्य किया। वैसे तो इनकी सूची लंबी है, मगर इसमें राजा राम मोहन राय, स्वामी विवेकानंद, डॉ भीम राव अम्बेडकर, मौलाना अब्दुल कलाम आज़ाद, एपीजे अब्दुल कलाम ऐसे शिक्षक थे, जिन्होंने अपने राष्ट्र के निर्माण में अनंत योगदान प्रदान किया।

सामाजिक तौर पर मनुष्य का साथ रहना, मनुष्य का स्वभाव है। समाज कई लोगों से मिलकर बनता है, जिसमें अच्छे व बुरे, दोनों ही तरह के लोग होते हैं। जाहिर है कि अच्छे लोगों ने समाज को कुछ बेहतर बनाने की कोशिश की, तो वहीं बुरे लोगों की वजह से समाज में बुराइयाँ, कुंठा, घृणा, कुरीतियाँ आदि जैसी चीजों ने भी जन्म लिया। ऐसे में हमारे शिक्षकों ने अपने योगदान के माध्यम से उन कुंठाओ, कुरीतियों, अज्ञानता आदि को दूर करने का प्रयास किया है। आज भी हमारे देश में कई ऐसे शिक्षकों के उदाहरण मिलते हैं, जिनके बारे में सुनकर हमारा ह्रदय गौरवान्वित हो उठता है। अभी हाल ही में सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक का उदाहरण हमारे सामने आया, जो लद्दाख जैसे सुदूर क्षेत्र में शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ नए-नए अविष्कार भी कर रहे हैं। यह केवल एक उदाहरण है। ऐसे हमारे देश में ऐसे न जाने कितने उदाहरण होंगे जिसका हमें पता तक नहीं चल पाता है। देखा जाए तो शिक्षक एक राष्ट्र या समाज के वो सुपरहीरोज हैं, जो अपनी पहचान के लिए तरसे बगैर लगातार समाज को बेहतर करने का निरंतर प्रयास करते रहते हैं।

हमारे शिक्षकों का ही योगदान है जो आज हमारा देश तेजी से सफलता के मार्ग पर अग्रसर है। आज विश्वभर में भारतीय हर क्षेत्र में अपने देश का नाम रौशन कर रहें है। आज विश्व का हर चौथा डॉक्टर या इंजीनियर एक भारतीय ही है। विज्ञान के क्षेत्र में हम अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियों के समकक्ष खड़े हैं। राजनीति, अर्थशास्त्र, कला आदि क्षेत्रों में भी भारतीयों के कार्य को विश्वभर में सराहा जाता है और न जाने कितने ही भारतीय इन क्षेत्रों में विश्व के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इसके अलावा इस देश की साक्षरता दर 77.7 प्रतिशत है। मगर इतना कुछ एक विकासशील देश के लिए आखिर मुमकिन हो कैसे पाया? जाहिर है, यह मुकाम हमारे देश के शिक्षकों के बगैर नामुमकिन था, जिसक लिए उनका जितना भी धन्यवाद किया जा सके, उतना कम है। शिक्षकों के बिना एक स्वस्थ और शालीन समाज व राष्ट्र की कल्पना भी बेईमानी है।

अन्य लेख पढ़ें-

  • प्रदूषण पर निबंध
  • बाल दिवस पर हिंदी में भाषण
  • हिंदी दिवस पर कविता
  • दशहरा पर निबंध

हम उम्मीद करते हैं कि शिक्षक दिवस निबंध (essay on teachers day in hindi) आपको पसंद आया होगा। हालांकि इसके बावजूद भी कई ऐसे छात्र होंगे, जो किसी परीक्षा के दृष्टिकोण से शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak diwas nibandh) लिखने की सोच रहे हैं, ऐसे में वे भविष्य में शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak diwas nibandh) लिखने के लिए नीचे दिए गए 10 महत्वपूर्ण बिन्दुओं या फिर कहें तो शिक्षक दिवस पर पैराग्राफ (paragraph on teachers day in hindi) को याद रख सकते हैं तथा अपनी सुविधा अनुसार इसे विस्तृत कर परीक्षा में लिख सकते हैं। साथ ही इन 10 महत्वपूर्ण बिन्दुओं को याद रखने से आपको शिक्षक दिवस पर भाषण (teachers day speech in hindi) लिखने में भी सहायता मिलेगी। इसके अलावा इन बिंदुओं की सहायता लेते हुए छात्र छोटे लेख जैसे कि शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्दों में (shikshak diwas par nibandh) भी लिख सकते हैं। शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन (10 lines on teachers day in hindi) में ये रहे :

भारत में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण के जन्म दिवस अर्थात 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। उन्होंने अपने छात्रों से अपने जन्म दिवस पर शिक्षक दिवस मनाने की इच्छा जताई थी।

पूर्व राष्‍ट्रपति डॉ राधाकृष्‍णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

डॉ राधाकृष्‍णन का देहांत चेन्नई में 17 अप्रैल, 1975 को हुआ था।

भारत में सबसे पहले शिक्षक दिवस 5 सितंबर, 1962 को मनाया गया था।

भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस विश्व भर के 100 से भी अधिक देशों में मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस के दिन देश भर के शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के सम्मान में छात्रों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

छात्र इस दौरान अपने शिक्षकों के सम्मान में, उनकी महत्ता का बखान करते हुए शिक्षक दिवस पर भाषण देते हैं। साथ ही कई जगहों पर इस दिन छात्र अपने शिक्षकों को उपहार भी भेंट में देते हैं।

एक राष्ट्र विकसित तब ही हो सकता है, जब उसके शिक्षक योग्य हों।

शिक्षकों के बगैर इस देश का विकास नामुमकिन था, जिसक लिए उनका जितना भी धन्यवाद किया जा सके, उतना कम है। शिक्षकों के बिना एक स्वस्थ और शालीन समाज व राष्ट्र की कल्पना भी बेईमानी है।

हम आशा करते हैं कि शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak diwas par nibandh) या फिर कहें तो शिक्षक दिवस पर भाषण (shikshak diwas par speech) से निबंध/भाषण संबंधी आपकी सभी शंकाओं का समाधान हो गया होगा। आपको बताते चलें कि शिक्षक दिवस पर निबंध / शिक्षक दिवस पर भाषण (shikshak diwas par nibandh / shikshak diwas par speech) के साथ-साथ आप अन्य विषयों पर भी हमारे लिखे निबंध / भाषण इस लेख में उपलब्ध लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं। शिक्षक दिवस पर निबंध / शिक्षक दिवस पर भाषण (shikshak diwas par nibandh / shikshak diwas par speech) के अलावा कई छात्र शिक्षक दिवस को विशेष बनाने के लिए रंग-बिरंगे पोस्टर्स तैयार करते हैं, जिस पर वे शिक्षकों को लेकर महापुरुषों के कथन / विचार (teachers day quotes) चाहते तो हैं, मगर उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में इस लेख में शिक्षक दिवस पर निबंध (shikshak diwas par nibandh) के अलावा दस शिक्षक दिवस कोट्स (teachers day quotes) नीचे दिए हैं -

इन्हें भी देखें :

सीबीएसई क्लास 10वीं सैंपल पेपर

यूके बोर्ड 10वीं डेट शीट

यूपी बोर्ड 10वीं एडमिट कार्ड

आरबीएसई 10वीं का सिलेबस

Frequently Asked Question (FAQs)

भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है ।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण ने अपने जन्म दिवस अर्थात 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की इच्छा व्यक्त की थी। उनके सम्मान में ही भारत में प्रत्येक वर्ष उनकी जन्मतिथि को शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्ण के जन्म दिवस अर्थात 5 सितम्बर 1962 को पहला शिक्षक दिवस मनाया गया था ।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वाधान में मनाया जाता है।

भारत की साक्षरता दर 77.7 प्रतिशत है।

शिक्षक दिवस पर निबंध (essay on teachers day in hindi) की शुरुआत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन परिचय से की जा सकती है। इसके बाद व्यक्तिगत जीवन में शिक्षकों के महत्व के साथ-साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान के लिए उनका धन्यवाद करते हुए इसे खत्म किया जा सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

1962 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला तो उनके छात्र 5 सितंबर को एक विशेष दिन के रूप में मनाने की अनुमति मांगने के लिए उनके पास पहुंचे। उन्होंने छात्रों से समाज में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को बताने के लिए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया। उसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

  • Latest Articles
  • Popular Articles

Explore Premium

Exam preparation: get over self-doubt with these effective measures, gandhian principles can aid mental well-being, every student should build on these must have skills, arduous dance holding on and letting go your teens, competition and comparison: how can parents help kids to avoid the maze, building a support system: help and assistance available for the orphaned youth, homeostasis: maintenance of internal balance, trigonometry: where do we see it being used in real-life, artificial rain: concept and techniques, upcoming school exams, madhya pradesh board 12th examination.

Exam Date : 05 February,2024 - 04 March,2024

National Means Cum-Merit Scholarship

Application Date : 19 February,2024 - 01 March,2024

Jharkhand Academic Council 10th Examination

Exam Date : 27 February,2024 - 10 March,2024

Jharkhand Academic Council 12th Examination

Central board of secondary education class 10th examination.

Exam Date : 01 March,2024 - 01 March,2024

Explore Career Options (By Industry)

  • Construction
  • Entertainment
  • Manufacturing
  • Information Technology

Data Administrator

Database professionals use software to store and organise data such as financial information, and customer shipping records. Individuals who opt for a career as data administrators ensure that data is available for users and secured from unauthorised sales. DB administrators may work in various types of industries. It may involve computer systems design, service firms, insurance companies, banks and hospitals.

Bio Medical Engineer

The field of biomedical engineering opens up a universe of expert chances. An Individual in the biomedical engineering career path work in the field of engineering as well as medicine, in order to find out solutions to common problems of the two fields. The biomedical engineering job opportunities are to collaborate with doctors and researchers to develop medical systems, equipment, or devices that can solve clinical problems. Here we will be discussing jobs after biomedical engineering, how to get a job in biomedical engineering, biomedical engineering scope, and salary. 

Ethical Hacker

A career as ethical hacker involves various challenges and provides lucrative opportunities in the digital era where every giant business and startup owns its cyberspace on the world wide web. Individuals in the ethical hacker career path try to find the vulnerabilities in the cyber system to get its authority. If he or she succeeds in it then he or she gets its illegal authority. Individuals in the ethical hacker career path then steal information or delete the file that could affect the business, functioning, or services of the organization.

Data Analyst

The invention of the database has given fresh breath to the people involved in the data analytics career path. Analysis refers to splitting up a whole into its individual components for individual analysis. Data analysis is a method through which raw data are processed and transformed into information that would be beneficial for user strategic thinking.

Data are collected and examined to respond to questions, evaluate hypotheses or contradict theories. It is a tool for analyzing, transforming, modeling, and arranging data with useful knowledge, to assist in decision-making and methods, encompassing various strategies, and is used in different fields of business, research, and social science.

Water Manager

A career as water manager needs to provide clean water, preventing flood damage, and disposing of sewage and other wastes. He or she also repairs and maintains structures that control the flow of water, such as reservoirs, sea defense walls, and pumping stations. In addition to these, the Manager has other responsibilities related to water resource management.

Geothermal Engineer

Individuals who opt for a career as geothermal engineers are the professionals involved in the processing of geothermal energy. The responsibilities of geothermal engineers may vary depending on the workplace location. Those who work in fields design facilities to process and distribute geothermal energy. They oversee the functioning of machinery used in the field.

Geotechnical engineer

The role of geotechnical engineer starts with reviewing the projects needed to define the required material properties. The work responsibilities are followed by a site investigation of rock, soil, fault distribution and bedrock properties on and below an area of interest. The investigation is aimed to improve the ground engineering design and determine their engineering properties that include how they will interact with, on or in a proposed construction. 

The role of geotechnical engineer in mining includes designing and determining the type of foundations, earthworks, and or pavement subgrades required for the intended man-made structures to be made. Geotechnical engineering jobs are involved in earthen and concrete dam construction projects, working under a range of normal and extreme loading conditions. 

Operations Manager

Individuals in the operations manager jobs are responsible for ensuring the efficiency of each department to acquire its optimal goal. They plan the use of resources and distribution of materials. The operations manager's job description includes managing budgets, negotiating contracts, and performing administrative tasks.

Budget Analyst

Budget analysis, in a nutshell, entails thoroughly analyzing the details of a financial budget. The budget analysis aims to better understand and manage revenue. Budget analysts assist in the achievement of financial targets, the preservation of profitability, and the pursuit of long-term growth for a business. Budget analysts generally have a bachelor's degree in accounting, finance, economics, or a closely related field. Knowledge of Financial Management is of prime importance in this career.

Product Manager

A Product Manager is a professional responsible for product planning and marketing. He or she manages the product throughout the Product Life Cycle, gathering and prioritising the product. A product manager job description includes defining the product vision and working closely with team members of other departments to deliver winning products.  

Investment Banker

An Investment Banking career involves the invention and generation of capital for other organizations, governments, and other entities. Individuals who opt for a career as Investment Bankers are the head of a team dedicated to raising capital by issuing bonds. Investment bankers are termed as the experts who have their fingers on the pulse of the current financial and investing climate. Students can pursue various Investment Banker courses, such as Banking and Insurance , and  Economics to opt for an Investment Banking career path.

Underwriter

An underwriter is a person who assesses and evaluates the risk of insurance in his or her field like mortgage, loan, health policy, investment, and so on and so forth. The underwriter career path does involve risks as analysing the risks means finding out if there is a way for the insurance underwriter jobs to recover the money from its clients. If the risk turns out to be too much for the company then in the future it is an underwriter who will be held accountable for it. Therefore, one must carry out his or her job with a lot of attention and diligence.

Finance Executive

A career as a Finance Executive requires one to be responsible for monitoring an organisation's income, investments and expenses to create and evaluate financial reports. His or her role involves performing audits, invoices, and budget preparations. He or she manages accounting activities, bank reconciliations, and payable and receivable accounts.  

Credit Management refers to the process of granting credit, setting the terms it’s granted on, recovering the credit when it’s due, and confirming compliance with the organization's credit policy, among other credit-related operations. Individuals who opt for a career as Credit Manager should have hands-on experience with accounting software, a solid understanding of lending procedures, excellent analytical skills with the ability to create and process financial spreadsheets, negotiation skills, and a bachelor’s or master’s degree in a field relevant to finance or accounting. Ultimately, Credit Management job is to help organizations minimize bad debts and increase revenues from the loan.

Welding Engineer

Welding Engineer Job Description: A Welding Engineer work involves managing welding projects and supervising welding teams. He or she is responsible for reviewing welding procedures, processes and documentation. A career as Welding Engineer involves conducting failure analyses and causes on welding issues. 

Transportation Planner

A career as Transportation Planner requires technical application of science and technology in engineering, particularly the concepts, equipment and technologies involved in the production of products and services. In fields like land use, infrastructure review, ecological standards and street design, he or she considers issues of health, environment and performance. A Transportation Planner assigns resources for implementing and designing programmes. He or she is responsible for assessing needs, preparing plans and forecasts and compliance with regulations.

Conservation Architect

A Conservation Architect is a professional responsible for conserving and restoring buildings or monuments having a historic value. He or she applies techniques to document and stabilise the object’s state without any further damage. A Conservation Architect restores the monuments and heritage buildings to bring them back to their original state.

Safety Manager

A Safety Manager is a professional responsible for employee’s safety at work. He or she plans, implements and oversees the company’s employee safety. A Safety Manager ensures compliance and adherence to Occupational Health and Safety (OHS) guidelines.

A Team Leader is a professional responsible for guiding, monitoring and leading the entire group. He or she is responsible for motivating team members by providing a pleasant work environment to them and inspiring positive communication. A Team Leader contributes to the achievement of the organisation’s goals. He or she improves the confidence, product knowledge and communication skills of the team members and empowers them.

Structural Engineer

A Structural Engineer designs buildings, bridges, and other related structures. He or she analyzes the structures and makes sure the structures are strong enough to be used by the people. A career as a Structural Engineer requires working in the construction process. It comes under the civil engineering discipline. A Structure Engineer creates structural models with the help of computer-aided design software. 

Individuals in the architecture career are the building designers who plan the whole construction keeping the safety and requirements of the people. Individuals in architect career in India provides professional services for new constructions, alterations, renovations and several other activities. Individuals in architectural careers in India visit site locations to visualize their projects and prepare scaled drawings to submit to a client or employer as a design. Individuals in architecture careers also estimate build costs, materials needed, and the projected time frame to complete a build.

Landscape Architect

Having a landscape architecture career, you are involved in site analysis, site inventory, land planning, planting design, grading, stormwater management, suitable design, and construction specification. Frederick Law Olmsted, the designer of Central Park in New York introduced the title “landscape architect”. The Australian Institute of Landscape Architects (AILA) proclaims that "Landscape Architects research, plan, design and advise on the stewardship, conservation and sustainability of development of the environment and spaces, both within and beyond the built environment". Therefore, individuals who opt for a career as a landscape architect are those who are educated and experienced in landscape architecture. Students need to pursue various landscape architecture degrees, such as  M.Des , M.Plan to become landscape architects. If you have more questions regarding a career as a landscape architect or how to become a landscape architect then you can read the article to get your doubts cleared. 

Orthotist and Prosthetist

Orthotists and Prosthetists are professionals who provide aid to patients with disabilities. They fix them to artificial limbs (prosthetics) and help them to regain stability. There are times when people lose their limbs in an accident. In some other occasions, they are born without a limb or orthopaedic impairment. Orthotists and prosthetists play a crucial role in their lives with fixing them to assistive devices and provide mobility.

Veterinary Doctor

A veterinary doctor is a medical professional with a degree in veterinary science. The veterinary science qualification is the minimum requirement to become a veterinary doctor. There are numerous veterinary science courses offered by various institutes. He or she is employed at zoos to ensure they are provided with good health facilities and medical care to improve their life expectancy.

Pathologist

A career in pathology in India is filled with several responsibilities as it is a medical branch and affects human lives. The demand for pathologists has been increasing over the past few years as people are getting more aware of different diseases. Not only that, but an increase in population and lifestyle changes have also contributed to the increase in a pathologist’s demand. The pathology careers provide an extremely huge number of opportunities and if you want to be a part of the medical field you can consider being a pathologist. If you want to know more about a career in pathology in India then continue reading this article.

Speech Therapist

Gynaecologist.

Gynaecology can be defined as the study of the female body. The job outlook for gynaecology is excellent since there is evergreen demand for one because of their responsibility of dealing with not only women’s health but also fertility and pregnancy issues. Although most women prefer to have a women obstetrician gynaecologist as their doctor, men also explore a career as a gynaecologist and there are ample amounts of male doctors in the field who are gynaecologists and aid women during delivery and childbirth. 

An oncologist is a specialised doctor responsible for providing medical care to patients diagnosed with cancer. He or she uses several therapies to control the cancer and its effect on the human body such as chemotherapy, immunotherapy, radiation therapy and biopsy. An oncologist designs a treatment plan based on a pathology report after diagnosing the type of cancer and where it is spreading inside the body.

Audiologist

The audiologist career involves audiology professionals who are responsible to treat hearing loss and proactively preventing the relevant damage. Individuals who opt for a career as an audiologist use various testing strategies with the aim to determine if someone has a normal sensitivity to sounds or not. After the identification of hearing loss, a hearing doctor is required to determine which sections of the hearing are affected, to what extent they are affected, and where the wound causing the hearing loss is found. As soon as the hearing loss is identified, the patients are provided with recommendations for interventions and rehabilitation such as hearing aids, cochlear implants, and appropriate medical referrals. While audiology is a branch of science that studies and researches hearing, balance, and related disorders.

Healthcare Social Worker

Healthcare social workers help patients to access services and information about health-related issues. He or she assists people with everything from locating medical treatment to assisting with the cost of care to recover from an illness or injury. A career as Healthcare Social Worker requires working with groups of people, individuals, and families in various healthcare settings such as hospitals, mental health clinics, child welfare, schools, human service agencies, nursing homes, private practices, and other healthcare settings.  

For an individual who opts for a career as an actor, the primary responsibility is to completely speak to the character he or she is playing and to persuade the crowd that the character is genuine by connecting with them and bringing them into the story. This applies to significant roles and littler parts, as all roles join to make an effective creation. Here in this article, we will discuss how to become an actor in India, actor exams, actor salary in India, and actor jobs. 

Individuals who opt for a career as acrobats create and direct original routines for themselves, in addition to developing interpretations of existing routines. The work of circus acrobats can be seen in a variety of performance settings, including circus, reality shows, sports events like the Olympics, movies and commercials. Individuals who opt for a career as acrobats must be prepared to face rejections and intermittent periods of work. The creativity of acrobats may extend to other aspects of the performance. For example, acrobats in the circus may work with gym trainers, celebrities or collaborate with other professionals to enhance such performance elements as costume and or maybe at the teaching end of the career.

Video Game Designer

Career as a video game designer is filled with excitement as well as responsibilities. A video game designer is someone who is involved in the process of creating a game from day one. He or she is responsible for fulfilling duties like designing the character of the game, the several levels involved, plot, art and similar other elements. Individuals who opt for a career as a video game designer may also write the codes for the game using different programming languages.

Depending on the video game designer job description and experience they may also have to lead a team and do the early testing of the game in order to suggest changes and find loopholes.

Radio Jockey

Radio Jockey is an exciting, promising career and a great challenge for music lovers. If you are really interested in a career as radio jockey, then it is very important for an RJ to have an automatic, fun, and friendly personality. If you want to get a job done in this field, a strong command of the language and a good voice are always good things. Apart from this, in order to be a good radio jockey, you will also listen to good radio jockeys so that you can understand their style and later make your own by practicing.

A career as radio jockey has a lot to offer to deserving candidates. If you want to know more about a career as radio jockey, and how to become a radio jockey then continue reading the article.

Multimedia Specialist

A multimedia specialist is a media professional who creates, audio, videos, graphic image files, computer animations for multimedia applications. He or she is responsible for planning, producing, and maintaining websites and applications. 

An individual who is pursuing a career as a producer is responsible for managing the business aspects of production. They are involved in each aspect of production from its inception to deception. Famous movie producers review the script, recommend changes and visualise the story. 

They are responsible for overseeing the finance involved in the project and distributing the film for broadcasting on various platforms. A career as a producer is quite fulfilling as well as exhaustive in terms of playing different roles in order for a production to be successful. Famous movie producers are responsible for hiring creative and technical personnel on contract basis.

Fashion Blogger

Fashion bloggers use multiple social media platforms to recommend or share ideas related to fashion. A fashion blogger is a person who writes about fashion, publishes pictures of outfits, jewellery, accessories. Fashion blogger works as a model, journalist, and a stylist in the fashion industry. In current fashion times, these bloggers have crossed into becoming a star in fashion magazines, commercials, or campaigns. 

Photographer

Photography is considered both a science and an art, an artistic means of expression in which the camera replaces the pen. In a career as a photographer, an individual is hired to capture the moments of public and private events, such as press conferences or weddings, or may also work inside a studio, where people go to get their picture clicked. Photography is divided into many streams each generating numerous career opportunities in photography. With the boom in advertising, media, and the fashion industry, photography has emerged as a lucrative and thrilling career option for many Indian youths.

Copy Writer

In a career as a copywriter, one has to consult with the client and understand the brief well. A career as a copywriter has a lot to offer to deserving candidates. Several new mediums of advertising are opening therefore making it a lucrative career choice. Students can pursue various copywriter courses such as Journalism , Advertising , Marketing Management . Here, we have discussed how to become a freelance copywriter, copywriter career path, how to become a copywriter in India, and copywriting career outlook. 

Careers in journalism are filled with excitement as well as responsibilities. One cannot afford to miss out on the details. As it is the small details that provide insights into a story. Depending on those insights a journalist goes about writing a news article. A journalism career can be stressful at times but if you are someone who is passionate about it then it is the right choice for you. If you want to know more about the media field and journalist career then continue reading this article.

For publishing books, newspapers, magazines and digital material, editorial and commercial strategies are set by publishers. Individuals in publishing career paths make choices about the markets their businesses will reach and the type of content that their audience will be served. Individuals in book publisher careers collaborate with editorial staff, designers, authors, and freelance contributors who develop and manage the creation of content.

In a career as a vlogger, one generally works for himself or herself. However, once an individual has gained viewership there are several brands and companies that approach them for paid collaboration. It is one of those fields where an individual can earn well while following his or her passion. 

Ever since internet costs got reduced the viewership for these types of content has increased on a large scale. Therefore, a career as a vlogger has a lot to offer. If you want to know more about the Vlogger eligibility, roles and responsibilities then continue reading the article. 

Individuals in the editor career path is an unsung hero of the news industry who polishes the language of the news stories provided by stringers, reporters, copywriters and content writers and also news agencies. Individuals who opt for a career as an editor make it more persuasive, concise and clear for readers. In this article, we will discuss the details of the editor's career path such as how to become an editor in India, editor salary in India and editor skills and qualities.

Advertising Manager

Advertising managers consult with the financial department to plan a marketing strategy schedule and cost estimates. We often see advertisements that attract us a lot, not every advertisement is just to promote a business but some of them provide a social message as well. There was an advertisement for a washing machine brand that implies a story that even a man can do household activities. And of course, how could we even forget those jingles which we often sing while working?

Social Media Manager

A career as social media manager involves implementing the company’s or brand’s marketing plan across all social media channels. Social media managers help in building or improving a brand’s or a company’s website traffic, build brand awareness, create and implement marketing and brand strategy. Social media managers are key to important social communication as well.

Quality Controller

A quality controller plays a crucial role in an organisation. He or she is responsible for performing quality checks on manufactured products. He or she identifies the defects in a product and rejects the product. 

A quality controller records detailed information about products with defects and sends it to the supervisor or plant manager to take necessary actions to improve the production process.

Production Manager

Reliability engineer.

Are you searching for a Reliability Engineer job description? A Reliability Engineer is responsible for ensuring long lasting and high quality products. He or she ensures that materials, manufacturing equipment, components and processes are error free. A Reliability Engineer role comes with the responsibility of minimising risks and effectiveness of processes and equipment. 

Corporate Executive

Are you searching for a Corporate Executive job description? A Corporate Executive role comes with administrative duties. He or she provides support to the leadership of the organisation. A Corporate Executive fulfils the business purpose and ensures its financial stability. In this article, we are going to discuss how to become corporate executive.

Azure Administrator

An Azure Administrator is a professional responsible for implementing, monitoring, and maintaining Azure Solutions. He or she manages cloud infrastructure service instances and various cloud servers as well as sets up public and private cloud systems. 

AWS Solution Architect

An AWS Solution Architect is someone who specializes in developing and implementing cloud computing systems. He or she has a good understanding of the various aspects of cloud computing and can confidently deploy and manage their systems. He or she troubleshoots the issues and evaluates the risk from the third party. 

ITSM Manager

Information security manager.

Individuals in the information security manager career path involves in overseeing and controlling all aspects of computer security. The IT security manager job description includes planning and carrying out security measures to protect the business data and information from corruption, theft, unauthorised access, and deliberate attack 

Computer Programmer

Careers in computer programming primarily refer to the systematic act of writing code and moreover include wider computer science areas. The word 'programmer' or 'coder' has entered into practice with the growing number of newly self-taught tech enthusiasts. Computer programming careers involve the use of designs created by software developers and engineers and transforming them into commands that can be implemented by computers. These commands result in regular usage of social media sites, word-processing applications and browsers.

Computer System Analyst

Individuals in the computer systems analyst career path study the hardware and applications that are part of an organization's computer systems, as well as how they are used. They collaborate closely with managers and end-users to identify system specifications and business priorities, as well as to assess the efficiency of computer systems and create techniques to boost IT efficiency. Individuals who opt for a career as a computer system analyst support the implementation, modification, and debugging of new systems after they have been installed.

Applications for Admissions are open.

Aakash iACST Scholarship Test 2024

Aakash iACST Scholarship Test 2024

Get up to 90% scholarship on NEET, JEE & Foundation courses

NEET 2024 Most scoring concepts

NEET 2024 Most scoring concepts

Just Study 32% of the NEET syllabus and Score upto 100% marks

JEE Main high scoring chapters and topics

JEE Main high scoring chapters and topics

As per latest 2024 syllabus. Study 40% syllabus and score upto 100% marks in JEE

NEET previous year papers with solutions

NEET previous year papers with solutions

Solve NEET previous years question papers & check your preparedness

JEE Main Important Mathematics Formulas

JEE Main Important Mathematics Formulas

As per latest 2024 syllabus. Maths formulas, equations, & theorems of class 11 & 12th chapters

JEE Main Important Physics formulas

JEE Main Important Physics formulas

As per latest 2024 syllabus. Physics formulas, equations, & laws of class 11 & 12th chapters

Everything about Education

Latest updates, Exclusive Content, Webinars and more.

Explore on Careers360

  • Board Exams
  • Top Schools
  • Navodaya Vidyalaya
  • NCERT Solutions for Class 10
  • NCERT Solutions for Class 9
  • NCERT Solutions for Class 8
  • NCERT Solutions for Class 6

NCERT Exemplars

  • NCERT Exemplar
  • NCERT Exemplar Class 9 solutions
  • NCERT Exemplar Class 10 solutions
  • NCERT Exemplar Class 11 Solutions
  • NCERT Exemplar Class 12 Solutions
  • NCERT Books for class 6
  • NCERT Books for class 7
  • NCERT Books for class 8
  • NCERT Books for class 9
  • NCERT Books for Class 10
  • NCERT Books for Class 11
  • NCERT Books for Class 12
  • NCERT Notes for Class 9
  • NCERT Notes for Class 10
  • NCERT Notes for Class 11
  • NCERT Notes for Class 12
  • NCERT Syllabus for Class 6
  • NCERT Syllabus for Class 7
  • NCERT Syllabus for class 8
  • NCERT Syllabus for class 9
  • NCERT Syllabus for Class 10
  • NCERT Syllabus for Class 11
  • NCERT Syllabus for Class 12
  • CBSE Date Sheet
  • CBSE Syllabus
  • CBSE Admit Card
  • CBSE Result
  • CBSE Result Name and State Wise
  • CBSE Passing Marks

CBSE Class 10

  • CBSE Board Class 10th
  • CBSE Class 10 Date Sheet
  • CBSE Class 10 Syllabus
  • CBSE 10th Exam Pattern
  • CBSE Class 10 Answer Key
  • CBSE 10th Admit Card
  • CBSE 10th Result
  • CBSE 10th Toppers
  • CBSE Board Class 12th
  • CBSE Class 12 Date Sheet
  • CBSE Class 12 Admit Card
  • CBSE Class 12 Syllabus
  • CBSE Class 12 Exam Pattern
  • CBSE Class 12 Answer Key
  • CBSE 12th Result
  • CBSE Class 12 Toppers

CISCE Board 10th

  • ICSE 10th time table
  • ICSE 10th Syllabus
  • ICSE 10th exam pattern
  • ICSE 10th Question Papers
  • ICSE 10th Result
  • ICSE 10th Toppers
  • ISC 12th Board
  • ISC 12th Time Table
  • ISC Syllabus
  • ISC 12th Question Papers
  • ISC 12th Result
  • IMO Syllabus
  • IMO Sample Papers
  • IMO Answer Key
  • IEO Syllabus
  • IEO Answer Key
  • NSO Syllabus
  • NSO Sample Papers
  • NSO Answer Key
  • NMMS Application form
  • NMMS Scholarship
  • NMMS Eligibility
  • NMMS Exam Pattern
  • NMMS Admit Card
  • NMMS Question Paper
  • NMMS Answer Key
  • NMMS Syllabus
  • NMMS Result
  • NTSE Application Form
  • NTSE Eligibility Criteria
  • NTSE Exam Pattern
  • NTSE Admit Card
  • NTSE Syllabus
  • NTSE Question Papers
  • NTSE Answer Key
  • NTSE Cutoff
  • NTSE Result

Schools By Medium

  • Malayalam Medium Schools in India
  • Urdu Medium Schools in India
  • Telugu Medium Schools in India
  • Karnataka Board PUE Schools in India
  • Bengali Medium Schools in India
  • Marathi Medium Schools in India

By Ownership

  • Central Government Schools in India
  • Private Schools in India
  • Schools in Delhi
  • Schools in Lucknow
  • Schools in Kolkata
  • Schools in Pune
  • Schools in Bangalore
  • Schools in Chennai
  • Schools in Mumbai
  • Schools in Hyderabad
  • Schools in Gurgaon
  • Schools in Ahmedabad
  • Schools in Uttar Pradesh
  • Schools in Maharashtra
  • Schools in Karnataka
  • Schools in Haryana
  • Schools in Punjab
  • Schools in Andhra Pradesh
  • Schools in Madhya Pradesh
  • Schools in Rajasthan
  • Schools in Tamil Nadu
  • NVS Admit Card
  • Navodaya Result
  • Navodaya Exam Date
  • Navodaya Vidyalaya Admission Class 6
  • JNVST admit card for class 6
  • JNVST class 6 answer key
  • JNVST class 6 Result
  • JNVST Class 6 Exam Pattern
  • Navodaya Vidyalaya Admission
  • JNVST class 9 exam pattern
  • JNVST class 9 answer key
  • JNVST class 9 Result

Download Careers360 App's

Regular exam updates, QnA, Predictors, College Applications & E-books now on your Mobile

student

Cetifications

student

We Appeared in

Economic Times

शिक्षक दिवस पर निबंध 10 lines (Teachers Day Essay in Hindi) 100, 150, 200, 250, 300, 500 शब्दों मे

teachers day essay 300 words in hindi

Teachers Day Essay in Hindi – भारत में शिक्षक शब्द पेशेवर पहचान की अवधि से अधिक है। एक शिक्षक के साथ की भावना बहुत गहरी होती है। यदि हम प्राचीन भारत में झाँकें, तो हम अपने शिष्यों की मान्यताओं को आकार देने में गुरुओं ( शिक्षकों ) की व्यापक भूमिका पा सकते हैं। समय की प्रचंड लहरों से टकराकर भले ही यह परम्परा थोड़ी सी क्षीण हो गयी हो, फिर भी यह परम्परा आज भी विद्यमान है। भारत में, शिक्षक दिवस 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस का उत्सव पूरे भारत में स्कूलों और कॉलेजों में एक उत्सव का माहौल भर देता है। गतिविधियों में हमारे पसंदीदा शिक्षकों के रूप में भूमिका निभाना, हमारे शिक्षकों को उपहार देना और उनका आभार व्यक्त करना, और हमारे शिक्षकों को सम्मान देने के लिए पार्टियों और भाषणों का आयोजन करना शामिल है।

यदि आप एक छात्र हैं और आने वाले अवसर के लिए शिक्षक दिवस पर निबंध लिखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो आप सही जगह पर आए हैं। इस लेख में उदाहरण के साथ शिक्षक दिवस पर निबंध का उचित प्रारूप और स्वयं निबंध लिखने के टिप्स शामिल हैं।

शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन (Teachers Day Essay 10 lines in Hindi)

  • 1) हम अपने शिक्षकों के प्रति आभार और सम्मान दिखाने के लिए शिक्षक दिवस मनाते हैं।
  • 2) यह डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती 5 सितंबर को एक वार्षिक उत्सव है।
  • 3) जून-जुलाई में हिंदू कैलेंडर में गुरु पूर्णिमा शिक्षक दिवस उत्सव का एक रूप है।
  • 4) दुनिया के हर देश का अपना शिक्षक दिवस होता है।
  • 5) विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को पड़ता है।
  • 6) भारत 1962 से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मना रहा है।
  • 7) इस अवसर पर लोग डॉ राधाकृष्णन और अन्य उल्लेखनीय विद्वानों की मूर्तियों को सजाते हैं।
  • 8) शिक्षक अपने नियमित कार्य से एक दिन की छुट्टी लेते हैं।
  • 9) पूरे भारत के छात्र इस दिन को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं।
  • 10) छात्र अपने शिक्षकों का सम्मान करते हैं और सम्मान के प्रतीक के रूप में उन्हें उपहार देते हैं।

इनके बारे मे जाने

शिक्षक दिवस निबंध का प्रारूप (Format of Teachers Day Essay in Hindi)

किसी भी विशिष्ट निबंध विषय की तरह, शिक्षक दिवस निबंध प्रारूप में निम्नलिखित भाग होते हैं:

  • परिचयात्मक भाग : इस भाग को विषय का मूल सार प्रदान करना चाहिए, यहाँ विषय पर तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करने की सिफारिश की गई है।
  • निबंध का मुख्य भाग : यहाँ, आपको निबंध विषय के बारे में विवरण देना है। निबंध विषय ‘शिक्षक दिवस’ के मामले में आप एक शिक्षक का महत्व, देश में शिक्षक दिवस क्यों और कैसे मनाया जाता है, और अपने स्वयं के अनुभवों का उल्लेख करें।
  • निष्कर्ष : अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए निबंध का अंत करें।

शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्द (Teachers Day Essay 100 words in Hindi)

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे शिक्षक हमारे जीवन में एक महान और सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे हमारे ज्ञान, कौशल स्तर, आत्मविश्वास में सुधार करने में हमारी मदद करते हैं और साथ ही सफलता पाने के लिए हमें सही आकार में आकार देते हैं। इसलिए, हमारी भी अपने निष्ठावान शिक्षकों के प्रति कुछ जिम्मेदारियां हैं। हम सभी को एक आज्ञाकारी छात्र के रूप में दिल से स्वागत करने की जरूरत है और जीवन भर शिक्षाओं की उनकी निस्वार्थ सेवा के साथ-साथ विभिन्न छात्रों के जीवन को आकार देने के लिए उन्हें इच्छापूर्ण धन्यवाद देना चाहिए। शिक्षक दिवस (जो साल में एक बार 5 सितंबर को मनाया जाता है) हमारे लिए उनके साथ एक दिन बिताने और धन्यवाद कहने का एक शानदार मौका है।

शिक्षक दिवस पर निबंध 150 शब्द (Teachers Day Essay 150 words in Hindi)

हमारे अध्ययन, समाज और देश में शिक्षकों के योगदान का सम्मान करने के लिए भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक बहुत बड़ा कारण है। 5 सितंबर को डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन नाम के एक महान व्यक्ति की जयंती है। वह शिक्षा के प्रति अत्यधिक समर्पित थे और विद्वान, राजनयिक, भारत के राष्ट्रपति और सबसे महत्वपूर्ण रूप से एक शिक्षक के रूप में जाने जाते थे।

एक बार, जब वे 1962 में भारत के राष्ट्रपति बने, तो कुछ छात्रों ने उनसे 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने की अनुमति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से मेरे जन्मदिन के रूप में मनाने के बजाय क्यों न इसे शिक्षक दिवस के रूप में अध्यापन पेशे के प्रति मेरे समर्पण के रूप में मनाया जाए। उनके इस बयान के बाद से पूरे भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हो गई है.

शिक्षक दिवस पर निबंध 200 शब्द (Teachers Day Essay 200 words in Hindi)

शिक्षक दिवस हर साल एक महान व्यक्ति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है। वे अध्यापन के पेशे के प्रति अत्यधिक समर्पित थे। ऐसा कहा जाता है कि, एक बार कुछ छात्रों ने उनसे संपर्क किया और 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने का अनुरोध किया। और उन्होंने जवाब दिया कि इसे केवल मेरे जन्मदिन के रूप में मनाने के बजाय, आपको सभी शिक्षकों को उनके महान कार्यों और योगदान के लिए सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहिए। शिक्षक देश के भविष्य के निर्माण के वास्तविक निर्माता हैं अर्थात वे छात्रों के जीवन को आकार देते हैं जो अंततः देश का भविष्य हैं।

शिक्षक देश में रहने वाले नागरिकों के भविष्य का निर्माण कर राष्ट्र निर्माता हैं। लेकिन शिक्षकों और उनके योगदान के बारे में सोचने वाला समाज में कोई नहीं था। इसका पूरा श्रेय भारत के केवल एक नेता राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को जाता है जिन्होंने हमें उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की सलाह दी। 1962 से हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमारे शिक्षक न केवल हमें विषयों के बारे में पढ़ाते हैं, बल्कि वे हमारे व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और कौशल स्तर में भी सुधार करते हैं। वे हमें जीवन भर किसी भी समस्या या कठिनाई से उबरने में सक्षम बनाते हैं।

शिक्षक दिवस पर निबंध 250 शब्द (Teachers Day Essay 250 words in Hindi)

शिक्षक ज्ञान, ज्ञान और समृद्धि के वास्तविक धारक होते हैं जिनका उपयोग करके वे हमें हमारे जीवन के लिए पोषण और तैयार करते हैं। वे हमारे जीवन में दीपक जलाने के स्रोत के रूप में कार्य करते हैं। यह हमारे शिक्षक हैं जो हमारी सफलता के पीछे खड़े हैं। बाहर के शिक्षकों को भी हमारी और हमारे माता-पिता की तरह ही दैनिक दिनचर्या की बहुत सारी समस्याएं होती हैं लेकिन वे हमेशा अपने शिक्षण पेशे को शीर्ष पर रखते हैं और अपनी नौकरी की जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए स्कूलों या कॉलेजों में जाते हैं। कोई भी उन्हें उनके अमूल्य काम के लिए धन्यवाद नहीं कहता। इसलिए, छात्रों के रूप में हमारे शिक्षकों के प्रति हमारी कुछ जिम्मेदारी है कि हम कम से कम साल में एक बार उन्हें धन्यवाद कह सकें।

हमारे निस्वार्थ शिक्षकों और उनके अमूल्य कार्य को सम्मान देने के लिए हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 5 सितंबर हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है जिन्होंने पूरे भारत में शिक्षकों का सम्मान करने के लिए अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का अनुरोध किया था। उन्हें अध्यापन के पेशे से बड़ा लगाव था। हमारे शिक्षक हमारे ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास के स्तर को बढ़ाकर हमें अकादमिक रूप से अद्भुत और नैतिक रूप से अच्छा बनाते हैं। वे हमेशा हमें जीवन में बेहतर करने के लिए हर संभव असंभव कार्य को करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। शिक्षक दिवस छात्रों द्वारा बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। वे कहते हैं कि उन्हें मौखिक रूप से या ग्रीटिंग कार्ड के माध्यम से ढेर सारी शुभकामनाएं दें।

शिक्षक दिवस पर निबंध 300 शब्द

शिक्षक दिवस सभी के लिए विशेष रूप से शिक्षकों और छात्रों के लिए एक बहुत ही खास अवसर होता है। यह हर साल 5 सितंबर को छात्रों द्वारा अपने शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस के रूप में घोषित किया गया है। हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर को हुआ था, इसलिए भारत में शिक्षक दिवस उनके जन्मदिन पर मनाया जाता है क्योंकि शिक्षण पेशे के प्रति उनके प्यार और स्नेह के कारण। वह शिक्षा में बहुत विश्वास करते थे और विद्वान, राजनयिक, शिक्षक और भारत के राष्ट्रपति के रूप में अत्यधिक प्रसिद्ध थे।

शिक्षक दिवस शिक्षकों और छात्रों के बीच के रिश्ते को मनाने और आनंद लेने का एक शानदार अवसर है। अब एक दिन, यह छात्रों और शिक्षकों दोनों द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में बड़े उत्साह और आनंद के साथ मनाया जाता है। शिक्षकों को अपने छात्रों की ओर से लंबी उम्र की ढेर सारी शुभकामनाएं दी जाती हैं। आधुनिक समय में शिक्षक दिवस मनाने की रणनीति मानक रही है।

छात्र इस दिन बहुत खुश होते हैं और अपने पसंदीदा शिक्षकों को बधाई देने के तरीके की योजना बनाते हैं। कुछ छात्र अपने पसंदीदा शिक्षकों को उपहार, ग्रीटिंग कार्ड, पेन, डायरी आदि देकर शुभकामनाएं देते हैं। कुछ छात्र अपने शिक्षकों को ऑडियो संदेश, ईमेल, वीडियो संदेश, लिखित संदेश, ऑनलाइन चैट, फेसबुक, ट्विटर जैसी सोशल मीडिया वेबसाइटों के माध्यम से भेजकर शुभकामनाएं देते हैं। , आदि। कोई सिर्फ “हैप्पी टीचर्स डे” कहे मौखिक रूप से।

हमें अपने जीवन में अपने शिक्षकों की आवश्यकता और मूल्य का एहसास करना चाहिए और महान कार्य के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हर साल शिक्षक दिवस मनाना चाहिए। शिक्षक हमारे माता-पिता से बढ़कर हैं जो हमारे मन को सफलता की ओर ढालते हैं। वे खुश रहते हैं और जीवन में अपनी सफलता तभी प्राप्त करते हैं जब उनके समर्पित छात्र आगे बढ़ते हैं और अपनी गतिविधियों के माध्यम से दुनिया भर में शिक्षकों का नाम फैलाते हैं। हमें अपने जीवन में अपने शिक्षकों द्वारा सिखाए गए सभी अच्छे पाठों का पालन करना चाहिए।

शिक्षक दिवस के लिए लघु निबंध (Short Essay on Teacher’s Day)

हर साल पांच सितंबर को देश भर के स्कूल और कॉलेज भारत में शिक्षक दिवस समारोह आयोजित करते हैं। यह हमारे जीवन में शिक्षकों की कड़ी मेहनत और प्रभाव की सराहना करने का दिन है।

शिक्षक वे हैं जो अपने छात्रों के लिए ज्ञान और सहानुभूति रखते हैं। एक छात्र की सफलता के पीछे सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति उसका शिक्षक होता है। शिक्षकों की मदद और मार्गदर्शन के बिना, छात्र अपने जीवन के बारे में जाने और समझ नहीं पाएंगे। हम पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैं क्योंकि यह भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन का जन्मदिन है। वह एक ऐसे व्यक्ति थे जो बच्चों से प्यार करते थे और उन्हें प्यार करते थे। डॉ. राधाकृष्णन एक शिक्षक के रूप में काम करेंगे, और छात्र उन्हें प्यार करते थे। शिक्षक प्रत्येक व्यक्ति के जीवन पर एक महत्वपूर्ण प्रभाव छोड़ते हैं। वे आपकी मदद करते हैं, आपको प्रेरित करते हैं, और आपको अपना सर्वश्रेष्ठ संस्करण बनने के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

शिक्षक दिवस शिक्षक और छात्र के जीवन में सबसे यादगार दिनों में से एक है। यह एक ऐसा दिन है जब शिक्षक आराम कर सकते हैं और अपने साथी शिक्षकों से बात कर सकते हैं, पूरे वर्ष के विपरीत जब वे हर दिन कई घंटे कड़ी मेहनत करते हैं। वे स्कूल के समय के दौरान और स्कूल का समय समाप्त होने के बाद भी काम करते हैं। अलग-अलग स्कूल अलग-अलग तरीके से शिक्षक दिवस मनाते हैं। बच्चे इस दिन अपने शिक्षकों को मनाने और उनकी सराहना करने के लिए कई तरह के काम करते हैं।

अपने शिक्षकों की सराहना करने का दिन है

प्रत्येक छात्र को अपने गुरु की कद्र और कद्र करनी चाहिए। प्रत्येक शिक्षक आपकी मदद करने के लिए हर दिन कई त्याग करता है। शिक्षक आपके जीवन के उन लोगों में से एक हैं जो हमेशा आपको किसी और चीज से पहले रखेंगे।

टीचर्स की तरह ड्रेसअप हुए स्टूडेंट्स

हर स्कूल में शिक्षक समारोह आयोजित करने का एक अलग तरीका होता है। छात्रों द्वारा दिवस मनाने के तरीकों में से एक तरीका शिक्षकों का प्रतिरूपण करना है। हाई स्कूल के छात्र अपने शिक्षकों की तरह तैयार होते हैं।

वे अपने शिक्षकों के लिए नाटक प्रस्तुत करते हैं और साथ ही अन्य विषयों को पढ़ाने के लिए विभिन्न कक्षाओं में जाते हैं। यह शिक्षक दिवस समारोह के सबसे अच्छे हिस्सों में से एक है। छात्र अपने शिक्षकों का प्रतिरूपण करने के लिए उत्सुक हैं, और शिक्षक इन नाटकों को देखने के लिए उत्सुक हैं।

प्रत्येक छात्र एक विशेष शिक्षक की तरह तैयार होते हैं, कुछ साड़ी पहनते हैं, और कुछ औपचारिक पैंट और शर्ट पहनते हैं। छात्र जिस शिक्षक का प्रतिरूपण कर रहे हैं, उसके कपड़ों से मेल खाने की पूरी कोशिश करते हैं। कनिष्ठ कक्षाओं को वरिष्ठ छात्रों द्वारा लिए गए कक्षा सत्रों के लिए बैठना पड़ता है। यह नियमित शिक्षण से अलग है। कक्षा में अन्य छात्र अतिरिक्त गतिविधियाँ करते हैं।

शिक्षक दिवस मनाने के अलग-अलग तरीके हैं। आमतौर पर, हाई स्कूल के छात्र शिक्षक दिवस के लिए विभिन्न कार्य करने की पहल करते हैं।

  • My Teacher Essay
  • Myself Essay
  • Water Pollution Essay

शिक्षक दिवस पर निबंध 500 शब्द

सबसे पहले तो सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है। यह डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के शुभ अवसर पर मनाया जाता है। वे एक महान नेता, विद्वान और शिक्षक थे। हम इस दिन को हर दिन डॉ. राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देने और अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और प्यार दिखाने के लिए मनाते हैं। इस दिन छात्र शिक्षकों के लिए कई कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। सबसे आम घटनाएं भाषण, नृत्य और गायन प्रतियोगिताएं और संबंधित शिक्षकों की मिमिक्री हैं। कुछ छात्र शिक्षकों का मनोरंजन करने के लिए अपने शिक्षकों की तरह कपड़े भी पहनते हैं। यह दिन प्यार और हंसी के साथ मनाया जाता है। यह बच्चों के लिए शिक्षकों के प्रति आभार प्रकट करने का एक तरीका है। छात्र अपने पसंदीदा शिक्षक के लिए उपहार भी लाते हैं। इस दिन शिक्षकों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया जाता है।

शिक्षक हर व्यक्ति के जीवन की रीढ़ होते हैं। शिक्षक ही है जो छात्रों को जीवन का नया अर्थ सिखाता है। वे हमें सही रास्ता दिखाते हैं और कुछ भी गलत करने से रोकते हैं। वे बाहर से देख सकते हैं लेकिन वे प्रत्येक छात्र की देखभाल करते हैं और उनके विकास की कामना करते हैं। उस छात्र को मत भूलो जो अपने शिक्षकों का सम्मान नहीं करता, जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ता। शिक्षक छात्र के व्यक्तित्व को ढालते हैं। वे एकमात्र निःस्वार्थ व्यक्ति हैं जो खुशी-खुशी बच्चों को अपना सारा ज्ञान देते हैं।

डॉ. राधाकृष्णन एक महान शिक्षक थे जिन्हें हर कोई प्यार करता था। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उन्होंने कॉलेज पूरा किया और मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में प्रोफेसर बन गए। वह हैरिस मैनचेस्टर कॉलेज में प्राचार्य और आंध्र विश्वविद्यालय में कुलपति बने। वह भारत के पहले दार्शनिक और उपराष्ट्रपति भी थे। वह 1962 से 1967 तक भारत के राष्ट्रपति बने। उन्होंने लगभग 16 वर्षों तक ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में नैतिकता की शिक्षा दी। उनका मानना ​​था कि शिक्षा केवल किताबों से नहीं आती। ज्ञान प्राप्त करना पेशेवर और अकादमिक से बहुत दूर है।

दुनिया के अन्य महान शिक्षकों ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। अरस्तू का जीवन हमें अच्छे शिक्षार्थी बनना और कभी भी सीखना बंद नहीं करना सिखाता है। गौतम बुद्ध एक राजकुमार के रूप में पैदा हुए थे लेकिन उन्होंने ज्ञान के जीवन के लिए सभी विलासिता को छोड़ दिया। एम्मा विलार्ड जो एक महिला अधिकार कार्यकर्ता थीं, हमें अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना और उससे कभी डरना नहीं सिखाती हैं। सावित्रीबाई फुले एक कवियित्री और भारतीय समाज सुधारक थीं। उसने हमें सभी के साथ समान और सम्मान के साथ व्यवहार करना सिखाया।

शिक्षक के मार्गदर्शन के बिना हम अपने भविष्य की कल्पना नहीं कर सकते। वे हमारे भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए खुद को जलाते हैं। इस दिन आइए हम दुनिया के सभी महान शिक्षकों को याद करें और उनसे कुछ सीखें। हम प्रत्येक छात्र के साथ धैर्य रखने और प्रत्येक छात्र की कमजोरियों पर काम करने के लिए शिक्षकों को धन्यवाद देते हैं। आपके मार्गदर्शन के बिना हम अधूरे हैं। आपके समर्थन और प्यार के लिए धन्यवाद।

शिक्षक दिवस पर निबंध- क्या करें और क्या न करें

  • परिचय खंड में बहुत अधिक न लिखें।
  • निबंध को सभी के लिए पठनीय बनाएं।
  • लंबी कहानियों को नजरअंदाज करने की कोशिश करें।
  • निबंध में प्रश्न न पूछें।
  • जीवंत उदाहरण देने का प्रयास करें।
  • ऐसा कुछ भी न लिखें जो विषय से संबंधित न हो।
  • ऊपर बताए गए उचित प्रारूप में एक निबंध लिखें।
  • ट्रांज़िशन शब्दों का प्रयोग करने की कोशिश करें जैसे इसलिए, तथापि, सब से ऊपर आदि।

हमने आपको एक अच्छा, आसान और पठनीय निबंध देने की कोशिश की है। यदि आप हमारे निबंधों को रोचक पाते हैं या शिक्षक दिवस निबंध के बारे में कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं, तो हमें कमेंट सेक्शन में बताएं।

शिक्षक दिवस पर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है.

भारत में, शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है जबकि शेष विश्व के लिए यूनेस्को ने 5 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस घोषित किया है।

शिक्षक दिवस पर अपने शिक्षक को देने के लिए उपयुक्त उपहार क्या है?

एक लंबी सूची है जो आपके शिक्षक के लिए एक अच्छे उपहार के रूप में काम करेगी। किताबें, डायरी, कलम, हस्तनिर्मित ग्रीटिंग कार्ड, डेस्क आयोजक, एक छोटे पौधे (अधिमानतः इनडोर पौधे), फूल और चॉकलेट अच्छे शिक्षक दिवस के उपहार होंगे।

शिक्षक दिवस पर हम अपने शिक्षकों के लिए कौन सी विशेष गतिविधि की योजना बना सकते हैं?

शिक्षक दिवस पर, आप अपने शिक्षकों के लिए विभिन्न विशेष गतिविधियों की योजना बना सकते हैं जैसे कि एक कार्यक्रम आयोजित करना, क्लास पार्टी करना, आभार व्यक्त करने वाला एक व्यक्तिगत वीडियो बनाना, उपहार देना और ग्रीटिंग कार्ड देना आदि।

भारत 5 सितंबर को शिक्षक दिवस क्यों मनाता है?

भारत 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाता है जो डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन भी है। इस दिन, भारत का पूरा देश डॉ. एस राधाकृष्णन को याद करता है और हमारे सभी शिक्षकों का सम्मान करता है।

शिक्षक हमारे जीवन में इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?

शिक्षक हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों में से एक हैं क्योंकि वे हमारी वास्तविक क्षमता को सामने लाने में मदद करते हैं। शिक्षक हमारे ज्ञान, दावे, व्यक्तित्व और मानसिकता में योगदान करते हैं। एक शिक्षक का वास्तविक मूल्य हमेशा कम आंका जाता है। और इसलिए, हमें उनके प्रति अपना आभार प्रकट करने का अवसर कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

शिक्षक दिवस पर निबन्ध

Teachers Day Essay in Hindi: नमस्कार दोस्तों, आज हम यहां शिक्षक के महत्व पर निबन्ध लिखने जा रहे हैं। यह हिंदी निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और उच्च कक्षा के विद्यार्थियों के लिए मददगार साबित होगा।

हमने यहां पर अलग-अलग शब्द सीमा में तीन Shikshak Diwas Par Nibandh लिखें हैं। जिससे आपको जानने में काफी मदद मिलेगी।

Teachers Day Essay

शिक्षक दिवस के बारे में सामान्य जानकारी

शिक्षक दिवस कि शुरूआत भारत में 1962 से हुई थी और ये हर साल 5 सितम्बर को मनाया जाता है। शिक्षक दिवस भारत में ही नहीं पूरे विश्व में International Teachers Day मनाया जाता है। पूरे विश्व में ये अलग-अलग दिन में मनाया जाता है। इसके मनाने का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की मेहनत को उचित मान-सम्मान देना है।

भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर को हुआ था। वो एक अच्छे शिक्षक भी थे। इसी कारण इनके जन्मदिवस को पूरे भारत में शिक्षक दिन के रूप में मनाया जाता है।

Read Also: हिंदी में अन्य महत्वपूर्ण निबंध

शिक्षक दिवस पर निबन्ध – Teachers Day Essay in Hindi

शिक्षक दिवस पर निबन्ध (100 शब्द).

Teachers Day in Hindi Essay: टीचर्स डे हर साल 5 सितम्बर को मनाया जाता है। इसकी शुरूआत 1662 में हुई थी। इस दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति और पहले उप-राष्ट्रपति Dr. Sarvepalli Radhakrishnan का भी जन्म दिन है। जब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के राष्ट्रपति बने तो उनके साथियों उनका जन्मदिन मनाने की सोची। तो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे ख़ुशी होगी।

इस कारण उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। शिक्षक दिवस विश्व के सभी देशों में अलग-अलग दिनांक पर मनाया जाता है। International Teachers Day 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस निबंध (300 शब्द)

भारत में पूर्व से ही गुरू-शिक्षक की परम्परा चलती आ रही है। हमारे माता-पिता ही हमारे पहले गुरू होते हैं। क्योंकि उन्होंने ही हमें यह रंगीन और खूबसूरत दुनिया दिखाई है। इनकी जगह कोई नहीं ले सकता है। लेकिन हमें जीने का सही तरीका अपने शिक्षक से मिलता है और उनके मार्गदर्शन में हम अपनी सफ़लता को हासिल करते हैं।

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

टीचर्स डे डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितम्बर 1888 हुआ था। शिक्षक दिवस हर साल 5 सितम्बर को मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन में एक आदर्श शिक्षक के सभी गुण विद्यमान थे।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के उप-राष्ट्रपति बने तो उनके छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की बात कही तो तब महोदय ने कहा कि मेरे जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे बहुत गर्व होगा। फिर इसके बाद शिक्षक दिवस हर साल उनके जन्मदिवस 5 सितम्बर को मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

हर एक सफ़ल व्यक्ति के पीछे उसके शिक्षक का हाथ होता है। वह व्यक्ति अपने शिक्षक के बताएं रास्ते पर चल कर अपनी सफ़लता प्राप्त करता है। इस सफ़लता के पीछे उसके शिक्षक की कड़ी मेहनत होती है। गुरू का हर किसी के जीवन बहुत ही महत्व होता है। इसी कड़ी मेहनत को उज्जाले में लाने के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाता हैं।

इस दिन क्या होता है?

इस दिन स्कूल, कॉलेजों आदि स्थानों में शिक्षकों का सम्मान किया जाता हैं और इस दिन सभी योग्य शिक्षक अपने छात्रों का मार्गदर्शन करते हैं। इस दिन सरकार योग्य शिक्षकों को उचित सम्मान देकर पुरस्कृत करती है। इस प्रकार पूरे दिन उत्सव का माहौल बना रहता है और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयन्ती पर स्मरण किया जाता है।

आज के समय में हमें शिक्षकों के सम्मान, उनके प्रयास और उनके योगदान की सराहना करनी चाहिए। हमें शिक्षकों का उचित सम्मान करना चाहिए और उनके बताएं मार्ग पर चलना चाहिए।

शिक्षक दिवस निबंध (500 शब्द)

जब बच्चे का जन्म होता है तो उसकी पहली शिक्षक मां होती हैं। लेकिन जब बच्चा स्कूल जाता है तो उसको एक अच्छा नागरिक शिक्षक ही बनाता है। एक व्यक्ति के जीवन में टीचर का महत्व बहुत अहम हिस्सा होता है। इसके मार्गदर्शन में ही वह सफ़लता के शिखर को पाता है।

शिक्षक का महत्व

जीवन में विजय और सफ़लता के लिए शिक्षा ही सबसे अच्छा और शक्तिशाली हथियार है। शिक्षक के ही हाथ में होता है कि वह अपने छात्रों को किस और अग्रेसित करें। जिससे उसको एक सफ़ल जीवन मिल सके। अर्थात् शिक्षक पर पूरे देश की जिम्मेदारी होती है कि वह उसके लिए कैसे नागरिक का पैदा करें और उसको कैसे लक्षण दे? जिससे कि उसमें देश का हित हो।

जब हम जन्म लेते है तो हमें कुछ भी नहीं आता तब एक शिक्षक ही होता है, जो हमारी जिम्मेदारी लेता है कि हमें वो सफ़ल जीवन देगा। हमारे अंधकर के जीवन को प्रकाश की ओर आगे करता है। इसमें वो अपना स्वार्थ नहीं देखता है।

एक शिक्षक ही हमें वो सभी संस्कार देता है, जिससे कि हमें किसी भी जगह पर रूकावट नहीं आती और हर जगह पर बिना किसी स्वार्थ के लिए हमारी मदद के लिए खड़ा रहता है। आज चाहे कोई भी हो जो सफ़ल है, उसके पीछे एक शिक्षक की कड़ी मेहनत का परिणाम है।

शिक्षक दिवस मनाने का उद्देश्य

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक ऐसे महान और प्रतिष्ठित शिक्षक थे, जिन्होंने अपने जीवन के 40 साल शिक्षक के रूप में दिए और उन्होंने सभी शिक्षकों के हित का सोचा और अनुरोध किया कि 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएं। विद्यार्थिओं और शिक्षकों के मध्य रिश्तों को और भी मधुर बनाने के लिए शिक्षक दिवस अहम योगदान देता है। अर्थात् ये एक ऐसा अवसर है जिसमें सभी छात्र अपने शिक्षक का आभार व्यक्त कर कर सकते हैं।

शिक्षक ही एक जीवन को अन्धकार से उजाले में ला सकता है। हमें अपने शिक्षकों को ही नहीं बल्कि सभी शिक्षकों को उतना ही सम्मान देना चाहिए जितना कि हम अपने माता-पिता और शिक्षक को देते हैं। शिक्षक ही एक ऐसा व्यक्ति है जो हमें एक सफल जीवन देता है। अतः हमें इनका निस्वार्थ भाव से सम्मान देना चाहिए।

मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह “शिक्षक दिवस पर निबन्ध (Teachers Day Essay in Hindi)” पसंद आया होगा। इसे आगे शेयर जरूर करें और इससे जुड़ा कोई सवाल या सुझाव हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

  • गांधी जयंती पर निबंध
  • हिन्दी दिवस पर निबन्ध
  • स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

Rahul Singh Tanwar

Related Posts

Comment (1).

Very nice ???

Leave a Comment Cancel reply

Pariksha Point

शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay On Teachers Day In Hindi) | 05 September Teachers Day Essay In Hindi

Photo of author

शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay On Teachers Day In Hindi)- हम सभी के जीवन में सफलता के पीछे एक शिक्षक का हाथ होता है। माता-पिता के बाद शिक्षक ही हमारे जीवन में अहम महत्व रखते हैं। 5 सितंबर टीचर्स डे के दिन का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस दिन को भारत के पूर्व राष्ट्रपति “डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन” के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे जो इन पदों पर आसीन होने से पहले एक शिक्षक थे। शिक्षक दिवस (Teachers Day) के दिन छात्र अपने अध्यापकों को उपहार भी देते हैं और टीचर्स डे पर निबंध (Teachers Day Par Nibandh) भी लिखते हैं।

शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay On Teachers Day In Hindi)

आप हमारे इस पेज से शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (Teachers Day Essay In Hindi) पढ़ सकते हैं। छात्रों के मन में सवाल होता है कि शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?, शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?, शिक्षक दिवस किसकी याद में मनाया जाता है? शिक्षक दिवस का महत्व क्या है? विश्व शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है? आदि। आपको इन सभी सवालों के जवाब parikshapoint.com के इस पेज पर दिए शिक्षक दिवस पर लेख (Teacher Day Par Lekh) में मिलेंगे। 5 सितंबर शिक्षक दिवस (5 September Teachers Day) की पूरी जानकारी हमने Shikshak Diwas Par Nibandh में नीचे दी हुई है। इस पेज पर दिए गए Teachers Day Hindi Essay को पूरा पढ़ें।

Join Telegram Channel

आपको बता दें कि हमने Teachers Day Nibandh In Hindi लिखते समय बहुत की आसान भाषा का इस्तेमाल किया है, जिससे कि छात्रों को Essay About Teachers Day In Hindi पढ़ने या याद करने में मुश्किल न हो। शिक्षक दिवस (Shikshak Diwas) के मौके पर स्कूलों में अक्सर Teachers Day Hindi में जानकारी बताते हुए छात्रों को Essay On Teacher Day In Hindi या Paragraph On Teachers Day In Hindi लिखने के लिए दिया जाता है। छात्र हमारे इस पेज पर दिए Teacher Day Essay In Hindi को पढ़कर Shikshak Divas Ke Bare Mein जानकारी हासिल कर सकते हैं और स्कूल में होने वाली शिक्षक दिवस निबंध प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। Teachers Day In Hindi Essay नीचे से पढ़ें।

05 सितंबर शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (05 September Teachers Day Essay In Hindi)

शिक्षक का मतलब होता है शिक्षा देने वाला और हम सभी के उलझनों से भरे हुए इस जीवन में शिक्षक का होना बहुत ज़रूरी है। माता-पिता के बाद एक शिक्षक ही होता है, जो हमेशा चाहता है कि उसका छात्र अपने जीवन में उससे भी ज़्यादा कामयाबी हासिल करे। शिक्षक ही हमें सिखाते हैं कि कैसे हमें अपने जीवन में अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए कठिन परिश्रम करना है। वो शिक्षक ही होते हैं जो हमें सही और गलत की पहचान करना सिखाते हैं। जब हम किसी मुश्किल में फंस जाते हैं, तो शिक्षक ही उस मुश्किल से बाहर निकलने में हमारी मदद करते हैं। शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता ज्ञान से जुड़ा एक रिश्ता है, जिसमें सीखना और सीखाना निरंतर चलता ही रहता है।

ये भी पढ़ें

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

हर वर्ष 5 सितंबर को पूरे भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है और शिक्षकों को सम्मान दिया जाता है। शिक्षक दिवस पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है। इस अवसर पर उनको याद किया जाता है। शिक्षक और छात्रों के रिश्तों को और भी अच्छा बनाने का एक महान अवसर होता है। जो स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में काफी धूमधाम से मनाया जाता है। शिक्षक दिवस भारत में हर साल राष्ट्रीय स्तर पर 5 सितंबर को मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

ये निबंध भी पढ़ें

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत में सन् 1962 से 5 सितंबर का दिन शिक्षक दिवस (टीचर्स डे) के रूप में मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस हर साल हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के मौके पर मनाया जाता है। इसी दिन उन्‍होंने राष्ट्रपति का पद ग्रहण किया था और उसी साल से उनके सम्मान में उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस किसकी याद में मनाया जाता है?

हमारे देश के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर सन् 1888 को हुआ था और उन्हीं की याद में हर साल भारत में इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक शिक्षाविद भी थे, जिन्होंने भारत के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए बहुत से कार्य किए। राधाकृष्णन को सन् 1954 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान यानी कि भारत रत्न से सम्मानित किया गया था और उनको 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया था। ऐसा कहा जाता है कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कुछ विद्यार्थियों और दोस्तों ने एक बार उनसे उनके जन्मदिवस को मनाने की बात कही, तो इसपर राधाकृष्णन ने कहा कि ‘अगर मेरा जन्मदिन अलग से मनाने की जगह शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए, तो मुझे बहुत गर्व महसूस होगा।’ बस तभी से भारत में शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है?

इस दिन छात्र अपने शिक्षकों की लंबी आयु की कामना करते हैं साथ ही शिक्षकों को बधाई देने के लिए तरह- तरह की योजना बनाते हैं। छात्र इस दिन अपने अध्यापक को तोहफा, ग्रीटिंग कार्ड, पेन, डायरी इत्यादि देकर बधाई देते हैं। स्कूल और कॉलजों समेत अलग-अलग संस्थानों में शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं। छात्र विभिन्न तरह से गुरुओं का सम्मान करते हैं, तो वहीं शिक्षक गुरु शिष्य परंपरा को कायम रखने का संकल्प लेते हैं। भारत के अलावा 21 देशों में भी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षकों को हमेशा सम्मान और प्रेम देना चाहिए क्योंकि शिक्षक हमें सफलता के रास्ते पर भेजने की कोशिश करते हैं। माता-पिता अपने बच्चों को प्यार करते हैं और देखभाल करते हैं लेकिन शिक्षक हमें सफलता के मार्ग पर भेजने की पूरी कोशिश करते हैं ताकि वह अपने जीवन में एक अच्छा मुकाम हासिल कर सकें।

शिक्षक दिवस का महत्व क्या है?

शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों के लिए भी शिक्षक दिवस का महत्व अधिक होता है। शिक्षक दिवस छात्रों के लिए शिक्षक के प्रति एक सम्मानित भाव पैदा कराता है। शिक्षक विद्यार्थी के चरित्र का निर्माण करता है और उन्हें एक आदर्श नागरिक बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। एक शिक्षक अपने छात्रों को बड़े ही प्यार से और कभी-कभी डांटकर भी शिक्षित करता है। शिक्षक अपने छात्रों को एक अच्छा और नेक इंसान बनाने में मदद करते हैं। शिक्षक के बिना जीवन का किसी भी क्षेत्र में हमें सफलता नहीं मिल सकती। छात्र का भविष्य निर्माण करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। शिक्षक ही अपने छात्र के अंदर का आत्मविश्वास बढ़ाता है।

ये सच है कि बिना गुरु के हमें ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती। दुनिया में गुरु का स्थान ईश्वर के समान माना गया है। कहा जाता है कि “गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः गुरुर साक्षात परब्रह्म:, तस्मै श्री गुरुवे नमः” अर्थात् गुरु ब्रम्हा के सामान है, गुरु विष्णु के सामान है, गुरु ही महेश्वर यानी कि शिव के सामान है। गुरु सभी देवों में श्रेष्ठ परब्रम्ह के सामान है, ऐसे गुरु को हमारा नमन है।

शिक्षक दिवस पर निबंध 150 शब्दों में

भारत में हर साल 5 सितंबर का दिन शिक्षक दिवस (टीचर्स डे) के रूप में मनाया जाता है। ये दिन मुख्य रूप से शिक्षकों को सम्मान देने के लिये मनाया जाता है। 5 सितंबर को ही शिक्षक दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन होता है। राधाकृष्णन शिक्षा के प्रति अत्यधिक समर्पित और शिक्षा को बढ़ावा देने वाले व्यक्ति थे। इस दिन पूरा देश उन्हें एक शिक्षक के रुप में भी याद करता है। ये तो हम सभी जानते हैं कि 5 सितंबर को टीचर्स डे होता है लेकिन ये बहुत की कम लोग जानते हैं कि टीचर्स डे 5 सितंबर को ही क्यूं मनाया जाता है। आपको बता दें कि जब 1962 में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति बने तो कुछ छात्रों ने 5 सितंबर को उनका जन्मदिन मनाने के लिए कहा। सर्वपल्ली ने अपने छात्रों को इस बात का जवाब देते हुए कहा कि 5 सितंबर को मेरा जन्म दिन मनाने के बजाय क्यूं न इस दिन को अध्यापन के प्रति मेरे समर्पण के लिये शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाये। छात्रों को उनका ये विचार पंसद आया और उसी दिन से पूरे भारत में 5 सितंबर के दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस पर निबंध 300 शब्दों में

पूरी दुनिया में शिक्षक दिवस (टीचर्स डे) को एक विशेष दिन के रूप में मनाया जाता है। टीचर्स डे गुरू के सम्मान में मनाया जाने वाला एक दिन है, जिसे किसी त्योहार की तरह ही बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। भारत में हर साल शिक्षक दिवस 05 सितंबर को मनाया जाता है, जबकि इंटरनेशनल टीचर्स डे 05 अक्टूबर को होता है। इंटरनेशनल टीचर्स डे की घोषणा साल 1994 को यूनेस्को ने की थी और भारत में शिक्षक दिवस मनाने का विचार भारत के पूर्व राष्ट्रपति, विद्वान, दार्शनिक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का था।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरुमनी में हुआ था। उन्हीं के जन्मदिवस के रूप में हम इस तारीख को शिक्षक दिवस मनाते हैं और उन्हें याद करते हैं। डॉ राधाकृष्णन 05 सितंबर यानी कि अपने जन्मदिन पर जब अपने कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद उनके कुछ छात्र और दोस्त इस दिन को खास अंदाज मनाने की ज़िद करने लगे। डॉ. राधाकृष्णन ने इस बात से तो साफ इनकार कर दिया लेकिन उन्होंने अपने छात्रों से कहा कि अगर वो इस दिन को वाकई खास बनाना चाहते हैं, तो इस देश के शिक्षकों के लिए बनाएं। और इस तरह से भारत में 05 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर हुई।

शिक्षक दिवस का दिन सभी शिक्षकों के सम्मान और उनका आभार प्रकट करने का दिन है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने भी कहा था कि पूरी दुनिया एक विद्यालय है, जहां हम कुछ न कुछ नया सीखते हैं। हमारे शिक्षक हमें केवल पढ़ाते ही नहीं हैं, बल्कि हमें अच्छे और बुरे के बीच का फर्क भी समझाते हैं। हम सभी अपने शिक्षकों को सदैव सम्मान करना चाहिए और जीवन में उनके बताए हुए रास्ते पर ही चलना चाहिए।

शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन

teachers day essay 300 words in hindi

  • हर साल भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है।
  • विश्व स्तर पर शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।
  • भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर सन् 1888 को हुआ था।
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने ही अपने जन्मदिवस पर ही शिक्षकों का सम्मान करने के लिए शिक्षक दिवस की शुरुआत की थी।
  • शिक्षक दिवस शिक्षकों के आदर और सम्मान का दिन का है।
  • इस दिन को सभी छात्र अपने गुरुओं को सम्मान देकर और तोहफे देकर मनाते हैं।
  • शिक्षक दिवस हमारे जीवन में शिक्षकों के महत्त्व को बताता है।
  • शिक्षक ही अपने छात्रों को शिक्षा और ज्ञान देता है।
  • हमें कभी भी अपने शिक्षक का अपमान या निरादर नहीं करना चाहिए।

People also ask

प्रश्न- शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है? उत्तर: भारत में हर साल राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है।

प्रश्न- विश्व शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है? उत्तर: विश्व स्तर पर शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

प्रश्न- शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? और शिक्षक दिवस कब से शुरू हुआ? उत्तर: शिक्षक दिवस भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में मनाया जाता है। भारत में शिक्षक दिवस की शुरुआत 5 सितंबर 1962 से हुई।

प्रश्न- शिक्षक दिवस पर निबंध कैसे लिखते हैं? उत्तर: शिक्षक दिवस पर निबंध लिखना सीखने के लिए आप हमारा आर्टिकल पढ़ सकते हैं।

प्रश्न- शिक्षक दिवस का क्या महत्व है? उत्तरः शिक्षक दिवस छात्रों के लिए शिक्षक के प्रति एक सम्मानित भाव पैदा कराता है और उनके रिश्ते को और भी मजबूत बनाता है।

हम उम्मीद करते हैं कि आपको हमारा यह हिंदी में निबंध (Essay In Hindi) ज़रूर पसंद आया होगा और आपको इस निबंध से जुड़ी सभी ज़रूरी जानकारी भी मिल गई होगी। इस निबंध को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।

parikshapoint.com की तरफ से सभी शिक्षकों को “शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं” (Happy Teachers Day)।

Leave a Reply Cancel reply

Recent post, राजस्थान बोर्ड 12वीं भौतिक विज्ञान मॉडल पेपर (rbse 12th physics model paper 2023-24), राजस्थान बोर्ड 12वीं जीव विज्ञान मॉडल पेपर (rbse 12th biology model paper 2023-24), राजस्थान बोर्ड 12वीं रसायन विज्ञान मॉडल पेपर (rbse 12th chemistry model paper 2023-24), राजस्थान बोर्ड 12वीं व्यवसाय अध्ययन मॉडल पेपर (rbse 12th business studies model paper 2023-24), राजस्थान बोर्ड 12वीं लेखाशास्त्र मॉडल पेपर (rbse 12th accountancy model paper 2023-24), राजस्थान बोर्ड 12वीं अर्थशास्त्र मॉडल पेपर (rbse 12th economics model paper 2023-24).

Join Whatsapp Channel

Subscribe YouTube

Join Facebook Page

Follow Instagram

teachers day essay 300 words in hindi

School Board

एनसीईआरटी पुस्तकें

सीबीएसई बोर्ड

राजस्थान बोर्ड

छत्तीसगढ़ बोर्ड

उत्तराखंड बोर्ड

आईटीआई एडमिशन

पॉलिटेक्निक एडमिशन

बीएड एडमिशन

डीएलएड एडमिशन

CUET Amission

IGNOU Admission

डेली करेंट अफेयर्स

सामान्य ज्ञान प्रश्न उत्तर

GK Online Test

हिंदी साहित्य

[email protected]

A-840/ Chirag Dilli, New Delhi -110030

© Company. All rights reserved

About Us | Terms of Use | Privacy Policy | Disclaimer

teachers day essay 300 words in hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध

Teachers Day Essay in Hindi

विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षक का एक विशेष स्थान होता है। राष्ट्र के भविष्य को सवारने में शिक्षको की महत्त्व भूमिका होती है, उनके की सहायता से एक आदर्श नागरिक का जन्म होता है।

5 सितंबर को हमारे देश में शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जाता है, वहीं आज की युवा पीढी को शिक्षकों के महत्व को समझाने एवं गुरु-शिष्य के अनूठे रिश्ते की परंपरा को कायम रखने के लिए आजकल स्कूल-कॉलेजों में इस विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित करवाई जाती है, या फिर कई बार परीक्षा में इस दिवस पर निबंध लिखने के लिए कहा जाता है।

जीवन में शिक्षक के महत्त्व को समझने के लिए विभिन्न शब्दों एवं आसान और सरल शब्दों में हम यहाँ शिक्षक दिवस पर निबंध –  Teachers Day Essay  उपलब्ध कराने जा रहे है, जो आपके बच्चो और विद्यार्थियों के लिए विविध प्रतियोगिताओ में उपयोगी साबित हो सकते है।

Teachers Day Essay in Hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध – Teachers Day Essay in Hindi

हमारी सफलता के पीछे हमारे शिक्षक का बहुत बड़ा हाथ होता है। हमारे माता-पिता की तरह ही हमारे शिक्षक के पास भी ढ़ेर सारी व्यक्तिगत समस्याएँ होती हैं लेकिन फिर भी वह इन सभी को भूलकर रोज स्कूल और कॉलेज आते हैं तथा अपनी जिम्मेदारी को अच्छी तरह से निभाते हैं।

कोई भी उनके बेशकीमती कार्य के लिये उन्हें धन्यवाद नहीं देता इसलिये एक विद्यार्थी के रुप में शिक्षकों के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि कम से कम साल में एक बार उन्हें जरुर धन्यवाद दें।

शिक्षको के कार्य को समर्पित करते हुए 5 सितम्बर का दिन पुरे देश में शिक्षक दिवस के रूप मनाया जाता है। शिक्षकों को सम्मान देने और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस को याद करने के लिये हर साल इसे मनाया जाता है। देश के विकास और समाज में हमारे शिक्षकों के योगदान के साथ ही शिक्षक के पेशे की महानता को उल्लेखित करने के लिये हमारे पूर्व राष्ट्रपति के जन्मदिवस को समर्पित किया गया है।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षक थे, जिन्होंने अपने जीवन के 40 वर्ष अध्यापन पेशे को दिए है। वे विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के योगदान और भूमिका के लिये प्रसिद्ध थे। इसलिये वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने शिक्षकों के बारे में सोचा और हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाने का अनुरोध किया।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था और 1909 में चेन्नई के प्रेसिडेंसी कॉलेज में अध्यापन पेशे में प्रवेश करने के साथ ही दर्शनशास्त्र शिक्षक के रुप में अपने करियर की शुरुआत की।

उन्होंने देश में बनारस, चेन्नई, कोलकाता, मैसूर जैसे कई प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों तथा विदेशों में लंदन के ऑक्सफोर्ड जैसे विश्वविद्यालयों में दर्शनशास्त्र पढ़ाया है। अध्यापन पेशे के प्रति अपने समर्पण की वजह से उन्हें अपने बहुमूल्य सेवा की पहचान के लिये 1949 में विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति कमीशन के अध्यक्ष के रुप में नियुक्त किया गया।

1962 से शिक्षक दिवस के रुप में 5 सितंबर को मनाने की शुरुआत हुई। अपने महान कार्यों से देश की लंबे समय तक सेवा करने के बाद 17 अप्रैल 1975 को उनका निधन हो गया।

शिक्षक विद्यार्थियो के जीवन के वास्तविकतः कुम्हार की तरह होते हैं, जो न सिर्फ हमारे जीवन को आकार देते हैं बल्कि हमें इस काबिल बनाते हैं कि हम पूरी दुनिया में अंधकार होने के बाद भी प्रकाश की तरह जलते रहें। इसी वजह से हमारा राष्ट्र ढ़ेर सारे प्रकाश के साथ प्रबुद्ध हो सकता है।

हमारे शिक्षक हमें शैक्षणिक दृष्टी से तो बेहतर बनाते ही हैं, साथ ही हमारे ज्ञान और विश्वास के स्तर को बढ़ाकर नैतिक रुप से भी हमें अच्छा बनाते है। जीवन में अच्छा करने के लिये वह हमें हर असंभव कार्य को संभव करने की प्रेरणा देते हैं। विद्यार्थी इस शिक्षक दिवस को बहुत उत्साह और खुशी के साथ मनाते है। विद्यार्थी अपने शिक्षकों को ग्रीटिंग कार्ड देकर बधाई भी देते हैं।

हमें पूरे दिल से ये प्रतिज्ञा करनी चाहिये कि हम अपने शिक्षक का सम्मान करेंगे क्योंकि बिना शिक्षक के इस दुनिया में हम सभी अधूरे हैं।

शिक्षक दिवस पर निबंध – Shikshak Par Nibandh

Shikshak Par Nibandh

प्रस्तावना-

शिक्षकों के सम्मान में एवं भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर 5 सितंबर को हर साल हमारे देश में धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

यह दिवस समाज में न सिर्फ शिक्षकों के महत्व को बताता है, बल्कि शिष्यों के ह्रद्य में अपने शिक्षक के प्रति आदर-भाव की भावना भी प्रकट करता है, क्योंकि गुरु ही अपने शिष्य के जीवन से अंधकार मिटाकर उसे ज्ञान के प्रकाश की तरफ ले जाते हैं, जिससे मनुष्य सफलता हासिल करता है।

गुरु के बिना ज्ञान संभव नहीं है और बिना ज्ञान के मनुष्य का जीवन निर्रथक होता है। वहीं गुरुओं की महिमा तो बड़े-बड़े कवियों ने भी अपने श्लोंकों के माध्यम से बताई है और शिक्षकों को इस समाज में भगवान के बराबर दर्जा दिया गया है।

“गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है? – When is Teachers Day

हमारे भारत देश में गुरु-शिष्य के अनूठे रिश्ते के बारे में तो वेद-पुराणों में भी बताया गया है। वहीं शिक्षकों के सम्मान में डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर हर साल 5 सितंबर को हमारे देश में शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।

शिक्षक, राष्ट्र निर्माता होते हैं, अपनी ज्ञान की गंगा से शिष्यों के जीवन में अज्ञानता को दूर करते हैं साथ ही एक  सभ्य समाज एवं शिक्षित राष्ट्र का निर्माण करने में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभाते हैं।

इसलिए यह दिन शिक्षकों को समर्पित दिन है, वहीं इस दिन समाज में उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाता है और देश के पूर्व राष्ट्रपति  डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को याद किया जाता हैं, क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन अध्यापन कार्य में समर्पित कर दिया था एवं समाज में शिक्षकों के महत्व को बताने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? – Why is Teachers Day Celebrated

स्वतंत्र भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रुप में मनाते हैं। 5 सितंबर, 1888 सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था।

वे एक अच्छे राजनेता होने के साथ महान शिक्षकविद और अच्छे दार्शनिक भी थे, जिन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय समाज में शिक्षको के महत्व को बताने एवं शिक्षण कार्य की महानता को बताने में व्यतीत कर दिया था, एवं देश के विकास एवं उत्थान में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।

इसलिए उनके सम्मान में हर साल उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर साल 1962 से 1967 तक राष्ट्र की सेवा की थी। आपको बता दें कि साल 1962 में  डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को देश का राष्ट्रपति के रुप में नियुक्त किया गया था।

उसके बाद उनके द्धारा समाज में किए गए महान कामों  के लिए उनके सम्मान में लोगों ने  5 सितंबर के दिन को ‘राधाकृष्णन दिवस’ के तौर पर मनाने का फैसला किया था।

लेकिन, हमेशा ही समाज में शिक्षकों के महत्व को बताने वाले राधाकृष्णन जी ने इसे मनाने से मना कर दिया और 5 सितंबर को उनकी जयंती को मनाने की बजाय ‘शिक्षक दिवस’ के रुप में मनाने की इच्छा जताई थी।

जिसके बाद से हर साल इस दिन को शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाने लगा। 5 सितंबर, 1962 को हमारे देश में पहली बार शिक्षक दिवस मनाया गया था।

देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी शिक्षकों का काफी सम्मान करते थे।

वे अपने जीवन में करीब 40 साल तक शैक्षणिक कार्य से जुड़े रहे। आपको बता दें कि राजनीती में आने से पहले उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, कलकत्ता यूनिवर्सिटी, मैसूर यूनिवर्सिटी समेत कई शिक्षक संस्थानों में अध्यापक के तौर पर काम किया था। वे अपने छात्रों के पसंदीदा शिक्षक के रुप में जाने जाते थे।

वहीं उन्होंने अपने महान विचारों से लोगों को शिक्षकों के महत्व के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने सभ्य एवं शिक्षित समाज का निर्माण करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में अनुरोध किया था।

इसलिए उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है

शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है? – How Is Teachers Day Celebrated

हमारे देश में 5 सितंबर को हर साल धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस को लेकर बच्चे काफी उत्साहित रहते हैं, साथ ही अपने टीचर्स को सम्मानित करने एवं उन्हें स्पेशल महसूस करवाने के लिए विशेष तरह की तैयारियों में कई दिन पहले से ही जुट जाते हैं।

इस मौके पर स्कूल, कॉलेजों समेत अन्य शिक्षक संस्थानों में विशेष तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है साथ ही इस दिन समाज में उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाता है।

शिक्षक दिवस का दिन हर  शिक्षक और छात्रों के लिए बेहद अहम दिन होता है, इस दिन शिक्षकों के महत्व को छात्रों को समझाने के लिए शिक्षक दिवस पर भाषण , निबंध लेखन समेत कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है।

इसके अलावा स्कूलों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में छात्र स्लोगन, कविता आदि के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपने भावना को प्रकट करते हैं साथ ही उनका आभार जताते हैं।

इस मौके पर कई छात्र अपने टीचर्स को गिफ्ट या फिर अपने हाथ से बनाया हुआ ग्रीटिंग कार्ड देकर भी इस दिन को खास मनाने की कोशिश करते हैं एवं अपने गुरु-शिष्य के रिश्तों की डोर को मजबूत करते हैं, साथ ही  भारत में गुरु शिष्य की अनूठी परंपरा को कायम करने का संकल्प लेते हैं।

गुरु-शिष्य का रिश्ता बेहद पवित्र एवं अनूठा रिश्ता होता है, जिसमें एक शिक्षक निस्वार्थ भाव से अपने शिष्यों को पढ़ाता है, और एक अभिभावक की तरह अपने छात्र की सफल जीवन की कामना करताहै, हालांकि, वर्तमान में गुरु-शिष्य का रिश्ता महज औपचारिक बन गया है एवं शिक्षक व्यवसाय महज सिर्फ एक पेशा बन चुका है।

जिसमें तमाम शिक्षक, पैसों के लालच में छात्र के भविष्य को अंधकार में डाल रहे हैं, जिसकी वजह से यह रिश्ता तार-तार हो रहा है, और शिक्षक-शिष्य के रिश्ते की गरिमा घट रही है।

वहीं छात्रों और शिक्षकों दोनों का ही फर्ज है कि वे इस रिश्ते के महत्व को समझें एवं गुरु-शिष्य की परंपरा को कायम रखने में अपनी भागीदारी निभाएं।

शिक्षक दिवस, शिक्षकों को अपने दायित्व को याद दिलवाने एवं छात्रों को अपने गुरुओं के सम्मान की याद दिलवाता है। इसलिए, शिक्षक दिवस गुरु-शिष्य दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

शिक्षक दिवस पर निबंध – Paragraph On Teachers Day

Paragraph On Teachers Day

गुरु के बिना मनुष्य को ज्ञान की प्राप्ति नहीं हो सकती है। शिक्षक, मनुष्य के जीवन का मुख्य आधार होते हैं। शिक्षक का हर किसी के जीवन में बेहद महत्व है। एक शिक्षक, न सिर्फ छात्र का सही मार्गदर्शन कर उनके जीवन को सफल बनाते हैं, बल्कि एक सभ्य एवं शिक्षित समाज के निर्माण में भी मद्द करते हैं।

इसके साथ ही विकसित राष्ट्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसलिए शिक्षकों के सम्मान में हर साल  5 सितंबर को भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के मौके पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

शिक्षक, शिष्य एवं ईश्वर के बीच एक सेतु का काम करते हैं। इसलिए शिक्षक को भगवान से भी ऊंचा दर्जा दिया गया हैं, वहीं महान संत कबीर दास ने भी अपने इस दोहे के माध्यम से गुरु की महिमा बताई है –

“गुरु गोबिंद दोऊ खड़े, का के लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपणे, गोबिंद दियो मिलाय।।”

शिक्षक दिवस 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है? – Why Teachers Day Celebrated On 5th September

स्वतंत्र भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु में हुआ था। उन्होंने न सिर्फ अपने जीवन का ज्यादातर समय अध्यापन के कार्य में व्यतीत किया बल्कि समाज के लोगों को शिक्षकों महत्व बताया एवं राष्ट्रनिर्माण में शिक्षकों के योगदान के बारे में जागरूक करने में अपनी महत्पूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी एक महान राजनेता होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक भी थे। 1962 में देश के राष्ट्रपति के पद पर सुशोभित होने से पहले उन्होंने अपने जीवन के करीब 40 साल शिक्षक के तौर पर काम किया था, वे समस्त संसार को एक ही स्कूल मानते थे।

उन्होंने, अपने महान विचारों से लोगों को शिक्षकों के महत्व को बताया था, साथ ही शिक्षक की राष्ट्र निर्माण एवं समाज के उत्थान में भूमिका का भी बखान किया था।

डॉ. राधाकृष्णन ने 1962 से 1967 में जब देश के राष्ट्रपति के पद का कार्यभार संभाला था, तब लोगों ने 5 सितंबर को उनके जन्मदिवस को उनके सम्मान में ‘राधाकृष्णन दिवस’ के तौर पर मनाने का फैसला लिया था, लेकिन उन्होंने अपनी जयंती को ‘राधाकृष्णन दिवस’ के तौर पर नहीं बल्कि शिक्षकों के सम्मान में शिक्षक दिवस बनाने का अनुरोध किया था। तभी से इसे शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।

वह हमारे देश के ऐसे पहले राष्ट्रपति थे, जिन्होंने शिक्षकों के हित के बारे में सोचा और शिक्षकों के महत्व को बताया।

प्रख्यात शिक्षाविद रह चुके डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना था कि एक आदर्श और अच्छा शिक्षक वह होता है जो छात्र को उसके भविष्य में आने वाली चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार करे और उसे सक्षम बनाए।

वहीं उनके विचार लोगों को अपनी तरफ काफी प्रभावित करते थे, एवं वे भी छात्रों के पसंदीदा शिक्षक थे, इसलिए शिक्षक दिवस के दिन डॉ. राधाकृष्णनन जी को याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजली अर्पित की जाती है।

कौन थे डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन? – Who is Dr Sarvepalli Radhakrishnan

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन न सिर्फ देश के सर्वप्रथम उप-राष्ट्रपति एवं दूसरे राष्ट्रपति थे बल्कि वे एक महान शिक्षक, दार्शनिक, भारतीय संस्कृति के संवाहक और प्रख्यात शिक्षाविद थे, जिनका जन्म 5 सितंबर 1888 को तमिलनाडु के तिरूतनी गांव में हुआ था और शिक्षकों से उनका बेहद लगाव होने की वजह से उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है।

आपको बता दें कि उन्होंने अपने जीवन के करीब 40 साल अध्यापन कार्य किया। उनकी ख्याति एक प्रख्यात और पसंदीदा शिक्षक के रुप में देश के कोने-कोने में फैली थी। वे न सिर्फ देश की नामचीन शिक्षण संस्थानों में लेक्चर देते थे, बल्कि विदेशों में भी उन्हें शिक्षा पर लेक्च र देने के लिए बुलाया जाता था।

राधाकृष्णन जी का मानना था कि एक शिक्षक के बिना मनुष्य कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच सकता एवं उनकी नजरों में एक आदर्श शिक्षक वही होता है, जो कि युवाओं को देश के भविष्य के रुप में तैयार करता है।

देश के विकास में अपना महत्पूर्ण योगदान देने वाले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को साल 1962 में देश का दूसरा राष्ट्रपति के रुप में नियुक्त किया गया था। वहीं 17 अप्रैल 1975 में लंबे समय तक बीमार रहने के बाद उनका निधन हो गया था, लेकिन आज उनके महान कार्यों की बदौलत उन्हें आज भी याद किया जाता है एवं उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस का महत्व – Importance of Teachers Day

शिक्षक दिवस को पूरे भारत देश में बेहद हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाता है।शिक्षकों के सम्मान में मनाए जाने वाला यह दिन शिक्षक और शिष्य दोनों के लिए बेहद खास दिन होता है।

इन दिन समाज के विकास में अच्छा काम करने वाले शिक्षकों के योगदान के लिए उन्हें सराहा जाता है एवं उन्हें सम्मानित किया जाता है।

आपको बता दें कि एक आदर्श शिक्षक एक सभ्य समाज के साथ-साथ शिक्षित राष्ट्र का भी निर्माण करता है, एवं युवाओं को देश के भविष्य के लिए तैयार करता है एवं जीवन में आने वाली किसी भी परेशानी का मुकाबला करने के सक्षम बनाता है। इसी वजह से यह दिन शिक्षकों के लिए समर्पित किया गया है।

वहीं यह दिवस न सिर्फ शिक्षकों को छात्र के प्रति अपने दायित्वों की याद दिलवाता है, बल्कि छात्रों के मन में भी अपने गुरुओं के प्रति सम्मान का भाव पैदा करता है।

5 सितंबर को शिक्षकों के सम्मान में मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के मौके पर विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किए जाते हैं, एवं इनके माध्यम से आज की युवा पीढ़ी को शिक्षक के महत्व को बताया जाता है।

इसके साथ ही यह दिवस गुरु और शिष्य के रिश्ते को और अधिक मजबूती प्रदान करने में मद्द करता है।

यह दिन समाज के लिए उत्कृष्ट काम करने वाले शिक्षकों का मनोबल भी बढ़ाता है। शिक्षक दिवस के मौके पर हर छात्र को अपने शिक्षकों के सम्मान करने का संकल्प लेना चाहिए क्योंकि गुरु के बिना हम सभी का जीवन अपूर्ण है एवं किसी भी तरह का ज्ञान प्राप्त करना असंभव है, वहीं किसी महान कवि ने सही ही कहा है कि –

“गुरु बिना ज्ञान नहीं और ज्ञान बिना आत्मा नहीं, कर्म, धैर्य, ज्ञान और ध्यान सब गुरु की ही देन है।।”

4 thoughts on “शिक्षक दिवस पर निबंध”

' src=

Nice Article Admin Ji on Teachers Day Essay.

' src=

Such a great article about teachers day really amazing. Thanks for sharing this with us.

' src=

बहुत ही सुंदर, उपयोगी, लाभप्रद लेख लिखा है. इस लेख को लिखने के लिए आपका हृदय से धन्यवाद. शिक्षक दिवस कि शुभकामनाएं.

' src=

Apako bhi Shikshak Diwas ki Shubhkamnaye.

Leave a Comment Cancel Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Gyan ki anmol dhara

Grow with confidence...

  • Computer Courses
  • Programming
  • Competitive
  • AI proficiency
  • Blog English
  • Calculators
  • Work With Us
  • Hire From GyaniPandit

Other Links

  • Terms & Conditions
  • Privacy Policy
  • Refund Policy

Shikshak Divas Per Nibandh

Shikshak Divas Per Nibandh: शिक्षक दिवस पर निबंध

क्या आप भी teacher day essay in hindi की तलाश कर रहे हैं? यदि हां, तो आप इंटरनेट की दुनिया की सबसे बेस्ट वेबसाइट essayduniya.com पर टपके हो. यदि आप भी teacher day essay in hindi , shikshak divas per nibandh, शिक्षक दिवस पर निबंध, teacher day par essay in hindi, speech on teachers day in hindi, short essay on teachers day in hindi यही सब सर्च कर रहे हैं तो आपका इंतजार यही पूरा होता है.

Shikshak Divas Per Nibandh

यहां हम आपको एक शानदार teacher day par essay in hindi उपलब्ध करा रहे हैं. इस निबंध को आप कक्षा 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के लिए या अपने किसी प्रोजेक्ट के लिए उपयोग कर सकते हैं. यदि आप को किसी स्पीच के लिए टॉपिक short essay on teachers day in hindi मिला है तो आप इस लेख को स्पीच के लिए भी उपयोग कर सकते हैं. इसके साथ ही यदि आपको किसी निबंध प्रतियोगिता के लिए भी shikshak divas per nibandh लिखना है तो आपको यह आर्टिकल पूरा बिल्कुल ध्यान से पढ़ना चाहिए.

शिक्षक दिवस पर निबंध 100 शब्दों में ( Essay on teachers day 100 Words)

गुरु को मार्गदर्शक कहा जाता है. क्योंकि एक गुरु ही होता है जो अपना सारा ज्ञान अपने शिष्यों में बैठता है. अपनी ज्ञान रूपी सड़क के जरिए शिष्य को उसकी मंजिल तक पहुंचाता है. वास्तव में शिक्षक और सड़क के समान होता है जिसके माध्यम से शिष्य अपनी मंजिल तक पहुंच जाता है. शिक्षक दिवस डॉक्टर राधाकृष्णन के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है डॉक्टर राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे. हमारे देश में गुरु का स्थान भगवान से भी बड़ा होता है. शिक्षक एक ऐसा कुम्हार होता है जो सैकड़ों हजारों विद्यार्थियों के जीवन को आकार देता है. मैं अपने सभी शिक्षकों को हृदय की गहराइयों से शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देता हूं.

शिक्षक दिवस पर निबंध 200 शब्दों में (Essay on teachers day 200 Words)

दुनिया में हर व्यक्ति की सफलता के पीछे किसी न किसी रूप में उसके शिक्षक का योगदान जरूर होता है. हम संपूर्ण देश में 5 सितंबर को हर वर्ष शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं. 5 सितंबर को हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन मनाया जाता है लेकिन संपूर्ण भारत के शिक्षकों को सम्मान देने के लिए उन्होंने उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने का आग्रह किया था. जिसके बाद 5 सितंबर 1962 से हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को अध्यापक पेशे से बहुत अधिक प्रेम था. जिस कारण उन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षकों का दिन बनाने का आग्रह किया था.

एक शिक्षक हमें शैक्षणिक दृष्टि से तो बेहतर बनाता ही है इसके साथ ही एक शिक्षक हमारे भीतर के सभी गुणों को भी निखारता है. किसी भी व्यक्ति की सफलता के पीछे उसके माता-पिता के बाद शिक्षक का ही नाम आता है. प्रत्येक विद्यार्थी को अपने शिक्षक का सच्चे मन से सम्मान करना चाहिए. एक शिक्षक के लिए विद्यार्थी का सच्चे मन से सम्मान करना ही पुरस्कार के समान होता है.

Shikshak Divas Per Nibandh

शिक्षक दिवस पर निबंध 300 शब्दों में ( teachers Day essay 300 Words)

गुरु शिष्य की परंपरा हमारे भारत में प्राचीन समय से ही चली आ रही है. यह परंपरा भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण और पवित्र रिश्ता माना जाता है. हमारे यहां गुरु का स्थान भगवान से भी ऊपर होता है. बेशक हमारे जीवन में माता-पिता का स्थान कोई नहीं ले क्योंकि हमारे माता पिता ही हमारे जीवन के पहले गुरु होते हैं लेकिन जब हम बड़े हो जाते हैं तो सही मार्ग पर चलने का ज्ञान एक शिक्षक ही विद्यार्थी को प्रदान करता है. 

हमारे देश में हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है भारत के पहले उपराष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म इसी दिन हुआ था. बेबी एक विद्वान शिक्षक थे. डॉक्टर राधाकृष्णन जब उपराष्ट्रपति बन गए तब उनके मित्रों और कुछ छात्रों ने उनका जन्मदिन मनाने की बात कही तो राधाकृष्णन का कहना था कि यदि उनका जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो उन्हें बहुत ही खुशी होगी और उन्हें गर्व भी होगा. जिसके बाद से संपूर्ण देश में वर्ष 1962 से ही हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की परंपरा चल पड़ी.

शिक्षक दिवस को ना सिर्फ भारत में मनाया जाता है बल्कि बहुत सारे दूसरे देशों में भी बड़े ही धूमधाम से शिक्षक दिवस मनाया जाता है. विश्व के 21 देशों में हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है जिसमें बांग्लादेश, ऑस्ट्रेलिया, चाइना, जर्मनी, पाकिस्तान श्रीलंका, इरान आदि सम्मिलित है. वही विश्व के 11 देशों में 28 फरवरी को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है. सच में शिक्षक उस सड़क के समान होता है जिसके माध्यम से विद्यार्थी सफलता तक आसानी से पहुंच जाता है. प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक अच्छे गुरु का होना बहुत ही आवश्यक है जिससे कि वह व्यक्ति अज्ञानी से ज्ञानी बन सके.

शिक्षक दिवस पर निबंध 500 शब्दों में (Essay on teachers Day 500 Words)

गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वर: गुरुर साक्षात परमब्रम्हा, तस्मै श्री गुरुवे नमः यानी गुरु ही ब्रह्मा गुरु ही विष्णु है और गुरु ही महेश्वर यानी शिव है. अर्थात गुरु में ही तीनों देवताओं का निवास है. गुरु सभी देशों में श्रेष्ठ परम ब्रह्मा के समान हैं ऐसे गुरुओं को हमारा नमन है. गुरु शिष्य परंपरा हमारे देश प्राचीन समय से ही चली आ रही है. गुरु और शिक्षक का संबंध सदियों से पवित्र और महत्वपूर्ण रहा है.

शिक्षक दिवस कब मनाते हैं?

हम संपूर्ण देश में हर वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैं. 5 सितंबर को ही शिक्षक दिवस मनाने का खास कारण यह है कि इस दिन भारत के पहले उपराष्ट्रपति डॉ राधाकृष्णन का जन्मदिन भी मनाया जाता है. लेकिन उपराष्ट्रपति बनने के बाद राधाकृष्णन को जब उनके दोस्तों और विद्यार्थियों ने जन्मदिन मनाने को कहा तो डॉ राधाकृष्णन ने कहा कि मुझे बहुत ही गर्व होगा यदि मेरे जन्म दिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा. उपराष्ट्रपति बनने से पहले डॉ राधाकृष्णन एक बहुत ही विद्वान शिक्षक थे. जिस वजह से उन्होंने हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने को कहा. जिसके बाद से वर्ष 1962 से ही हर साल 5 सितंबर को हम शिक्षक दिवस मनाते हैं.

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? (Why teachers’ Day is celebrated)

शिक्षक दिवस हमारे देश के दूसरे राष्ट्रपति और पहले उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में मनाया जाता है. डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म भी 5 सितंबर को ही हुआ था. लेकिन उपराष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने सभी से निवेदन किया कि यदि मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाएगा तो मुझे बहुत ही खुशी और गर्व महसूस होगा. शिक्षक दिवस डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में मनाया जाता है राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 में हुआ था. राधा कृष्ण एक महान शिक्षाविद थे जिन्होंने भारत के शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण और अहम योगदान दिए हैं.

शिक्षक दिवस कैसे मनाते हैं?

इस दिन को सभी विद्यार्थी अपने शिक्षकों की लंबी उम्र की कामना करते हुए मनाते हैं और अपने शिक्षकों को बधाइयां देने के साथ ही कई तरह के उपहार, पेन, डायरी, ग्रीटिंग कार्ड आदि सभी देकर बधाइयां देते हैं. शिक्षक दिवस छोटे स्कूलों से लेकर कॉलेजों तक सभी जगह मनाया जाता है. विद्यार्थी को अपने शिक्षक का सच्चे दिल से सम्मान और आदर करना चाहिए. क्योंकि एक माता-पिता के बाद एक शिक्षक ही होता है जो विद्यार्थी को कामयाब बनता देखकर खुश होता है.

कबीरदास जी कहते हैं कि ‘गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो दिखाएं’ यानी कि कबीर दास जी ने गुरु को ईश्वर से भी बड़ा माना है. गुरु अर्थात शिक्षक मनुष्य को ईश्वर का साक्षात्कार कराने का एक माध्यम होता है. वहीं इससे भी पूर्व सांसारिक जीवन में सफलता प्राप्त करने वाली शिक्षा एक गुरु ही शिष्य को देता है. एक शिक्षक भगवान से भी अधिक सम्मान के योग्य है. क्योंकि शिक्षक ना सिर्फ भाषा का ज्ञान करवाता है बल्कि जीवन की परिस्थितियों से कैसे लड़ना और निपटना है इसका भी ज्ञान करवाता है.

शिक्षक दिवस भाषण हिंदी में
महिला सशक्तिकरण पर निबंध
जन्माष्टमी पर निबंध हिंदी में
गणेश चतुर्थी पर निबंध
आजादी के गुमनाम नायक पर निबंध
वर्षा ऋतु पर निबंध

teacher day essay in hindi

हमारे जीवन को सफल बनाने में हमारे शिक्षक की अहम भूमिका होती है। शिक्षक ही बच्चो के जीवन निर्माण की सबसे पहली ईट रखता है वह ईट होती है शिक्षा की। शिक्षा से ही हम अच्छे बुरे में फर्क समझने लायक होते है। और यह अमूल्य ज्ञान हमे हमारे शिक्षक द्वारा दिया जाता है। जीवन के हर पड़ाव पर आपको एक शिक्षक आवश्यकता पड़ती है जो आपको सही मार्गदर्शन प्रदान कर सकें। भारत में शिक्षक को भगवान का दर्जा दिया गया है व उनके लिए अपना प्रेम प्रदर्शित करने के लिए शिक्षक दिवस भी बनाया जाता है। भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं?

शिक्षक दिवस के दिन हम अपने हितग्राही व निस्वार्थ शिक्षकों को उनके बहुमूल्य कार्य के लिए सम्मानित करने के लिए शिक्षक दिवस मनाते हैं। शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है इस दिन हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था उनके जन्म के उपलक्ष में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक हमें हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा प्रदान करते हैं। वे हमें अच्छे बुरे में फर्क करना, धर्म की राह पर चलना, अपने बड़ों की इज्जत करना ,अपने देश के प्रति वफादार रहना यह सब गुण हमें शिक्षक द्वारा ही दिए जाते हैं। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षक हमें कई तरह से मदद करते हैं जैसे कि वह हमारे ज्ञान को बढ़ाते हैं हमारा आत्म सम्मान मजबूत करते हैं हमारे अंदर छुपी कला को निखारते हैं हमें अज्ञान रूपी अंधकार से बाहर निकाल कर ज्ञान रूपी रोशनी प्रदान करते हैं। तो क्या जो शिक्षक हमारे जीवन में इतना अमूल्य महत्व रखते हैं उनके लिए हमारी भी तो कुछ जिम्मेदारी बनती है। वैसे तो हम शिक्षक द्वारा किए गए कार्य का कर्ज कभी नहीं चुका सकते परंतु उस कार्य के बदले उन्हें धन्यवाद करने के लिए शिक्षक दिवस पर उन्हें प्रेम के साथ संबोधित करते हैं।

हमारे भारत देश में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। हमें ज्ञान जानकारी और समृद्धि के रास्ते दिखाने वाले हमारे शिक्षक ही होते हैं। इनके द्वारा दिए गए ज्ञान और जानकारी से ही हम जीवन को सफल बनाने के रास्ते ढूंढ पाते हैं। जैसे हमारे माता-पिता के पास कई सारी निजी व व्यक्तिगत समस्याएं होती है उसी तरह हमारे शिक्षक के पास भी कई सारी व्यक्तिगत समस्याएं होती हैं। परंतु वे अपनी समस्याओं को दूर रख कर हमें अपना अर्जित किया हुआ ज्ञान देते हैं। जीवन के हर पड़ाव पर अपनी जिम्मेदारी भली-भांति निभाते हैं। इसलिए हमारा भी फर्ज बनता है कि उन्हें कम से कम साल में 1 दिन तो खुश करने के लिए हमारे द्वारा कुछ किया जाए इसलिए हम 5 सितंबर को शिक्षक दिवस बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। देश के हर बच्चे को पढ़ा लिखा कर शिक्षक  देश के निर्माण में अपना योगदान प्रदान करते हैं। एक शिक्षक का जीवन सफल तभी माना जाता है जब उसके द्वारा पढ़ाए गए विद्यार्थी अपना नाम देश दुनिया में रोशन करें। हमें शिक्षक दिवस के लिए हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्री डॉक्टर सर्वपल्ली राधा कृष्ण को धन्यवाद करना चाहिए जिनके जन्मदिन के स्वरूप में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह इसलिए क्योंकि डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी से 1 शिक्षक थे वह उन्होंने देश के कई युवाओं को शिक्षा प्रदान करके देश की तरक्की में अपना योगदान दिया। इसलिए 5 सितंबर 1965 को उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस के दिन सभी स्कूलों व कॉलेजों में बड़ा हर्षोल्लास का माहौल होता है।इस दिन सभी छात्र अपने शिक्षकों को ग्रीटिंग कार्ड फूल देकर उनके द्वारा किए गए कार्य के लिए धन्यवाद देते हैं। इस दिन स्कूल व कॉलेजों में शिक्षक दिवस पर कई सारे निबंध व स्पीच दी जाती है। अपने पसंदीदा शिक्षक के बारे में सब को बताते हैं वह उनके कार्य करने के तरीके के बारे में बताते हैं। विद्यार्थियों के लिए अपने शिक्षक के प्रति प्रेम व सम्मान दिखाने का यह सबसे बड़ा अवसर होता है। सभी विद्यार्थी अपने शिक्षक को शिक्षक दिवस की बधाई देने के लिए कई तरह के कार्य करते हैं जैसे कुछ विद्यार्थी उन्हें पेन कॉपी डायरी फूल किताबें तोहफे के रूप में देते हैं तो कुछ विद्यार्थी अपने शिक्षक को बधाई देने के लिए सोशल मीडिया पर उनकी फोटो को भी शेयर करते हैं। हम अपने जीवन में सफल तो हो जाते हैं परंतु हमारी सफलता में शिक्षक का काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है। स्कूल व कॉलेजों में इस तरह के कार्यक्रम करने से अपने शिक्षक को सम्मानित करने से शिक्षक और विद्यार्थी के बीच का रिश्ता और भी मजबूत होता है। साल में सिर्फ यही तो 1 दिन होता है जिस दिन हम खुलकर अपने शिक्षक के प्रति अपना प्रेम व सम्मान जाहिर कर सकते हैं इसलिए भारत देश में शिक्षक दिवस बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। 

शिक्षक को हमारे जीवन का कुम्हार भी कहा गया है जैसे एक कुम्हार मिट्टी के बर्तन को एक सुंदर आकार देकर आग में तपा कर उसे जीवन में उपयोगी वस्तु बनाता है उसी प्रकार शिक्षक भी हमें ज्ञान रूपी आकार देकर हमें जीवन मैं एक सफल व्यक्ति बनाता है। शिक्षक द्वारा हमारे लिए किए गए कार्यों की तुलना में हम कुछ नहीं कर सकते परंतु उन्हें इस काम के लिए प्रेम के साथ सम्मानित जरूर कर सकते हैं। और अगर जीवन में सफल होने के बाद कभी आपसे पूछा जाए कि आपकी इस सफलता में किसका हाथ है तो आप अपने शिक्षक का नाम जरूर लें इससे आपके शिक्षक को उनके किए गए सारे कार्यों कार्यों का फल मिल जाएगा। क्योंकि एक विद्यार्थी का सफल होना एक शिक्षक की जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

बेटी बचाओ बेटी पढाओ निबंध
समाचार पत्र पर निबंध
आजादी का अमृत महोत्सव पर निबंध
भारत छोड़ो आंदोलन पर निबंध और टिप्पणी

teacher day par essay in hindi

हमारे सभी प्रिय विद्यार्थियों को इस shikshak divas per nibandh से जरूर मदद हुई होगी यदि आपको यह teacher day essay in hindi अच्छा लगा है तो कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको यह shikshak divas per nibandh कैसा लगा? हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा और आपको अगला Essay कौन से टॉपिक पर चाहिए इस बारे में भी आप कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं ताकि हम आपके अनुसार ही अगले टॉपिक पर आपके लिए निबंध ला सकें.

Leave a Comment Cancel reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Hindi Fly

शिक्षक दिवस पर निबंध | Essay on Teachers Day in Hindi

हेलो दोस्तों, आज हमलोग इस लेख में शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (Teachers day in Hindi) पड़ेंगे जो कि आपको Class 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12 व अन्य competitive examination जैसे कि SSC, UPSC, BPSC जैसे एग्जाम में अत्यंत लाभकारी साबित होंगे। शिक्षक दिवस पर निबंध के अंतर्गत हम शिक्षक से संबंधित पूरी जानकारी को विस्तार से जानेंगे इसलिए इसे अंत तक अवश्य पढ़ें।

Short Essay on Teachers Day in Hindi

शिक्षक दिवस (Teacher’s Day) का अर्थ है- शिक्षकों का दिन, यही वह दिन है। जिस दिन प्रति विद्यार्थी अपने गुरु के प्रति आदर प्रकट करता है और उन्हें सम्मान देता है, जिसके वह वास्तव में हकदार हैं। वैसे देखा जाए तो शिक्षक आदर पाने के लिए किसी खास दिन का मोहताज नहीं होता है परंतु एक विशेष दिन होने के कारण उसे विशेष सम्मान दिया जाता है।

शिक्षक दिवस निबंध की रूपरेखा (Teachers day Essay in Hindi)

क्या है शिक्षक दिवस.

जैसे की हम सभी जानते हैं कि किसी मजबूत चीज पर ही किसी चीज की नींव रखी जा सकती है ठीक उसी प्रकार शिक्षक भी वह व्यक्ति होता है जो विद्यार्थी को सुदृढ़ करके उस पर भविष्य में सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें सफल बनाने के लिए उनकी सहायता करता है और उन्हें एक सफल व्यक्ति बनाता है। अतः प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में एक शिक्षक का होना बहुत ही आवश्यक है। इसलिए हमें हमेशा शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए क्योंकि विद्यार्थी अपने जीवन में अगर सफल हो सकता है तो सिर्फ अपने शिक्षक के मदद से परंतु वह विद्यार्थी इस बात से अनजान होता है।

शिक्षक का अर्थ (Meaning of Teacher)

शिक्षक का पर्यायवाची शब्द “अध्यापक” होता है और अध्यापक को हमलोग “गुरु” भी कहते हैं। द्वयोपनिषद् के अनुसार ‘गु’ का अर्थ अंधकार होता है और ‘रू’ का अर्थ निरोधक होता है। जिसका अर्थ है “अंधकार का निरोध” अर्थात “अंधकार को दूर करने वाली दवा” जिसे गुरु कहा जाता है। स्कंदपुराण के अनुसार “रू” का अर्थ है “तेज”। अज्ञान का नाश करने वाला तेज जो ब्रह्म गुरु ही होता है। इसमें कोई शंका नहीं है।

तैत्रीयोपनिषद में तो आचार्य को “देव” माना जाता है अर्थात भगवान इसलिए कहा जाता है “आचार्य देवो भव:”। कबीर ने तो गुरु को परमेश्वर से भी बड़ा माना है। इसलिए कबीर ने लिखा है-

गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।

बलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दिओ मिलाय॥

इन्हें भी पढ़ें : सतर्क भारत, समृद्ध भारत पर लेख हिंदी में

इन्हें भी पढ़ें : प्रदूषण पर निबंध (Essay on Pollution in Hindi)

शिक्षक दिवस का महत्व

भारत में गुरु शिष्य के आदर की परंपरा बहुत प्राचीन समय से चली आ रही है। प्राचीन समय से ही ऐसा माना जाता है कि एक छात्र के जीवन में शिक्षक का महत्व बहुत ही मायने रखता है। हमारे देश में प्राचीन समय में छात्र आश्रम में रहते थे और वहां रहकर वाह शिक्षा ग्रहण करते थे। उन्हें शिक्षा प्राप्ति के लिए कठिन से कठिन परिश्रम करना पड़ता था और बड़े-बड़े राजा महाराजा के संतान भी कठिन परिस्थितियों में आश्रम में रहकर शिक्षा ग्रहण करते थे। वे राजा महाराजा के पुत्र होने के बावजूद वे अपने गुरु की सेवा करते थे और उनसे शिक्षा ग्रहण करते थे। छात्र अपने जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा शिक्षा ग्रहण करने में आश्रम में गुरु की सेवा में गुजार देते थे और शिक्षा प्राप्ति के बाद शिष्य अपने गुरु को गुरु दक्षिणा में मनचाही दीक्षा दे जाते थे। 

हमारे देश में एकलव्य जैसे शिष्य भी हुए हैं जिन्होंने अपने गुरु के आदेश का पालन करने के लिए अपना सर्वस्व निछावर कर दिया था और जन्म जन्मांतर तक के लिए अपना नाम सुनहरे अक्षरों में अमर कर दिया। परंतु वर्तमान समय में शिक्षा प्रणाली और गुरुओं के बीच की स्थिति में काफी परिवर्तन आ चुका है। आज शिक्षकों को उसकी शिक्षा मूल्य विद्यार्थी से पैसे लेने के रूप में जाना जाता है। आज विद्यार्थियों के मन में शिक्षक का सम्मान भी प्राचीन समय की तरह नहीं रह गया है। आज के युग में शिक्षक के महत्व को बनाए रखने के लिए शिक्षक दिवस मनाया जाता है ताकि इस दिन सभी विद्यार्थी तरह-तरह की कार्यक्रम के माध्यम से अपनी गुरु की महिमा को जान सकें और उनका सम्मान दिल से कर सकें।

शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है

वैसे आपको बता दूं कि शिक्षक कभी भी सम्मान का मोहताज नहीं होता। परंतु कई देशों में शिक्षकों के सम्मान के लिए एक विशेष दिन की घोषणा की गई है। भारत में शिक्षक दिवस डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर 5 सितंबर को मनाया जाता है क्योंकि सर पल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1988 को हुआ था। इस दिन सभी स्कूल कॉलेजों में यह दिन पूर्ण रूप से शिक्षकों के लिए समर्पित किया जाता है। इस दिन विद्यार्थी अपने शिक्षक के लिए विभिन्न तरीकों से सम्मान व्यक्त करने का प्रयत्न करते हैं।

अलग-अलग देशों में शिक्षक दिवस अलग-अलग तारीख को मनाया जाने का प्रावधान है। जैसे यूएस में 5 मई के पहले सप्ताह के पहले मंगलवार को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वही थाईलैंड में 16 जनवरी को शिक्षक दिवस मनाने का प्रावधान है। ईरान में 2 मई को शिक्षक दिवस मनाया जाता है तो टर्की में 24 नवंबर को या मनाया जाता है। मलेशिया में 16 मई और चाइना में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाते हैं। यूनेस्को में 1994 के बाद शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा है और यह दिन वहां 5 अक्टूबर को मनाने की घोषणा की गई है।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता हैं

भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है क्योंकि इस दिन डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिवस होता है। डॉक्टर राधाकृष्णन का शिक्षा के प्रति समर्पण था। उनका यह मानना था कि बिना शिक्षा के व्यक्ति अपनी मंजिल तक कभी नहीं पहुंच सकता। वह कहते थे व्यक्ति के जीवन में शिक्षा का बहुत ही बड़ा योगदान है एक अच्छा शिक्षक, विद्यार्थी के मस्तिष्क में तथ्यों को डालने के बजाय वह उसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। यह आवश्यक है, डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने जीवन के 40 वर्ष शिक्षा के क्षेत्र में गुजार दिए और कई विद्यार्थियों को भविष्य में ऊंचे स्थान पर पहुंचाया बाद में वे आजाद भारत के उपराष्ट्रपति और फिर राष्ट्रपति चुने गए। इनकी शिक्षा के प्रति रुझान देखते हुए उनके जन्मदिन के अवसर पर ही भारत में शिक्षक दिवस मनाने की घोषणा की गई। यह उनके और उनके द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को देशवासियों का बहुत बड़ा सम्मान है।

इन्हें भी पढ़ें : भूकंप पर निबंध ( Essay on Earthquake in Hindi )

इन्हें भी पढ़ें : विज्ञापन पर निबंध (Essay on Advertisement in Hindi)

शिक्षक दिवस कैसे मनाते हैं

इन दिनों स्कूल तथा कॉलेजों में शिक्षक के सम्मान में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इन दिनों शिक्षण संस्थानों की छुट्टियां होती है और विद्यालय में विद्यार्थियों के द्वारा शिक्षकों के सम्मान में विभिन्न प्रकार के नाच गाने और भाषण का आयोजन किया जाता है। जिनके द्वारा वह अपने शिक्षक का योगदान अपने जीवन में प्रस्तुत करते हैं। इस दिन विद्यार्थी खुश होकर अपने शिक्षकों को विभिन्न प्रकार के उपहार भी प्रदान करते हैं। वैसे तो गुरु शिष्य का रिश्ता अनुशासन और सम्मान साझा करने का होता है परंतु इस दिन वे अपने बीच के अंतर को दूर कर जिससे अपने मन के प्रत्येक इच्छा को अपने शिक्षक के सामने प्रकट करता है। अपने शिक्षक को सबसे खास होने का दर्जा देकर उनका सर गर्व से ऊंचा कर देता है।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। साल 1966 में इस दिन एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन में टीचिंग इन फ्रीडम संधि पर हस्ताक्षर किया गया। जिसके अंतर्गत शिक्षकों के अधिकार उनकी जिम्मेदारी उनके सीखने-सिखाने के नियम एवं उनके विचारों को दिया गया। 1977 में पुनः सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों की स्थिति पर यूनेस्को ने विचार व्यक्त किया। जिसमें शिक्षक को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल यूनेस्को के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

कौन है डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था और 1909 में चेन्नई के प्रेसिडेंसी कॉलेज में शिक्षक के रूप में प्रवेश करने के दौरान दर्शनशास्त्र शिक्षक के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की थी।

इन्होंने देश में बनारस, चेन्नई, कोलकाता, मैसूर जैसे कई प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों तथा विदेश में लंदन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दर्शनशास्त्र पढ़ाया। शिक्षा के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान के लिए, उन्हें 1949 में विश्वविद्यालय छात्रवृत्ति कमीशन के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। इसी वर्ष से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत की गई। अपने महान कार्यों से देश की लंबे समय तक सेवा करने के पश्चात 17 अप्रैल 1975 को इनका निधन हो गया।

विभिन्न देशों में शिक्षक दिवस मनाने की तिथि

शिक्षक दिवस पर दो शब्द.

भारत में शिक्षक दिवस शिक्षकों के सम्मान में प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है क्योंकि वह पूरे वर्ष अपने शिष्यों के प्रति मेहनत करते हैं और वह चाहते हैं कि उनके छात्र विद्यालय, विश्वविद्यालय और अन्य गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करें। जिससे उनका नाम रोशन हो इस दिन पूरे देश में विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन बहुत ही धूमधाम से किया जाता है। इस प्रकार के कार्यक्रमों में छात्र और शिक्षकों के रिश्ते को मजबूत बनाने के बारे में बात की जाती है। अगर एक शब्दों में कहा जाए तो, हम कह सकते हैं कि यह दिन छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए विशेष दिन होते हैं।

Frequently Asked Questions

उत्तर: विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

उत्तर: 11 देशों में शिक्षक दिवस 28 फरवरी को मनाया जाता है।

उत्तर: 1962 में।

उत्तर: कांग्रेस पार्टी

उत्तर: शिक्षक दिवस पर मेघावी शिक्षकों को नेशनल टीचर से सम्मानित किया जाता है जो कि एक राष्ट्रीय पुरस्कार है।

उत्तर: भारत के राष्ट्रपति प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करते हैं।

उपसंहार 

दोस्तों मुझे आशा है कि आपको हमारा लेख शिक्षक दिवस पर निबंध पढ़ कर अच्छा लगा होगा और आपके सभी प्रश्नों के उत्तर मिल गए होगें।

यदि आपको यह लेख अच्छा लगा हो इससे आपको कुछ सीखने को मिला हो तो आप अपनी प्रसन्नता और उत्सुकता को दर्शाने के लिए कृपया इस पोस्ट को Social Networks जैसे कि Facebook , Google+, Twitter इत्यादि पर Share कीजिए।

इन्हें भी पढ़ें : 

  • बाढ़ पर निबंध हिंदी में (Essay on Flood in Hindi)
  • टेलीविज़न पर निबंध (Essay on Television in Hindi)
  • जन्माष्टमी पर निबंध (Essay on Janmashtami in Hindi)

Leave a Comment Cancel reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

शिक्षक दिवस पर हिंदी निबंध

Photo of Sachin Sajwan

Teachers Day Essay in Hindi :- जैसे जीवित रहने के लिए वायु की आवश्यकता होती है ठीक वैसे ही छात्र का जीवन सफल बनने के लिए एक आदर्श शिक्षक की आवश्यकता होती है. एक शिक्षक ही हमें अपनी काबिलियत पहचानने का रास्ता बताता है

शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए हर साल भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. क्या आप भी उन्हीं में से हैं जोकि शिक्षक दिवस पर निबंध खोज रहे हैं तो आप एकदम सही जगह पर आ गए हैं. आज मैं आपको सिखाऊंगा की शिक्षक दिवस पर कैसे हिंदी निबंध आप लिख सकते हैं. तो आइए जानते हैं

1) शिक्षक दिवस पर निबंध 300 शब्द – Teachers Day Essay in Hindi

शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष एक महान व्यक्ति डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर मनाया जाता है. वे शिक्षा के क्षेत्र में अत्यधिक रुचि रखने वाले और इस पेशे के प्रति पूर्णतयः समर्पित रहने वाले व्यक्ति थे

यही कारण है कि हमारे अध्ययन, समाज और देश में शिक्षकों के योगदान का सम्मान करने के लिए भारत में हर साल 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है. शिक्षक देश के निर्माण, भविष्य के निर्माण के वास्तविक निर्माता हैं अर्थात वे छात्रों के जीवन को आकार देते हैं जो अंतत: देश का भविष्य है

लेकिन शिक्षकों के कार्य और उनके योगदान को सम्मान देने वाला कोई नहीं था, इसका पूरा श्रेय जाता है भारत के एक महान शिक्षक डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन को जिन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की सलाह दी और तभी सन् 1962 से हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा

शिक्षक दिवस शिक्षकों और छात्रों के बीच के रिश्ते को मनाने और आनंद लेने का एक शानदार अवसर है. छात्र / छात्राएं इस दिन बहुत खुश होते हैं और अपने पसंदीदा शिक्षकों को बधाई और उपहार भेंट करते हैं. उपहार में वे पेन, डायरी, कार्ड तथा उनके पसंद के सामान देकर शुभकामना में मौखिक रूप से ‘हैप्पी टीचर्स डे’ बोलते हैं

शिक्षक हमारे माता-पिता से बढ़कर हैं जो हमारे मन को सफलता की ओर ढालते हैं. वे खुश रहते हैं तथा अपने जीवन में अपनी सफलता तभी प्राप्त करते हैं जब उनके समर्पित छात्र आगे बढ़ते है और अपनी गतिविधियों के माध्यम से दुनिया भर में शिक्षकों का नाम फैलाते हैं. हमें अपने जीवन में अपने शिक्षकों द्वारा सिखाए गए सभी अच्छे पाठों का पालन करना चाहिए

Read More :-

  • शिक्षक दिवस के लिए हिंदी कविताएं
  • मेरा विद्यालय पर निबंध

2) शिक्षक दिवस पर बड़ा निबंध – Teachers Day Essay in Hindi 2023

शिक्षक दिवस पर निबंध - Essay on teachers day in Hindi, shikshak diwas par nibandh

संपूर्ण भारत वर्ष में शिक्षक दिवस 5 सितंबर के दिन मनाया जाता है. शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों को सजाया तथा स्कूलों में विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है

शिक्षक और छात्र पूरे हर्षोल्लास से शिक्षक दिवस मनाते हैं. शिक्षक दिवस एक ऐसा दिन है जो कि स्कूलों की प्रतिदिन की गतिविधियों से अवकाश प्रदान करता है इसीलिए छात्रों के लिए शिक्षक दिवस एक विशेष दिन है

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है

5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती है. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उपराष्ट्रपति थे. उन्होंने वर्ष 1952 से 1962 तक राष्ट्र की सेवा की और उन्होंने 1962 से 1967 तक देश के दूसरे राष्ट्रपति के रूप में भी कार्य किया

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने शिक्षकों के लिए बहुत सम्मान रखा. राजनीति में आने से पहले उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय सहित अन्य विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रों को शिक्षा देने का हर संभव प्रयास किया

उनके काम के लिए उनकी सराहना की गई और उन्हें अपने छात्रों से बेहद प्यार था. उनका मानना था कि यह युवाओं को आकार देने वाले शिक्षक हैं जो बदले में राष्ट्र का भविष्य बनाते हैं. यही कारण है कि उन्होंने अपना काम पूरी लगन से किया और अपने छात्रों को अच्छे संस्कार दिए

जब वे हमारे देश के राष्ट्रपति बने तो उनके छात्रों ने प्रत्येक वर्ष उनका जन्मदिन मनाने की इच्छा व्यक्त की डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा यदि उनके छात्र 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाए तो उन्हें बेहद खुशी होगी. इस प्रकार, उनके जन्मदिन को हर साल शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है

शिक्षक दिवस का महत्व

शिक्षक दिवस का विशेष महत्व है. शिक्षक दिवस छात्रों के द्वारा उन शिक्षकों को सम्मानित करने का एक ऐसा दिन है जो कि पूरे साल कड़ी मेहनत करते हैं. मेरा मानना है कि शिक्षकों की नौकरी दुनिया की सबसे कठिन नौकरियों में से एक है क्योंकि शिक्षक ही आने वाले भविष्य की भाग्य पीढ़ियों का सही मायने में कल्याण करता है

शिक्षक की नौकरी इसलिए भी कठिन है क्योंकि प्रत्येक छात्र अद्वितीय है. किसी को खेलकूद, किसी को गणित, किसी को अंग्रेजी तथा किसी को कला में गहरी रुचि रहती है. केवल शिक्षक ही छात्रों को उनकी रूचि का पता लगाने तथा छात्रों की काबिलियत पहचानने में मदद करता है

वह उन विषयों या गतिविधियों में अपने कौशल को सुधारने के लिए छात्रों को प्रोत्साहित करता है जिनमें वे रुचि रखते हैं और साथ ही वे यह सुनिश्चित करते हैं कि वे अन्य विषयों या शिक्षाविदों की उपेक्षा न करें. शिक्षकों को सम्मान तथा आभार व्यक्त करने के लिए एक विशेष दिन शिक्षक दिवस के नाम से जाना जाता है. एक आदर्श छात्र और शिक्षक दोनों के लिए इसका विशेष महत्व है

स्कूलों में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन

5 सितंबर के दिन भारत भर के स्कूलों में शिक्षक दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है. छात्र इस दिन अपने शिक्षकों की तरह ड्रेसअप करते हैं और अपने से छोटी कक्षाओं में पढ़ाने के लिए जाते हैं. यह जूनियर और सीनियर दोनों वर्गो के छात्रों के लिए एक आनंद का दिन होता है

शिक्षक दिवस के दिन विद्यालय का अनुशासन एवं अन्य गतिविधियों पर पूर्ण रूप से विद्यार्थियों का अधिकार होता है तथा शिक्षक विद्यार्थियों के नेतृत्व को देखते हैं

बहुत सारे स्कूलों में जूनियर वर्ग के छात्र भी शिक्षकों का किरदार निभाने से पीछे नहीं रहते उन्हें एक शिक्षक होने की भूमिका अदा करी जाती है तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है

शिक्षक दिवस के दिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है. सामान्यतः कार्यक्रम दिन के दूसरी बेला में शुरू होते हैं. सुबह की पहली बेला में वरिष्ठ छात्र कक्षाओं में पढ़ाने जाते हैं जबकि शिक्षक गण कर्मचारियों के कमरे में बैठकर मस्तियां करते हैं

कई स्कूलों में देखा जाता है कि शिक्षक दिवस के ठीक 1 दिन पहले कई छात्र विद्यालय खत्म होने के बाद दोबारा शिक्षक दिवस की सजावट करने के लिए विद्यालय में आते हैं तथा शिक्षक दिवस की तैयारी में जुट जाते हैं

शिक्षक दिवस के दिन कई विद्यालय में भाषण प्रतियोगिता, नृत्य प्रतियोगिता, नाटक प्रतियोगिता, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता आदि का भी आयोजन किया जाता है

शिक्षक दिवस के दिन कई छात्र अपने प्रिय गुरुजनों को ग्रेडिंग कार्ड, फूल तथा अन्य उपहार आइटम देकर उनके प्रति अपना प्रेम व्यक्त करते हैं तथा शिक्षक भी छात्रों से विभिन्न तरह के उपहार ग्रहण कर प्रसन्न हो जाते हैं

शिक्षक दिवस उन शिक्षकों का सम्मान तथा महत्व देने के लिए मनाया जाता है जो कि पूरे साल कड़ी मेहनत करके अपने छात्रों को सदैव सफल बनाने में लगे रहते हैं. इस दिन पूरे देश के स्कूलों में शिक्षकों का सम्मान किया जाता है

शिक्षा दिवस कार्यक्रम शिक्षकों तथा छात्रों दोनों के मध्य एक प्रेम का बंधन प्रदर्शित करता है कुल मिलाकर, यह शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों के लिए भी एक विशेष दिन है

Read More : –

  • पुस्तकालय का महत्व पर निबंध
  • हमारे राष्ट्रीय पर्व पर निबंध

संक्षेप में

दोस्तों उम्मीद है आपको शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day Essay in Hindi) अच्छा लगा होगा. अगर आपको यह निबंध कुछ काम का लगा है तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिएगा

अगर आप नई नई जानकारियों को जानना चाहते हैं तो MDS BLOG के साथ जरूर जुड़िए जहां की आपको हर तरह की नई-नई जानकारियां दी जाती है. MDS BLOG पर यह पोस्ट पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद!

यह पोस्ट कितनी उपयोगी थी ?

Average rating / 5. Vote count:

अब तक कोई वोट नहीं, इस पोस्ट को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें

MDS Thanks 😃

पोस्ट अच्छी लगी तो सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें

हमें खेद है कि यह पोस्ट आपके लिए उपयोगी नहीं थी !

हमें बताएं कि हम इस पोस्ट को कैसे बेहतर बना सकते हैं ?

Related Articles

Ram Mandir Ayodhya Essay in Hindi

राम मंदिर अयोध्या पर निबंध

Essay on Traffic Rules in Hindi

यातायात के नियम पर निबंध

My Best Friend Essay in Hindi

मेरा प्रिय मित्र पर निबंध

रानी लक्ष्मी बाई पर निबंध

रानी लक्ष्मी बाई पर निबंध

Leave a reply cancel reply.

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Please allow ads on our site !

Teachers Day Essay in hindi

Teachers Day पर निबंध, कहानी, जानकारी | Teachers Day essay in hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध, Teachers Day essay on hindi, शिक्षक दिवस पर essay, Teachers Day essay in hindi, (500+ Words Essay On Teachers Day) शिक्षक दिवस पर कैसे लिखे निबंध, how to write Teachers Day essay. 

प्राचीन काल में एक शिक्षक को “गुरु” कहा जाता था। गुरु एक ऐसा व्यक्ति है जो हजारों छात्रों के जीवन को प्रकाशित करता है। संस्कृत में, गुरु का शाब्दिक अर्थ है अंधकार को दूर करने वाला। इसलिए भारतीय परंपरा में गुरु को सर्वोच्च महत्व और सम्मान दिया जाता है। शिक्षकों को आज की दुनिया में गुरु माना जाता है क्योंकि वे अपने छात्रों को ज्ञान और शक्ति हस्तांतरित करते हैं। शिक्षक के मार्गदर्शन से शिक्षार्थी यानि एक learner का मार्ग सुखद और सफल बनता है।

यहां, हमने शिक्षक दिवस (Teachers Day) निबंध प्रदान किया है। और परीक्षा के दौरान शिक्षक दिवस (Teachers Day) पर निबंध कैसे लिखना है, इस बारे में एक विचार प्राप्त करने के लिए छात्र इस शिक्षक दिवस (Teachers Day) निबंध के माध्यम से जा सकते हैं। फिर, वे अपने शब्दों में भी एक निबंध लिखने का प्रयास कर सकते हैं।

Table of Contents

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day Essay)

एक शिक्षक को माता-पिता के बाद बच्चे के जीवन में दूसरा सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति माना जाता है। शिक्षकों को एक माँ के समान स्थान दिया जाता है क्योंकि वे अपना पूरा जीवन छात्रों को शिक्षा प्रदान करने में लगाते हैं।

हम शिक्षक दिवस क्यों मनाते हैं?

विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है, लेकिन शिक्षक दिवस अलग-अलग देशों में अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाता है। भारत में, शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन को शिक्षकों द्वारा समाज में दिए गए योगदान को श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता है। यह वह दिन है जिस दिन डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म वर्ष 1888 में हुआ था। उनका जन्मस्थान आंध्र प्रदेश राज्य में स्थित थिरुत्तानी है।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान शिक्षक, दार्शनिक और भारत रत्न प्राप्तकर्ता थे। वह स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति भी रहे थे। 1962-67 के दौरान, जब वे भारत के राष्ट्रपति के रूप में देश की सेवा कर रहे थे, उनके छात्रों और दोस्तों ने उनसे उनका जन्मदिन मनाने का अनुरोध किया। 

जिस पर उन्होंने जवाब दिया, “मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो यह मेरे लिए गौरव की बात होगी।” तभी से उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस (Teachers Day) के रूप में मनाया जाने लगा।

छात्रों के जीवन में एक शिक्षक की भूमिका

शिक्षक विद्यार्थियों का भविष्य संवारते हैं। वे नई पीढ़ियों को एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए शिक्षित करने की जिम्मेदारी लेते हैं। एक महान शिक्षक में ज्ञान के लिए काफी जुनून और उस ज्ञान को मानवता के लिए फ़ैलाने के लिए काफी जनून मौजूद होता है। किसी भी अन्य व्यवसाय की तुलना में शिक्षकों का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। वे अपने शिक्षण के माध्यम से कई छात्रों के जीवन को बदलने की शक्ति रखते हैं और इस प्रकार वे इस समाज को प्रभावित करते हैं।

शिक्षकों की भूमिका एक सूत्रधार की तरह होती है जो कक्षा में सहयोगात्मक अधिगम को प्रोत्साहित करती है। वे न केवल अकादमिक कौशल के विकास में मदद करते हैं बल्कि छात्रों में कई कौशल भी विकसित करते हैं। वे उदाहरणों, वास्तविक जीवन के परिदृश्यों आदि की मदद से विषयों को समझाने के लिए वास्तविक जीवन के संबंध बनाते हैं।

शिक्षक ज्ञान, अच्छे मूल्य, परंपरा, आधुनिक समय की चुनौतियों और उन्हें दूर करने के तरीके बताकर सीखने को मजेदार बनाते हैं। इस प्रकार, शिक्षकों का प्रभाव कक्षा से परे भी होता है। वे न केवल स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करते हैं बल्कि अपने छात्रों के जीवन को भी समृद्ध करते हैं।

भारत में शिक्षक दिवस कैसे मनाया जाता है?

सभी के जीवन में शिक्षकों का योगदान बहुत बड़ा होता है। यह महत्वपूर्ण है कि उनका सम्मान किया जाए। भारत में, शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर, भारत के राष्ट्रपति द्वारा मेधावी शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिए जाते हैं।

पुरस्कार प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों में काम करने वाले शिक्षकों की प्रशंसा करने के लिए सार्वजनिक आभार के रूप में प्रदान किए जाते हैं। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के अद्वितीय योगदान का जश्न मनाना और उन्हें सम्मानित करना है।

शिक्षक दिवस (Teachers Day) शिक्षकों और छात्रों के बीच के खूबसूरत बंधन को मनाने का एक शानदार अवसर है। इस दिन को और यादगार बनाने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में छात्र शिक्षकों के लिए विभिन्न गतिविधियों और खेलों का आयोजन करते हैं। वे नृत्य करते हैं, गीत गाते हैं, शिक्षकों की नकल करते हैं, कविताएँ सुनाते हैं, आदि। कुछ छात्र अपने शिक्षकों को फूल और हाथ से बने कार्ड उपहार में देकर धन्यवाद देते हैं।

स्कूल और कॉलेज से पास आउट होने वाले छात्र इस दिन अपने शिक्षकों से मिलने की कोशिश करते हैं और उन्हें अपनी शुभकामनाएं देते हैं। और अगर वे उनसे दूर हैं, तो वे उन्हें एक संदेश भेजते हैं या उन्हें फोन जरूर करते हैं।

FAQ (Frequently Asked Questions)

निबंध लिखते समय किन नियमों का पालन करना चाहिए.

1. यह व्याकरणिक के रूप से सही हो।  2. इसमें पूर्ण वाक्य का इस्तेमाल करे। 3. इसमें किसी भी तरह का abbreviations का उपयोग नहीं करे।

एक छात्र के जीवन में शिक्षक की क्या भूमिका होती है?

एक शिक्षक को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है क्योंकि वह बच्चों को मूल्यवान ज्ञान, और नैतिक मूल्य प्रदान करता है। शिक्षक एक छात्र के समग्र दृष्टिकोण, व्यवहार को आकार देने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

क्या आज शिक्षकों को योग्य और अर्जित सम्मान दिया जाता है?

अधिकांश छात्र निश्चित रूप से शिक्षकों को जानते हैं और उन्हें महत्व देते हैं और उन्हें उचित सम्मान भी देते हैं। हालाँकि, अभी भी कुछ ऐसे लोग हैं जो उनकी आलोचना करते हैं और शिक्षकों के प्रति बहुत सम्मानजनक नहीं होते हैं। इसीलिए छात्रों को इस बारे में कम उम्र से ही सिखाया जाना चाहिए।

आशा करता हूं कि आज आपलोंगों को कुछ नया सीखने को ज़रूर मिला होगा। अगर आज आपने कुछ नया सीखा तो हमारे बाकी के आर्टिकल्स को भी ज़रूर पढ़ें ताकि आपको ऱोज कुछ न कुछ नया सीखने को मिले, और इस articleको अपने दोस्तों और जान पहचान वालो के साथ ज़रूर share करे जिन्हें इसकी जरूरत हो। धन्यवाद।

Also read –

Republic Day essay in hindi

Rabindranath Tagore biography in hindi

Hindikhoji

हमारे इस पोस्ट को, हिंदी खोजी की एडिटोरियल टीम द्वारा पूरी रिसर्च करने के बाद लिखा गया है, ताकि आपलोगों तक सही और नई जानकारियों को सरलता से पहुचाया जा सके। साथ ही हम यह आशा करेंगे की, आपलोगों को इन आर्सेटिकल्स के माध्यम से सही और सटीक जानकारी मिल सके, जिनकी आपको तलाश हो | धन्यवाद।

Similar Posts

Political Parties विषय की जानकारी, कहानी | Political Parties summary in hindi

Political Parties विषय की जानकारी, कहानी | Political Parties summary in hindi

क्या आप एक दसवी कक्षा के छात्र हो, और आपको NCERT के (Civics) के chapter “Political Parties” के बारे में सारी जानकारिय प्राप्त करनी है? अगर हा, तो….

Nazism and the Rise of Hitler विषय की जानकारी, कहानी | Nazism and the Rise of Hitler summary in hindi

Nazism and the Rise of Hitler विषय की जानकारी, कहानी | Nazism and the Rise of Hitler summary in hindi

क्या आप एक नौवीं कक्षा के छात्र हो, और आपको NCERT के chapter “Nazism and the Rise of Hitler” के बारे में सारी महत्वपूर्ण जानकारिय प्राप्त करनी है? अगर हा, तो……

Pastoralists in the Modern World विषय की जानकारी, कहानी | Pastoralists in the Modern World summary in hindi

Pastoralists in the Modern World विषय की जानकारी, कहानी | Pastoralists in the Modern World summary in hindi

क्या आप एक नौवीं कक्षा के छात्र हो, और आपको NCERT के chapter “Pastoralists in the Modern World” के बारे में सारी महत्वपूर्ण जानकारिय प्राप्त करनी है? अगर हा, तो………

Class 10 CBSE NCERT के hindi notes | Class 10 CBSE NCERT Notes in hindi

Class 10 CBSE NCERT के hindi notes | Class 10 CBSE NCERT Notes in hindi

यह CBSE NCERT Notes सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है जो परीक्षा की तैयारी में गिना जाता है, और यह…..

Two Stories About Flying विषय की जानकारी, कहानी | Two Stories About Flying summary in hindi

Two Stories About Flying विषय की जानकारी, कहानी | Two Stories About Flying summary in hindi

क्या आप एक दसवी कक्षा के छात्र हो, और आपको NCERT के chapter “First Flight Two Stories About Flying” के बारे में महत्वपूर्ण जानकारिय प्राप्त करनी है? अगर हा, तो…….

The Tsunami विषय की जानकारी, कहानी | The Tsunami summary in hindi

The Tsunami विषय की जानकारी, कहानी | The Tsunami summary in hindi

क्या आप एक आठवीं कक्षा के छात्र हो, और आपको NCERT के English Honeydew ख़िताब के chapter “The Tsunami” के बारे में सारी जानकारिय प्राप्त करनी है? अगर हा, तो…..

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

HindiKhojijankari

Teacher’s Day Essay in Hindi: शिक्षक दिवस पर निबंध 250, 300, 500 शब्दों में, साथ ही पढ़ें टीचर्स डे पर कविता और अनमोल वचन

Poem-Essay-on-Teacher's-Day-in-Hindi

शिक्षक दिवस पर निबंध, कविता और अनमोल वचन, संदेश (Teacher’s Day Essay in Hindi, Teachers Day Shayari, Poem, Quotes, Essay on Teacher’s Day in Hindi) शिक्षक दिवस पर निबंध 250, 300, 500, शब्दों में, Teachers Day Poem In Hindi, Teachers Day Essay For Students In Hindi)

5 सितंबर को हर साल शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म हुआ था। उन्हीं के सम्मान में 5 सितंबर का दिन प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

समाज में शिक्षकों की भूमिका तथा उनके संघर्षों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने के लिए हर साल शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

इस दिन विद्यालय, महाविद्यालय तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न तरीके के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनमें छात्र-छात्राएं अपने विचारों की अभिव्यक्ति करने के लिए भाषण देते हैं और कविताएं पढ़ते हैं।

Join Our WhatsApp Group hindikhojijankari

इस दिन छात्र अपने अभिभाषण और कविताओं के माध्यम से अपने जीवन में शिक्षक की भूमिका का मूल्यांकन करते हैं। शिक्षक दिवस पर विभिन्न संस्थानों में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाता है।

इस आर्टिकल में आप को शिक्षक दिवस पर निबंध और कविताएं पढ़ने को मिलेगी जिन्हें आप अपने शिक्षण संस्थानों में सुना सकते है। इन सामग्रियों के माध्यम से आप एक प्रभावशाली भाषण भी तैयार कर सकते हैं।

आइये जानें- 5 सितंबर शिक्षक दिवस का इतिहास व रोचक तथ्य

  • शिक्षक दिवस 2023 पर यह जोरदार भाषण दे कर करें शिक्षकों का धन्यवाद

Poem-Essay-on-Teacher's-Day-in-Hindi

विषय–सूची

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teacher’s Day Essay in Hindi)

छात्र जीवन में शिक्षक की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक के मार्गदर्शन में ही हम जीवन के नैतिक मूल्यों को समझते हैं और जीवन की सही राह को अपनाते हैं।

शिक्षा की हमें नीति का पाठ पढ़ाते हैं बिना शिक्षक के हमारा नैतिक विकास नहीं हो सकता। इसीलिए शिक्षकों के सम्मान में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

5 सितंबर 1888 को भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्म हुआ था। शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के उत्कृष्ट योगदान के सम्मान में उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी पेशे एक शिक्षक थे। इसके अलावा वह एक दार्शनिक और दर्शनशास्त्र के प्रोफ़ेसर भी थे। उन्होंने दर्शनशास्त्र पर कई सारी किताबें भी लिखी हैं। राधाकृष्णन जी की शिक्षण शैली अत्यंत प्रभावशाली थी। एक शिक्षक के रूप में उन्होंने लोगों को बहुत प्रभावित किया था।

उनका मानना था कि देश के नैतिक भविष्य को बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। वह शिक्षा को हथियार की तरह मानते थे जिसके बल बूते पर जीवन का हर संघर्ष लड़ा जा सकता है।

अपने जीवन काल में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने विभिन्न विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में अध्यापन का कार्य किया। इतना ही नही वह बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के कुलपति भी नियुक्त किए गए और आगे चलकर भारत के पहले उपराष्ट्रपति बने।

भले ही शिक्षक दिवस की शुरुआत डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के योगदान के सम्मान में हुई थी लेकिन यह आज भी हमारे शिक्षकों को सम्मान के रूप में समर्पित है।

शिक्षक एक मोमबत्ती की तरह होता है जो खुद जलकर दूसरों को रोशनी देता है। शिक्षा के अभाव में जीवन निरर्थक हो जाता है। एक शिक्षक शिक्षा की आभा के माध्यम से हमारे जीवन में फैले हुए अज्ञान के अंधकार को दूर करता है और हमारे जीवन को सार्थक बनाता है।

सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी मानते थे कि शिक्षक ही देश के भविष्य का निर्माण करता है क्योंकि वह देशभर के युवाओं को राष्ट्र को विकास की नई दिशा एवं गति देने के लिए प्रेरित करता है।

हमें अपने शिक्षकों का हृदय से सम्मान करना चाहिए एवं सदैव उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए।

शिक्षक दिवस पर छोटा निबंध 250 शब्दों में (Teachers Day Essay In Hindi 250 Words)

भारत में पांच सितंबर का दिन हर साल राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति तथा द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती भी होती है।

उनकी जयंती के उपलक्ष में ही भारत का यह राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विश्व स्तर पर 5 अक्टूबर का दिन अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है लेकिन भारत में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाने के लिए सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती का दिन चुना गया।

दरअसल एक बार सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने अपने जन्मदिन मनाने के आग्रह पर छात्रों से कहा था कि अगर वह उनके जन्मदिन को सही तरीके से मनाना चाहते हैं और उन्हें कोई उपहार देना चाहते हैं तो 5 सितंबर का दिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाए।

वह भारत के एक महान दार्शनिक दूरदर्शी नेता तथा आदर्श तथा उत्कृष्ट शिक्षक थे। जब उनका निधन हो गया तब उनकी जयंती का दिन उनके सम्मान में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

शिक्षक दिवस का यह दिन शिक्षक और विद्यार्थी दोनों के लिए खास होता है। शिक्षक दिवस का एक दिन शिक्षकों को समर्पित होता है।

इस दिन देश भर में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं खासकर स्कूल कॉलेज तथा विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस पर निबंध लेखन तथा भाषण प्रतियोगिता आदि का आयोजना किया जाता है।

शिक्षक दिवस का दिन शिक्षक को समर्पित होता है। शिक्षक की भूमिका हमारी भारतीय संस्कृति और हमारे जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक तरफ जहां हमारी संस्कृति शिक्षकों को ईश्वर से भी महान बताती है तो वहीं दूसरी ओर शिक्षक हमारे जीवन का कायाकल्प भी करते हैं!

हमेशा देव शिक्षकों का आदर करना चाहिए एवं उनकी बात माननी चाहिए! आप सभी को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!

आइये जानते हैं –

  • भारत   की   पहली महिला शिक्षिका – सावित्री बाई
  • कौन है भारत की प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका
  • महान गणिज्ञ व वैज्ञानिक – सत्येंद्र नाथ बोस का जीवन परिचय

शिक्षक दिवस (टीचर्स डे) पर कविता शायरी (Shayari On Teacher’s Day Poem in Hindi)

कविता 1 – ईश्वर से बढ़कर महान है गुरु।, कविता 2 – बिन गुरु शिक्षा होत न ज्ञान, शिक्षक दिवस पर अनमोल वचन (quotes on teachers day hindi).

  • छात्रों के जीवन में शिक्षक की भूमिका एक कुम्हार की तरह होती, जो अबोध छात्रों को गढ़ कर, उन्हें ज्ञान की आंच पर पका कर ज्ञानी और विद्वान बनाता है।
  • शिक्षक जीवन के ध्येय को साधने के सारे उपाय बताता है।
  • जरूरी नहीं है कि जीवन में शिक्षक कोई व्यक्ति ही हो, कई बार परिस्थितियां, घटनाएं और समय भी शिक्षक की भूमिका निभाते हैं। जो हमें जीवन की वास्तविकता बताकर सही मार्ग दिखाते हैं।
  • हमारे जीवन में शिक्षा के सिद्धांतों की नींव डालते हैं जिन सिद्धांतों पर चलकर हम एक महान जीवन जीते हैं।
  • सनातन संस्कृति में गुरु और माता-पिता को ईश्वर से श्रेष्ठ बताया गया है।
  • बिना गुरू ज्ञान के ईश्वर से भेंट नहीं हो सकती। गुरू ही ईश्वर और मोक्ष तक जाने का मार्ग दिखाता है।
  • गुरु हमारे जीवन में ज्ञान रूपी प्रकाश भरकर जीवन के अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर देता है।
  • शिक्षक केवल वह व्यक्ति नहीं होता जो हमें किसी संस्था में पढ़ाता है बल्कि हर वह चीज जो हमें जीवन का पाठ पढ़ाती है जिससे हम बहुत कुछ सीखते हैं, वह हमारे गुरु के समान होती है।
  • शिक्षक एक ऐसा व्यक्तित्व है जो अपने अनुभवों को हमारे साथ साझा करता है, हमें एक नए दृष्टिकोण से आकलन करना सिखाता है तथा हमारी गलतियों से हमें प्रेरित होना सिखाता है।
  • जिस प्रकार ब्रह्मा को जीवन का रचयिता माना जाता है ठीक उसी प्रकार शिक्षक को नीति, ज्ञान और बुध्दि का रचयिता माना जाता है।

आज इस लेख के जरिए हमने आप को शिक्षक दिवस पर निबंध Essay On Teacher’s Day तथा शिक्षक दिवस पर कविता Poem On Teacher’s Day In Hindi परचर्चा की । उम्मीद करते हैं आपको यह आर्टिकल बेहद पसंद आया होगा।

Leave a Comment Cancel reply

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

ताज़ा हवा और रोशनी के लिए

Teachers Day Essay in Hindi | शिक्षक दिवस निबंध

Teachers Day Essay in Hindi

टीचर्स डे या शिक्षक दिवस 5 सितंबर को भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के दिन मनाया जाता है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है.

हमारा इतिहास गवाह है की शिक्षक का पद सदियों से सबसे ऊपर रहा है। शिक्षक हर देश की तरक्की की पहली नीव है। एक अच्छा शिक्षक हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब बच्चा पैदा होता है तो उसकी सबसे पहली शिक्षक उसकी मां होती है। चाहे वह मां हो या स्कूल कॉलेज में मिले टीचर यह दोनों ही दुनिया के सबसे बड़े गुरु होते हैं। यह ना केवल हमें शिक्षा देते हैं बल्कि हमारे आने वाले कल को एक सुनहरे मोड़ पर भी ले जाते हैं। हमारे जीवन की हर एक तरक्की का पहला कदम इन से पूछ कर उठाया जाता है, क्योंकि एक शिक्षक कभी भी अपने विद्यार्थी का बुरा नहीं चाहता. वो बस यह चाहते हैं कि वह जीवन में जो भी कदम उठाएं वह उनके लिए अच्छा साबित हो।

एक अच्छे विद्यार्थी की यह निशानी होती है कि वह अपने गुरु के सभी आदेश माने और उन्हें सबसे ज्यादा इज्जत दे। जो इंसान अपने गुरु की इज्जत करना जानता है केवल वही इंसान सफलता में कभी मात नहीं खाता। अपने गुरु से शिक्षा लेना और उस शिक्षा को अच्छी जगह पर उपयोग करना यही होती है एक अच्छे विद्यार्थी की निशानी।

टीचर्स डे के उपलक्ष में हम यहाँ teachers day essay in hindi, shikshak diwas par nibandh (शिक्षक दिवस पर निबंध) लेकर आए हैं जो आप अपना स्कूल का काम पूरा करने या असाइनमेंट के लिए इन निबंधों का इस्तेमाल कर सकते हैं.

Short Essay on Teacher in Hindi | शिक्षक पर निबंध हिंदी में 300 Words

प्रस्तावना | hindi essay on teacher.

एक शिक्षक हमारे समाज का ऐसा कारीगर है जो उसे कण-कण जोड़कर हर रोज अपनी मेहनत से बनाता है। एक शिक्षक समाज को तब तक आकार देता है जब तक वह तरक्की की राह पर ना पहुंच जाए। और हर दिन अपनी उस मेहनत पर गर्व करता है। अपने शिष्य को तरक्की की ऊंचाइयों पर चमकता देखकर जो खुशी एक शिक्षक की आंखों में होती है, वह कई सालों तक की गई उनकी मेहनत के कारण होती है। अकसर विद्यार्थी अपने शिक्षक से डरते जरूर है परंतु हमेशा उनकी इज्जत और सम्मान पूरा करते हैं।

एक अच्छा शिक्षक ना केवल बच्चों को पढ़ाता है बल्कि बच्चों की मनोदशा को भी समझता है और उनसे बातचीत करके उनकी सभी परेशानियों का हल निकलता है। जब कोई बच्चा बिना डरे अपने शिक्षक से अपने दिल की सारी बातें कर सकें, इसका यह मतलब होता है कि उस शिक्षक ने अपने विद्यार्थी का दिल हर तरफ से जीत लिया है। ऐसे शिक्षक बहुत कम मिलते हैं जिनसे बच्चे खुलकर बात कर सकते हैं, परंतु जब हमें ऐसे शिक्षक मिलते हैं तब वह हमारी जिंदगी का सबसे अनमोल हिस्सा कहलाते हैं।

उपसंहार | टीचर्स डे निबंध

एक शिक्षक के ज्ञान और उसकी कला में ऐसी ताकत होती है जिससे वह पूरी दुनिया को बदल सकता है। कहने को तो लोग यह भी कहते हैं कि एक शिक्षक की नौकरी एक आम नौकरी जैसी है परंतु यह बात बहुत कम लोग महसूस कर पाते हैं कि हम सब को सफल बनाने वाला भी एक शिक्षक ही है। चाहे हमारे देश का प्रधानमंत्री हो क्या कोई बहुत अच्छा डॉक्टर हो सभी के सिर पर उनके शिक्षक का हाथ रहा है। आज हम जहां भी खड़े हैं हम केवल अपने शिक्षक के दम पर खड़े हैं।

यह हमेशा याद रखें कि गुरु का महत्व और गुरु का पद जीवन में सबसे ऊपर होता है। सदैव उनका आदर और सत्कार करते रहें तब ईश्वर भी आपकी तरक्की में आपका साथ देंगे।

Hindi Essay on Teacher | शिक्षक पर निबंध 500 Words

प्रस्तावना | teacher per nibandh.

हमारी इस धरती पर ईश्वर का सबसे बड़ा वरदान इस शिक्षक के रूप में धरती पर आया है। एक शिक्षक की वजह से पूरी दुनिया सकारात्मक बनती है और सभी को जीवन में कुछ बनने के लिए प्रेरित करती है। जो सीख एक शिक्षक देता है उसी सीख से दुनिया एक बेहतर रूप लेती जा रही है। शिक्षक नई सोच और नई उमंग का सबसे अच्छा जरिया होता है। सभी के जीवन में अच्छे शिक्षक का होना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना जिंदा रहने के लिए सांसे लेना जरूरी होता है।

शिक्षक हमें अहिंसा के ऊपर शिक्षा और कलम की ताकत को समझाता है। एक अच्छा शिक्षक लोगों को जीने का नजरिया देता है और हर उस रास्ते से अवगत कराता है जो तरक्की की ओर बढ़ता रहे। एक अच्छा शिक्षक कभी भी अपने विद्यार्थी को कोई गलत रास्ते पर चलने की सलाह नहीं देगा, और पूरी कोशिश करता रहेगा कि उनका विद्यार्थी हमेशा सच्चाई और अच्छाई की राह पर चलते हुए मेहनत करता रहे। चाहे कोई भी हो, हर सफल मनुष्य के पीछे उसके शिक्षक का हाथ जरूर होता है। यदि शिक्षक ना हो तो शिक्षा का हर रंग बेरंग हो जाता है।

गुरु केवल आपको शिक्षा नहीं देते बल्कि आपको एक अच्छा इंसान भी बनाते हैं। शिक्षक आपको केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, क्योंकि पढ़ाई से बाहर भी एक दुनिया है उसका सामना करना सबको आना चाहिए। शिक्षक हमें दुनिया की सच्चाईयों से अवगत कराते हैं और उस दुनिया में हर बुराई से लड़ने की ताकत और समझ भी देते हैं। एक शिक्षक समाज पर अपनी अच्छाइयों की छाप छोड़ जाता है और अपने विद्यार्थी की जिंदगी को आसमान की हर उस ऊंचाई पर लेकर जाता है, यहां पहुंचने का सपना हम सभी देखते हैं।

शिक्षक का महत्व | Mera Priya Shikshak

एक शिक्षक इतना भरोसेमंद होता है कि जब एक बच्चा बहुत छोटा होता है तो उसकी मां उसकी अध्यापिका के भरोसे उसे स्कूल छोड़कर जाती है। क्योंकि वह जानते हैं कि इसका ख्याल जितना हम अपने घर में रखते हैं उतना ही ख्याल उसकी अध्यापिका स्कूल में रखेगी। केवल एक विद्यार्थी का ही नहीं बल्कि मां बाप को भी उनके शिक्षक से बहुत उम्मीदें होती हैं। अपने बच्चों की तरक्की की डोर मां बाप पूरे भरोसे के साथ उनके शिक्षक के हाथ में दे देते हैं। क्योंकि इतिहास गवाह है कि जब भी किसी शिक्षक ने अपने शिष्य का हाथ थाम कर उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है, ऐसा विद्यार्थी कभी असफल नहीं हुआ है।

उपसंहार | Adarsh Shikshak Par Nibandh

शिक्षक ऐसे भी होते हैं जो किसी विद्यार्थी को जिंदगी भर याद रह जाते हैं। यह सच है कि सभी के जीवन में एक बार एक ऐसा शिक्षक जरूर आता है जो उन्हें सिर्फ पढाता नहीं बल्कि दुनिया भी दिखाता है। ऐसे शिक्षक को हम सभी जिंदगी भर याद रखते हैं। जब भी कहीं किसी अच्छे शिक्षक की बात होती है हम सभी के दिमाग में एक ऐसा शिक्षक का नाम जरूर आता है, जिसके बारे में सोच कर हमारी आंखों में चमक और चेहरे पर एक मुस्कान आती है। क्योंकि उनके जैसा शिक्षक दोबारा मिलना बहुत मुश्किल होता है। इसीलिए कहते हैं कि जब तक भी आपके गुरु आपके साथ हैं उन से भरपूर ज्ञान लें और जितना हो सके उतनी अच्छी बातें भी सीखें। गुरु के सुनहरे शब्द आपका जीवन बना सकते हैं।

Shikshak Diwas Par Nibandh | शिक्षक दिवस निबंध 1000 Words

प्रस्तावना | paragraph on teachers day in hindi.

शिक्षक चाहे कोई भी हो, कहीं भी हो या किसी भी विषय का हो, यह सभी हमारी तरफ से पूरी इज्जत और सम्मान के हकदार हैं, क्योंकि इन्होंने अपने परिवार और अपनी जरूरतों को किनारे रखकर हमेशा अपने विद्यार्थियों का साथ दिया है। शिक्षक स्वयं को और अपने परिवार को एक बार के लिए चाहे पीछे छोड़ दे परंतु अपने विद्यार्थियों को कभी पीछे नहीं छूटने देते। हर शिक्षक अपने आप से यह वादा करता है कि वह अपने शिष्य की तरक्की के लिए पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेते हैं, और जहां भी वह डट जाएंगे वहां उनका साथ देने के लिए हमेशा खड़े रहते हैं।

जब कोई विद्यार्थी सफल होता है उसकी सफलता का पूरा श्रेय उसके शिक्षक को जाता है, अपने विद्यार्थी की सफलता देखना एक शिक्षक के लिए उसके जीवन की सबसे बड़ी खुशी कहलाता है। जब कोई विद्यार्थी विजयी नहीं होता तब सबसे ज्यादा दुख उसके शिक्षक को ही होता है, किन्तु एक शिक्षक में ऐसी ताकत होती है कि वह स्वयं तो उठ खड़े होते हैं और अपने विद्यार्थी को भी उठाते हैं। अपने विद्यार्थियों को फिर से आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और उनकी ताकत बनकर उनके पीछे खड़े रहते हैं। एक अच्छा शिक्षक कभी भी अपने विद्यार्थी को हार मानने की सलाह नहीं देता। निराशा चाहे हजार बार ही क्यों ना सामने आए परंतु एक शिक्षक उस निराशा को हटाने के लिए लाखों बार मेहनत करने को भी डटकर तैयार खड़े रहते हैं।

स्वयं को खुशनसीब समझिए यदि आपके जीवन में भी कोई ऐसा शिक्षक है जिन्होंने आपके जीवन की दशा पूरी तरह से बदल कर रख दी। अच्छे शिक्षक हमें पढ़ाने के लिए जो भी चीजें लगती है उनके लिए हमेशा तैयार खड़े रहते हैं, और हमें सिखाई जाने वाली चीजें तब तक हमें सिखाते हैं जब तक हम उन्हें अच्छे से समझ नहीं जाते। कभी कभी तो ऐसा लगता है कि जैसे गुरु में कोई दिव्य शक्तियां हैं, ना ही वो कभी थकते हैं और ना ही कभी हार मानते हैं।

महत्व | Teachers Day Essay in Hindi

अगर कभी आपको ऐसा लगता है कि आपका शिक्षक आपको बहुत ज्यादा काम देता है या आपको कठिनाइयों से गुजरने के लिए कहते हैं। अपने शिक्षक की ऐसी बातों का कभी बुरा ना माने क्योंकि आपको ऐसी परिस्थिति में डालकर आपका शिक्षक केवल आपको हर चुनौती के लिए तैयार करना चाहता है। चुनौतियों से लड़ने के लिए जो शक्ति चाहिए होती है उसके लिए आपका शिक्षक आपको कठिन स्थिति में डाल देता है। उनके दिए गए हर काम भी इज्जत करें और उसे पूरा करें।

एक विद्यार्थी की मदद करने के लिए शिक्षक किसी भी हद तक चले जाते हैं। केवल कक्षा के अंदर ही नहीं बल्कि आपको जीवन का ज्ञान भी देते हैं। दुनिया में जीना सिखाते हैं और किस तरह आगे बढ़ना है उन सभी रास्तों से आपको परिचित करवाते हैं। शिक्षक एक सीढ़ी है जिस पर आप अंधा भरोसा कर सकते हैं, क्योंकि कोई भी शिक्षक कभी अपने विद्यार्थी का बुरा नहीं चाहते, अपने हर एक विद्यार्थी को तरक्की करते हुए देखना उनका परम सपना होता है।

एक अध्यापक होना दुनिया का सबसे मुश्किल काम होता है। एक अच्छा गुरु इस बात का उदाहरण है कि किस तरह आप एक जूनून रखने वाले व्यक्ति बन सकते हैं। इतिहास गवाह है कि एक अच्छे गुरु की इज्जत एक विद्यार्थी किस तरह करता है। गुरु का दर्जा इतना ऊपर होता है कि एक विद्यार्थी अपने गुरु के लिए कुछ भी कर सकता है। भारत के इतिहास में यह बात लिखी गई है कि एकलव्य ने द्रोणाचार्य से यह वादा किया था कि वह गुरुदक्षिणा में जो भी मांगेंगे एकलव्य उन्हें वह अवश्य देगा।

गुरुदक्षिणा लेने का समय आया तब द्रोणाचार्य ने एकलव्य से ऐसा कहा कि वह अपना दाएं हाथ का अंगूठा काटकर उन्हें दे दे। एकलव्य के दिल में अपने गुरु के लिए इतना इज्जत और सम्मान भरा था कि उन्होंने हंसते-हंसते अपना एक अंगूठा काटकर द्रोणाचार्य के लिए गुरु दक्षिणा के रूप में दे दिया। एकलव्य और द्रोणाचार्य यह दोनों ही एक अच्छे शिक्षक और एक अच्छे शिष्य के बहुत बड़े उदाहरण है। अपने गुरु की इज्जत और आदेश का पालन करने की कला आपको किसी-से सीखनी है तो उसका सबसे अच्छा और बड़ा उदाहरण एकलव्य का है।

उपसंहार | Hindi Essay on Teacher

आप अपना गुरु चाहे किसी को भी मानते हों, फिर चाहे वह आप को जन्म देने वाली आपकी मां हो, विद्यालय में मिली आप की अध्यापिका यह दोनों ही साक्षात शिक्षक के रूप में भगवान का रूप होते हैं। माना की सफलता के लिए कड़ी मेहनत और लगन बहुत जरूरी होती है, परन्तु इन दोनों चीजों के साथ-साथ अपने गुरु का आशीर्वाद भी बहुत जरूरी होता है। उस आशीर्वाद से भी बढ़कर यह जरूरी है कि जब तक आप अपने गुरु की शरण में हैं और उसके बाद भी कभी अपने गुरु की इज्जत करना ना भूलें। एक गुरु ही तो है जिन्होंने आपको इस लायक बनाया कि आज आप सफलता की सीढ़ियों पर खड़े हैं। हमेशा अपने गुरु के आभारी रहें।

आशा करते हैं की आपको हमरा यह Teachers Day Essay in Hindi, शिक्षक दिवस निबंध लेख आपको पसंद आया होगा. नीचे टिप्पणी करके हमने इसके बारे में जरुरु बताएं. और अगर आपको यह टीचर्स डे निबंध पसंद आए तो अपने दोस्तों के साथ शेयर भी जरुर करें.

  • Tags: 10 lines on teachers day in hindi , hindi essay on teacher , mera priya shikshak , mere priya shikshak , paragraph on teachers day in hindi , shikshak din nibandh , shikshak diwas par nibandh , shikshak par nibandh , short essay on teacher in hindi , teacher per nibandh , teachers day essay in hindi , टीचर्स डे निबंध , शिक्षक दिवस निबंध , शिक्षक पर निबंध , शिक्षक पर निबंध हिंदी में

Editorial Team

Editorial Team

One response.

निबंध आर्टिकल पढ़कर मुझे मेरे बचपन की याद आ गया। काश उस टाइम में इंटरनेट का दौर होता तो हमें इतना मुसीबतों का सामना नहीं पड़ता और हम आसानी से निबंध लिखकर हमारी टीचर को दिखा देते हैं।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Related Posts

three friends stands and a True Friendship Quotes in Hindi is written on it

True Friendship Quotes in Hindi | फ्रेंडशिप कोट्स

हर इंसान के लिए दोस्ती की एक अलग परिभाषा होती है जिसे वो शायद शब्दों में बयाँ भी न कर

a boy sleeping and Dream Quotes & Status in Hindi writes here

Dream Quotes & Status in Hindi | सपने स्टेटस

सपना बड़ा हो या छोटा, सपना तो सपना होता है। यहां तक ​​​​कि सबसे सफल व्यक्तियों के भी सपने थे,

a mother and his daughter sitting in a garden and a Maa Quotes in Hindi is written

Maa Quotes in Hindi | माँ सुविचार & कोट्स

माँ, जननी, अम्मा और ना जाने कितने और अनेक नाम है एक माँ के। कहते हैं धरती पर अपनी कमी

a women doing spiritual and a Deep Spiritual Quotes in Hindi is written on it

Deep Spiritual Quotes in Hindi | सद्भावना सुविचार

ऐसा माना जाता है कि अंतरिक्ष का आपकी अंतरात्मा पर कोई काबू नहीं होता है। मनुष्य की अंदर की शक्तियों

teachers day essay 300 words in hindi

Education Thought in Hindi | शिक्षा पर दो लाइन

दिन की शुरुआत में खुद को शिक्षित करने का अर्थ होता है दिन के अंत में उसका फल पाना। आज

a person stands on a mountain and a Hard Work Motivational Quotes in Hindi is written on it

Hard Work Motivational Quotes in Hindi

हमारे बड़े यह बात कह रहे हैं कि तुम्हारी सफलता का राज केवल तुम्हारे बड़ों के आशीर्वाद और उनके विश्वास

  • Privacy Policy

Chhoti Badi Baatein

  • हिंदी निबंध संग्रह - Hindi Essay Collection

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teacher’s Day Essay in Hindi)

Short and Long Essay on Teacher’s Day in Hindi – भारत में हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन की स्मृति में “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाता है। वह भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति थे जो इन पदों पर रहने से पहले एक शिक्षक थे।

आज के इस आर्टिकल में हम शिक्षक दिवस पर निबंध (Shikshak Diwas Par Nibandh Hindi Mein) प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह छोटे-बड़े हिंदी निबंध सभी कक्षा के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।

Table of Contents

शिक्षक दिवस पर निबंध – 1 (100 शब्द)

शिक्षक दिवस हमारे गुरु के सम्मान में मनाया जाता है जो हमारे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को ज्ञान एवं नैतिक मूल्यों से सुसज्जित करते हैं। शिक्षक का संघर्षपूर्ण प्रयास विद्यार्थियों को निष्ठावान, उत्कृष्ट एवं सशक्त नागरिक बनाता है।

शिक्षक अपनी उन्नत सोच और अनुभवों से प्रेरणा के अनूठे स्रोत होते हैं। उनका मार्गदर्शन हमें विद्यार्थी जीवन को उच्चतम स्तर पर ले जाने की प्रेरणा देता है। हमें सदैव शिक्षकों के प्रति आभारी रहना चाहिए और उनके महत्वपूर्ण योगदान को उचित न्याय देना चाहिए।

शिक्षकों को उनके संघर्षपूर्ण प्रयासों के लिए आदर और सम्मान दिया जाना चाहिए, ताकि हमारे समाज का शिक्षा क्षेत्र मजबूती से आगे बढ़ सके।

शिक्षक दिवस पर निबंध – 2 (200 शब्द)

शिक्षक दिवस का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि यह गुरु के प्रति हमारे समर्पण और सम्मान की भावना को प्रकट करता है। हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है ताकि हम शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान को समझ सकें।

शिक्षक हमारे समाज के मौलिक नेतृत्व के रूप में कार्य करते हैं, जो छात्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि नैतिक मूल्यों, सामाजिक साक्षरता और व्यक्तिगत विकास को भी प्रोत्साहित करते हैं।

शिक्षक छात्रों की अद्भुत क्षमता को पहचानते हैं और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करते हैं। शिक्षकों का यह अद्वितीय योगदान हमारे समाज के विकास में महत्वपूर्ण है और हमें उनके प्रति आभारी और सम्माननीय रहना चाहिए।

समाज के नेतृत्व में शिक्षक भी अहम भूमिका निभाते हैं, जिनसे नई पीढ़ी को ज्ञान मिलता है। समाज के लिए प्रेरणा बनने का उनका कार्य बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे सामाजिक जीवन को मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करने में सक्षम हैं।

शिक्षकों के सामर्थ्य और प्रेरणा से ही हम उच्चतम स्तर पर पहुंच सकते हैं। शिक्षक दिवस पर हमें शिक्षकों के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त करना चाहिए, उनके महत्वपूर्ण कार्यों को पहचानना चाहिए और उनके प्रयासों की सराहना करनी चाहिए।

शिक्षक दिवस पर निबंध – 3 (300 शब्द)

हर साल 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जो शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने का अवसर होता है। सभ्य समाज के निर्माण में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वे न केवल ज्ञान बल्कि नैतिकता और आदर्श भी प्रदान करते हैं। 

शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। उनके मार्गदर्शन में ही छात्र जीवन में अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। उनका संघर्षपूर्ण प्रयास छात्रों को संघर्ष और कठिनाई का सामना करने की क्षमता देता है। शिक्षकों के दृढ़ विश्वास और समर्पण के कारण ही हमारे समाज में उच्च शिक्षा स्थापित हुई है।

शिक्षक ज्ञान को समाज के संघर्षशील स्तर पर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे छात्रों के शैक्षणिक और नैतिक विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनकी कड़ी मेहनत, प्रेरणा और दृढ़ संकल्प से ही छात्र अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

शिक्षक न केवल ज्ञान हैं बल्कि छात्रों के जीवन में आदर्श और नैतिकता के प्रतीक भी हैं। हमें उनका आभारी होना चाहिए और शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को समझना चाहिए।

शिक्षक दिवस पर हमें उनके संघर्षपूर्ण प्रयासों की सराहना करनी चाहिए और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करना चाहिए। यह हमारे लिए उनके महत्वपूर्ण योगदान को पहचानने और समाज में उनका समर्थन करने में सहयोग करने का यह एक अवसर है।

अंत में, शिक्षक दिवस हमें सिखाता है कि शिक्षकों के बिना समृद्ध और सशक्त समाज की कोई संभावना नहीं है। इस दिन हम उन्हें सम्मानित करते हैं और हमारे समाज में उनके महत्वपूर्ण योगदान को समझने के लिए उनके संघर्षों की प्रशंसा करते हैं।

शिक्षक दिवस पर हम एक विशेष प्रस्तावना या कार्यक्रम का आयोजन कर सकते हैं जिसमें छात्र गायन, नृत्य, नाटक आदि के माध्यम से अपने शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त कर सकते हैं और उनके लिए कुछ विशेष सम्मान प्रस्तुत कर सकते हैं।

शिक्षक दिवस पर निबंध – 4 (400 – 500 शब्द)

प्रस्तावना:

शिक्षक ज्ञान, जानकारी और समृद्धि के वास्तविक धारक होते हैं जिनका उपयोग करके वे हमें विकसित करते हैं और हमारे उज्ज्वल जीवन के लिए तैयार करते हैं। हमारी सफलता के पीछे हमारे माता-पिता की तरह हमारे शिक्षक का भी हाथ होता है। इसलिए एक छात्र होने के नाते शिक्षकों के प्रति हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम साल में कम से कम एक बार उन्हें धन्यवाद दें।

भारत में शिक्षक दिवस:

शिक्षकों को उनके बहुमूल्य कार्यों के लिए सम्मानित करने के लिए भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। 5 सितम्बर हमारे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है, जिसे शिक्षकों के सम्मान में “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाता है।

भारत में शिक्षक दिवस की शुरुआत:

भारत में शिक्षक दिवस की शुरुआत 1962 में हुई थी, जब दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन मनाया गया और यही दिन उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान शिक्षा में उनकी मार्गदर्शक भूमिका को समर्पित किया गया।

डॉ. राधाकृष्णन संगीत, साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में एक उत्कृष्ट व्यक्तित्व रहे हैं और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने महत्वपूर्ण योगदान से बड़ी संख्या में लोगों को प्रेरित किया है।

देश में शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाना चाहिए?

शिक्षक दिवस मनाने के कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जो हमें सिखाते हैं कि हमारे जीवन को सही दिशा देने के लिए शिक्षक क्यों महत्वपूर्ण हैं और उनके प्रति हमारी कृतज्ञता और समर्पण की भावना क्यों आवश्यक है।

शिक्षकों के समर्पण और योगदान की सराहना करने के लिए शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। शिक्षक छात्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके समर्पण की मान्यता से उनकी प्रेरणा और उत्साह बढ़ता है।

शिक्षक दिवस हमें याद दिलाता है कि शिक्षा का महत्व केवल पढ़ाई तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विचारशीलता, सामाजिक सद्भाव और नैतिकता विकसित करने में भी है। शिक्षक दिवस के माध्यम से हम शिक्षकों के समर्पण और प्रेम की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हैं।

इससे हमें यह एहसास होता है कि शिक्षक न केवल पढ़ाने के लिए हैं, बल्कि वे छात्रों को सशक्त नागरिक बनाने और जीवन के ध्येय को पूरा करने में भी योगदान देते हैं। इस प्रकार, शिक्षक दिवस हमें यह सिखाता है कि शिक्षकों का योदान सिर्फ किताबें पढ़ाना नहीं है बल्कि इससे बहुत अधिक है। 

शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्र अपने शिक्षकों के प्रति अपना आभार और समर्पण व्यक्त कर सकते हैं। शिक्षक दिवस शिक्षा के महत्व को संवेदनशीलता से समझाने का अवसर भी प्रदान करता है। शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है और शिक्षक इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह अवसर छात्रों और शिक्षकों के बीच एक गहरा बंधन बुनता है और उनके आदर्शों को प्रेरित करता है। इस दिन के अवसर पर छात्रों को अपने शिक्षकों को उपहार और ग्रीटिंग कार्ड देकर बधाई देनी चाहिए।

शिक्षक दिवस समाज में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका स्थापित करता है और उनके संघर्ष, प्रेरणा और समर्पण की प्रशंसा करता है। यह दिन छात्रों के लिए अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता और समर्पण व्यक्त करने का एक अवसर है और वे अपने शिक्षकों के प्रति गहरी भक्ति की भावना महसूस करते हैं।

शिक्षक दिवस पर निबंध – 5 (500 – 700 शब्द)

शिक्षक समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों में से एक होते हैं। वे न केवल ज्ञान के स्रोत होते हैं बल्कि छात्रों के विकास के प्रति उनके समर्पण और सहयोग के लिए भी मूल्यवान होते हैं। शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता और समर्पण की भावना व्यक्त करने के लिए भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है।

शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका:

समाज के विकास और समृद्धि के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण है और इसका मुख्य आधार शिक्षक हैं। शिक्षक एक मार्गदर्शक, प्रेरणास्रोत और ज्ञान प्रदाता होते हैं। 

शिक्षक समाज के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, वे छात्रों को न केवल विभिन्न विषयों में ज्ञान प्रदान करते हैं बल्कि उनके व्यक्तिगत और आदर्श विकास में भी मदद करते हैं। शिक्षक छात्रों को नैतिक मूल्यों को विकसित करने और उन्हें समाज के जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं।

शिक्षक न केवल पाठ्यक्रम को पूरा कराते हैं, बल्कि छात्रों की रूचियों, प्रतिभाओं, और गुणों के प्रति समझदारी से प्रतिक्रिया करके उनके विकास को प्रोत्साहित करते हैं। वे छात्रों को उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें खुद को साबित करने के लिए सशक्त बनाते हैं।

शिक्षक दिवस का इतिहास:

भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। शिक्षक दिवस का आयोजन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर होता है, जो भारतीय समाज में शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाने जाते हैं। 

शिक्षा के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियाँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं और उनका योगदान आज भी हमारे समाज के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में दिखाई देता है। यह दिन उन महान व्यक्तियों को समर्पित है जो हमें ज्ञान, मार्गदर्शन और नैतिक मूल्यों को प्राप्त करने में मदद करते हैं।

शिक्षक दिवस का महत्व:

शिक्षकों के समर्पण और महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने के लिए शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है। यह एक ऐसा अवसर है जब छात्र समाज के विभिन्न क्षेत्रों से उपलब्ध शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता और समर्पण की भावना व्यक्त कर सकते हैं।

साथ ही, शिक्षक दिवस छात्रों को अपने शिक्षकों के समर्थन में सामाजिक सहयोगी बनने के लिए प्रेरित करता है। शिक्षकों के प्रति समर्पण और कृतज्ञता की भावना से समाज में खुशहाली आती है। ये वे मार्गदर्शक हैं जो हमें सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन करते हैं।

शिक्षक दिवस मनाने के तरीके:

शिक्षक दिवस मनाना शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देने का एक शानदार तरीका है। निम्नलिखित कुछ आदर्श तरीके हैं जिनसे आप शिक्षक दिवस मना सकते हैं:

  • शिक्षकों का सम्मान: शिक्षकों के सम्मान और सराहना के लिए एक विशेष समारोह का आयोजन करें, जैसे सम्मान समारोह, पुरस्कार समारोह और आदि।
  • विशेष कार्यक्रमों का आयोजन: शिक्षक दिवस के अवसर पर स्कूलों और कॉलेजों में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करें, जिसमें छात्र गायन, नृत्य, नाटक आदि के माध्यम से अपने शिक्षकों के समर्थन में आगे आ सकें।
  • शिक्षक के प्रति आभार व्यक्त करना: छात्र अपने शिक्षकों को उपहार, ग्रीटिंग एवं धन्यवाद
  • अपना आभार व्यक्त करें: आप शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करने के लिए व्यक्तिगत रूप से उनके प्रति अपना आभार व्यक्त कर सकते हैं। देकर और उनके संघर्षों की सराहना करके उनके प्रति अपना आभार और समर्पण व्यक्त करते हैं।
  • शिक्षकों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में बताएं: स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को शिक्षकों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों से अवगत कराया जा सकता है ताकि वे उनके योगदान को समझ सकें।
  • सोशल मीडिया पर उपलब्धि: सोशल मीडिया पर भी शिक्षक दिवस मनाने पर विचार करें, जहां आप समय-समय पर उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को साझा कर सकते हैं।
  • शिक्षकों की सफलताएँ साझा करें: छात्रों और उनके माता-पिता को शिक्षकों की सफलताएँ, जैसे कि उनके संघर्ष और उच्चतम मानकों वाली सफलता की कहानियाँ, साझा करने का अवसर दें।
  • कृतज्ञता पत्रिकाएँ: छात्र कृतज्ञता पत्रिकाएँ तैयार कर सकते हैं और उन्हें अपने शिक्षकों को प्रस्तुत कर सकते हैं, जिसमें उनकी प्रेरणादायक बातों की सराहना की जाएगी।
  • समाज में शिक्षकों के योगदान की सराहना: शिक्षक दिवस के दौरान समाज में शिक्षकों के योगदान की प्रशंसा करने के लिए सार्वजनिक समारोहों का आयोजन किया जा सकता है।
  • विचार-मंथन सत्र: शिक्षक दिवस के अवसर पर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच एक विचार-मंथन सत्र आयोजित करने पर विचार करें, जिसमें शिक्षा के मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
  • दान या सेवा: छात्र और माता-पिता सामुदायिक सेवा परियोजना में शामिल होकर शिक्षकों का समर्थन करने में योगदान दे सकते हैं।
  • सामाजिक सेवा: शिक्षक छात्रों के साथ किसी सामाजिक सेवा परियोजना, जैसे पुस्तक वितरण या स्वच्छता अभियान में शामिल हो सकते हैं। इससे उनका सहयोग तो होगा ही, समाज को भी लाभ होगा।

शिक्षक दिवस हमें सिखाता है कि शिक्षा का महत्व केवल पढ़ाई में ही नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व, नैतिकता और समाज में उनकी भूमिका के महत्व को समझने में भी मदद करता है।

शिक्षक दिवस पर 10 वाक्य हिंदी में (10  Lines on Teacher’s Day in Hindi)

  • भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है, जो शिक्षकों के शिक्षा को याद दिलाने का दिन है।
  • शिक्षक हमारे जीवन में मार्गदर्शक, ज्ञान-स्रोत और प्रेरणा स्रोत होते हैं।
  • शिक्षक हमें न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि यह भी सिखाते हैं कि कैसे जीवन में सही मार्ग पर चलना है।
  • उनका संघर्ष और समर्पण हमें नई ऊँचाइयों की प्राप्ति के लिए प्रेरित करता है।
  • शिक्षक हमारे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और नेतृत्व कौशल को विकसित करते हैं।
  • उनका मार्गदर्शन हमें नेतृत्व, साहस और सहयोग की महत्वपूर्ण बातें सिखाता है।
  • शिक्षक शिक्षा संस्थान के भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं जो नई पीढ़ियों को तैयार करते हैं।
  • इस दिन हमें अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता और समर्पण का अभिवादन करना चाहिए।
  • शिक्षक दिवस हमें याद दिलाता है कि उनके योगदान के बिना हमारा शिक्षा संचार अधूरा होता।
  • हमें उनके संघर्ष और समर्पण की मूर्ति के रूप में शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए, और उनके प्रति हमारी आभारी भावना को व्यक्त करना चाहिए।

———————————————–//

Enjoy this blog, Please share this

  • Share on Tumblr

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment.

Notify me of follow-up comments by email.

Notify me of new posts by email.

  • निबंध ( Hindi Essay)

teachers day essay 300 words in hindi

Essay on Teacher Day in Hindi | शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में

 alt=

शिक्षक को समाज का शिल्पकार भी कहा जाता है। शिक्षक की वजह से हम अच्छे बुरे का ज्ञान हासिल कर पाते है। हमारे जीवन मे माता-पिता के बाद को सच्चा हितैषी है तो वह शिक्षक ही है। Essay on Teacher Day in Hindi  में आज हम शिक्षक के महत्व के बारे में जानेंगे।

शिक्षक दिवस में निबंध और शिक्षक दिवस पर भाषण (Speech On Teachers Day In hindi) की तलाश कई Students को रहती है।

तो आज हम आपके लिए Speech और Essay दोनों लेकर आए हैं। Essay on Teacher Day in Hindi  को आसान भाषा मे लिखा गया है, ताकि समझने और याद करने में आसानी रहे।

Table of Contents

5 lines On Teachers Day for Kid – शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों के लिए 5 लाइन.

  • 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • इस दिन विद्यार्थी शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान दिखाते हैं।
  • विद्यार्थियों के द्वारा गाने, नाटक और नृत्य का आयोजन किया जाता है।
  • पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का आज के दिन जन्म हुआ था।
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी एक अध्यापक थे, जिन्होंने 40 वर्षों तक अलग-अलग कॉलेजों में अध्यापन किया है।

Essay on Teacher Day in Hindi – शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (200 Words)

गुमनामी के अंधेरे में था,पहचान बना दिया दुनिया के गम से मुझे अनजान बना दिया उनकी ऐसी कृपा हुई, गुरु ने मुझे एक अच्छा इंसान बना दिया।

लोग कहते हैं कि तकदीर गढ़ने वाले भगवान होते हैं लेकिन यदि खुली आंखों से भगवान को देखना चाहते हैं तो हमें शिक्षकों को देखना चाहिए क्योंकि हमारी असली तकदीर शिक्षक ही गढ़ते हैं।

गुरु की महिमा का बखान चंद शब्दों में करना बहुत ही मुश्किल है। इनके बारे में जितना भी लिखा जाए और कहा जाए वह सब कम है, क्योंकि आज दुनिया जैसी दिखती हैं उनमें गुरुओं का सबसे अहम योगदान है।

देश के शिक्षकों को समर्पित 5 सितंबर का दिन हमारे देश में बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।

5 सितंबर एक ऐसा दिन होता है जहाँ पर शिक्षक और एक विद्यार्थी के बीच विषयों से हटकर एक अलग तरह का संवाद होता है।

आमतौर पर विद्यार्थी अपने शिक्षकों से थोड़ा भयभीत रहते हैं लेकिन 5 सितंबर के दिन यह भय खत्म हो जाता है जब शिक्षक भी उनके साथ तरह तरह के कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और उन्हें प्रोत्साहित करते हैं।

5 सितंबर के दिन ही हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ना सिर्फ एक बहुत अच्छे राष्ट्रपति थे जिनको हमारा देश हमेशा याद रखता है बल्कि वो एक ऐसे शिक्षक थे जिनकी कक्षा लेने के लिए विद्यार्थी आतुर रहते थे।

इन्हीं के जन्म दिवस के उपलक्ष पर भारत में हमेशा 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

Essay on Teacher Day in Hindi – शिक्षक दिवस पर निबंध हिंदी में (500 Words)

Introduction – प्रस्तावना

शिक्षकों का समाज के प्रति जो योगदान है उसके लिए कृतज्ञता जताने के लिए हर देश में शिक्षक दिवस विशेष तौर पर मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस मनाने का विचार नया नहीं है बल्कि यह 19वीं शताब्दी से चला आ रहा है। शुरुआती दौर में शिक्षक की किसी विशेष उपलब्धि पर पूरा सम्मान दिया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे हर देश ने यह समझा की शिक्षकों का सम्मान किया जाना कितना जरूरी है और फिर दुनिया के हर एक देश ने शिक्षक दिवस मनाना शुरू किया।

भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर के दिन मनाया जाता है। इसी दिन हमारे देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था, जबकि दुनिया के दूसरे देशों में शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर के दिन मनाया जाता है।

Importance of Teachers day – शिक्षक दिवस का महत्व

भारत में हमेशा ही गुरुओं को एक ऊंचा दर्जा दिया गया है और यह बताया गया है कि गुरु का महत्व ईश्वर से भी ज्यादा है। हमारे देश में गुरुओं को बहुत सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।

गुरुओं के सम्मान के लिए वैसे तो हर दिन हैं लेकिन गुरु पूर्णिमा और शिक्षक दिवस विशेष तौर पर गुरुओं को समर्पित दिन है।

गुरु पूर्णिमा विशेष तौर पर शिक्षकों को समर्पित है साथ ही साथ ऐसे गुरुओं को समर्पित है जो हमारी आध्यात्मिक प्रगति में मदद करते हैं।

गुरु पूर्णिमा का संबंध वेदव्यास से है जो कि महाभारत,वेद, पुराण जैसे ऐतिहासिक लेखों के रचयिता थे। गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

वहीं शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 सितंबर के दिन मनाया जाता है। इसी दिन हमारे पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था।

उनके राष्ट्रपति बनने के बाद कुछ विद्यार्थियों और मित्रों ने उनका जन्म दिवस मनाने की कोशिश की तब इस मौके पर उन्होंने कहा था कि उन्हें इस बात की बहुत खुशी होगी यदि 5 सितंबर के दिन देश के हर एक शिक्षक को याद किया जाए और उन्हें सम्मानित किया जाए क्योंकि समाज में उनका योगदान बहुत बड़ा है। तभी से 5 सितंबर के दिन शिक्षक दिवस मनाया जाने लगा है।

International Teachers Day – अंतरराष्ट्रीय शिक्षक दिवस

विश्व शिक्षक दिवस या अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर के दिन मनाया जाता है। 5 अक्टूबर के दिन अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाने की घोषणा 5 अक्टूबर 1966 को पेरिस में हुई थी इसको इसकी घोषणा करने वाला यूनेस्को था।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाने के पीछे की मूल भावना यह थी कि शिक्षकों को उचित सम्मान मिले। शिक्षकों का योगदान समाज में बहुत ज्यादा है लेकिन उन्हें इस योगदान के लिए उतना सम्मानित नहीं मिलता था, जितने सम्मान के वह हकदार है।

How do you celebrate Teachers’ Day in India? भारत मे शिक्षक दिवस कैसे मनाते हैं?

शिक्षक दिवस के दिन पढ़ाई से संबंधित कोई कार्य नहीं होते बल्कि उसकी जगह विद्यार्थी अपने शिक्षकों के लिए चित्र बनाते हैं कविताएँ सुनाते हैं और उनके बारे में भाषण देते हैं।

भारत में शिक्षक दिवस को बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है। 5 सितंबर के दिन सभी विद्यार्थी एवं शिक्षक विद्यालय आते हैं, लेकिन इस दिन कोई भी कक्षाएँ नहीं लगती हैं, बल्कि इसकी जगह पर कई सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियां होती है।

जैसे कई विद्यार्थी चित्रकारी के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपना सम्मान दिखाते हैं, वहीं कुछ भाषण के जरिए शिक्षकों के महत्व का बखान करते हैं। कुछ शिक्षकों के सामने कविता प्रस्तुत कर उनका मनोरंजन करते हैं तो कुछ गाने एवं नृत्य के साथ शिक्षकों का मनोरंजन करते हैं।

विद्यार्थियों के कार्यक्रम खत्म हो जाने के बाद शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों को शिक्षक दिवस की प्रस्तुति के लिए उन्हें शाबाशी देते हैं और भाषण के माध्यम से उन्हें अच्छे भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी देते हैं।

Importance Of Teachers in Our Life – शिक्षकों का हमारे जीवन मे महत्व

हमारे जीवन मे शिक्षकों का बहुत ज्यादा है। शिक्षक पृथ्वी पर मौजूद भगवान ही है। ये इतने महत्वपूर्ण है, इसीलिए इन्हें भगवान का दर्जा मिला है।

जब बोलना सीख ही रहे होते हैं, हाथ कलम का बोझ उठाने के लायक मजबूत भी नही हो पाते हैं उस वक़्त एक शिक्षक ही हमारा हाथ पकड़कर पहला अक्षर लिखवाता है।

शिक्षक को भी थकान होती होगी लेकिन फिर भी वह अपना काम पूरी जिम्मेदारी से करते हैं। यदि वो अपने काम मे लापरवाही करने लगें तो बच्चों का बेशकीमती बचपन जिसमें सीखने की शक्ति सबसे ज्यादा होती है, वह बर्बाद चला जाएगा।

इसके बाद जब हम थोड़ा बड़े होते हैं, तो गणित, विज्ञान, इतिहास, भूगोल आदि की पहली समझ हमें शिक्षक ही देते है।

यही से हमें अपनी रुचि पता चलती है। जिस विषय मे रुचि होती है फिर आगे की पढ़ाई उसी विषय मे करते हैं। वहाँ पर भी शिक्षक ही पढ़ाते हैं। इसी शिक्षा के आधार पर ही हमारी नौकरी लगती है।

यानी शिक्षक बचपन मे हमारी उंगली पकड़ते हैं और तब तक नही छोड़ते है जब तक हम कुछ बनकर अपने पैरों पर खड़े नही हो जाते।

Conclusion – उपसंहार

हम सब यह भलीभांति जानते हैं कि शिक्षक हमारे जीवन को बेहतर बनाने के लिए खूब मेहनत करते हैं। हालांकि यह उनका पेशा है लेकिन वो सिर्फ इस वजह से काम नही करते बल्कि उनका मकसद होता है अच्छे और योग्य इंसान बनाना। इसलिए आज हम जिस भी मुकाम पर है एक बार पीछे मुड़कर सभी शिक्षकों को दिल से धन्यवाद जरूर कहना चाहिए।

Welcome Speech for Teachers Day – शिक्षक दिवस पर स्वागत भाषण.

आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय, उप प्रधानाचार्य महोदय एवं यहां उपस्थित सभी शिक्षकगण और मेरे प्यारे साथियों।

आज हम सब यहाँ शिक्षक दिवस की एक अनुपम बेला को आनंदमय तरीके से मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।

जैसा कि आपको पता ही है कि आज 5 सितंबर का दिन है और आज के दिन ही हमारे दूसरे राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था।

डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन की बहुत तीव्र इच्छा थी कि उनके जन्मदिवस के दिन सिर्फ उन्हें न याद करके बल्कि देश के समस्त शिक्षकों को याद किया जाए। इसी वजह से यह दिन शिक्षक दिवस के रूप में पूरे देश में उत्साह पूर्वक मनाया जाता है।

सच कहूं तो हम बहुत सौभाग्यशाली हैं जो हमें आप जैसे मूल्यवान शिक्षक मिले जो ना सिर्फ हमें विषयों का ज्ञान देते हैं बल्कि नैतिकता और मानवीय मूल्यों की भी पहचान कराते हैं।

आज मैं अपने सभी शिक्षकगण का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं और चाहता हूं कि वह हमारा मार्गदर्शन इसी तरह से करते रहें और हमारे ऊपर उनका आशीर्वाद हमेशा बना रहे।

आज के इस पावनबेला पर हम विद्यार्थियों ने मिलकर आप सबके लिए कुछ विशेष तैयारियाँ की हैं जैसे किसी ने नृत्य, भाषण तो किसी ने एक अच्छा गीत तैयार किया है। हम सब आज मंच के माध्यम से आप सब के सम्मान में अपनी प्रस्तुति देने के लिए बहुत उत्साहित है।

हमारे शिक्षक कभी हमारे लिए नरम होते हैं तो कभी गर्म होते हैं हमारी नासमझी और गलतियों की हमें सजा भी देते हैं वहीं दूसरी तरफ हमें अच्छी चीजों की सीख भी देते हैं।

हमारे शिक्षक चाहते हैं कि हम अपने जीवन में एक अच्छे मुकाम पर हो। हम बच्चे हैं हो सकता है हम आज इस बात के महत्व नहीं समझ पा रहे हो लेकिन हमें इस बात पर पूरा भरोसा है कि हमारी शिक्षकों के आँख में पल रहा सपना कभी झूठा नहीं हो सकता।

कभी-कभी हम कक्षा में जरूरत से ज्यादा शरारत करने लगते हैं और यह सोचते हैं कि शिक्षकों को इस बारे में पता नहीं चलेगा लेकिन अब जाकर समझ आ रहा है कि यह हमारी सूझबूझ नहीं बल्कि शिक्षकों की सहनशीलता है जिसकी वजह से हमें कक्षा में थोड़ी शरारत करने का मौका मिलता है।

शिक्षक इस बात को भलीभांति समझते हैं कि एक विद्यार्थी को विकास करने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत पड़ती है।

तभी तो समाज शिक्षक को एक मूर्तिकार भी कहते हैं जो निर्जीव मूर्ति नहीं बल्कि सजीव मूर्ति की रचना करते हैं और उन्हीं सजीव मूर्ति से समाज का निर्माण होता है।

मुझे आज भी वह दिन याद आता है जब मैं छठवीं कक्षा में था। मैं अपने विद्यालय में नया-नया था। मेरे अंदर कुछ आत्मविश्वास की कमी थी मैं पढ़ने में अच्छा था लेकिन आत्मविश्वास की कमी के चलते अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था।

तभी मेरे एक शिक्षक ने इस बात को भांप लिया और मुझे कक्षा में हमेशा आगे बैठने के लिए कहा उन्होंने ना सिर्फ मुझे बैठने के लिए कहा आप बल्कि मेरे लिए एक सीट ही सुनिश्चित कर दी।

कक्षा में सबसे आगे बैठने से मेरे अंदर आत्मविश्वास का जन्म हुआ और मैं खुद पर विश्वास करने लगा फिर उसका परिणाम यह हुआ कि मैं परीक्षा में अव्वल दर्जे से पास हुआ।

यह सिर्फ एक उदाहरण है। ऐसे अनेकों उदाहरण है जो यह बताते हैं कि शिक्षक एक सच्चे पारखी होते हैं। वह इस बात को भलीभांति समझते हैं कि किस विद्यार्थी को किन चीजों की जरूरत है।

फिर वह सब उस विद्यार्थी को उपलब्ध भी कराते हैं। आज के इस पावन अवसर पर मुझे कुछ बोलने का अवसर मिला इसके लिए मैं अपने शिक्षकों का तहे दिल से धन्यवाद व्यक्त करता हूं और एक दो लाइनों के साथ अपने शब्दों को विराम देता हूं कि

गुरु गोविन्द दोऊ खड़े काके लागै पाएं । बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दिओ बताए।।

अब मैं आदरणीय प्रधानाचार्य को मंच पर आमंत्रित करना चाहूंगा और वह मंच पर आकर मां सरस्वती के सामने रखे दीपक को प्रज्वलित करके आज के कार्यक्रम की शुरुआत करें।

Teachers Day Speech by Principal – प्रिंसिपल का शिक्षक दिवस पर भाषण

यहां उपस्थित सभी आदरणीय शिक्षकगण एवं मेरे प्यारे बच्चों.

सर्वप्रथम शिक्षक दिवस की इस पावनबेला पर भारत के द्वितीय राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को मैं नमन करता हूं और समाज के प्रति उनके कार्यों के लिए उनके प्रति सम्मान व्यक्त करता हूं।

आज यह देख करके बहुत खुशी हो रही है कि हमारे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र एवं छात्राएं कितने रचनात्मक कार्य कर सकते हैं। शिक्षक दिवस सिर्फ शिक्षकों के लिए नहीं है बल्कि शिक्षकों से ज्यादा यह छात्र एवं छात्राओं के लिए है, क्योंकि एक शिक्षक उतना ही अच्छा होता है जितने अच्छे उसके छात्र और छात्राएं होती हैं।

शिक्षक की पहचान उसके द्वारा पढ़ाएं गए विद्यार्थियों से ही होती है इसलिए यदि आप लोग अपने जीवन में अच्छा करेंगे तो हमारा सम्मान खुद ही बढ़ जाएगा।

जैसा कि आप सब यह जानते हैं कि शिक्षक दिवस डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के दिन मनाया जाता है, क्योंकि वह एक शिक्षक थे अपने जीवन के आखिरी काल में जब उनसे यह पूछा गया कि आप एक राष्ट्रपति के रूप में याद किया जाना पसंद करेंगे या फिर एक शिक्षक के रूप में तब उन्होंने कहा था कि वह जीवनपर्यंत एक शिक्षक के रूप में याद किए जाना ज्यादा पसंद करेंगे।

बच्चों आप लोगों के भाषण, गायन और आप लोगों ने जो यहां पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए हैं वह सब वाकई में सराहनीय है। हम सब मंच पर बैठकर आपके द्वारा किए गए इन सभी कार्यक्रम की प्रशंसा ही कर रहे थे।

बच्चों आप लोगों का रचनात्मक होना बहुत ज्यादा जरूरी है यदि आप लोग रचनात्मक रहेंगे तो भविष्य काफी सुरक्षित रहेगा, क्योंकि रचनात्मक लोगों में अच्छे निर्णय करने की क्षमता होती है।

वह किसी रूढ़िवादी एवं परंपरागत सोच के गुलाम नहीं होते हैं। वह अपने हर एक निर्णय में अच्छे से अच्छा करने की कोशिश करते हैं डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन भी एक ऐसे ही व्यक्तित्व थे।

इसलिए बच्चों आप सब अपनी रचनात्मकता को इसी तरह बरकरार रखिए और जब भी हमारे विद्यालय में कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम होता है तो उसमें आप सब बढ़-चढ़कर हिस्सा लीजिए क्योंकि किताबों में लिखा हुआ ज्ञान लेना तो जरूरी है ही साथ ही साथ कुछ ज्ञान अनुभव के माध्यम से मिलता है वह सब भी आप लेने की कोशिश करिए।

और हमारा पूरा साथ आप लोगों के साथ है आप सब अपने जीवन में काफी उन्नति हासिल करें एक सफल व्यक्ति बने और समाज और देश का नाम रोशन करें आज के इस पावन बेला पर मैं बस आप सब लोगों के लिए यही दुआ करूंगाऔर अपने इन्हीं शब्दों के साथ में अपने शब्दों को विराम देता हूँ।

Poems On Teachers day in Hindi – हिंदी में शिक्षक दिवस पर कविताएँ

आदर्शों की मिसाल बनकर, बाल जीवन संवारता शिक्षक |

सदाबहार फूल-सा खिलकर, महकता और महकाता शिक्षक ||

नित नए प्रेरक आयाम लेकर हर पल भव्य बनाता शिक्षक |

संचित ज्ञान का धन हमें देकर, खुशियां खूब मनाता शिक्षक ||

पाप व लालच से डरने की, धार्मिक सीख सिखाता शिक्षक |

देश के लिए मर मिटने की, बलिदानी राह दिखाता शिक्षक ||

प्रकाशपुंज का आधार बनकर, कर्तव्य अपना निभाता शिक्षक |

प्रेम सरिता की बनकर धारा, नैया पार लगाता शिक्षक ||

Thank-you Poem For Teachers day in Hindi – हिंदी में शिक्षक दिवस के लिए धन्यवाद कविता

रोज सुबह मिलते है इनसे, क्या हमको करना है ये बतलाते है | ले के तस्वीरें इन्सानों की, सही गलत का भेद हमें ये बतलाते है | कभी ड़ांट तो कभी प्यार से, कितना कुछ हमको ये समझाते है । है भविष्य देश का जिन में , उनका सबका भविष्य ये बनाते है | है रगं कई इस जीवन में, रगों की दुनिया से पहचान, ये करवाते है । खो ना जाये भीड़ में कहीं हम, हम को हम से ही ये मिलवाते है । हार हार के फिर लड़ना ही जीत है सच्ची, ऐसा एहसास ये हमको करवाते है । कोशिश करते रहना हर पल, जीवन का अर्थ हमें ये बतलाते है । देते है नेक मज़िल भी हमें, राह भी बेहत्तर हमे ये दिखलाते है । देते है ज्ञान जीवन का, काम यही सब है इनका, ये शिक्षक कहलाते है, ये शिक्षक कहलाते है ||

Poem On Teacher’s Day – शिक्षक दिवस पर कविता

गुरु बिन ज्ञान नहीं गुरु बिन ज्ञान नहीं रे।अंधकार बस तब तक ही है, जब तक है दिनमान नहीं रे॥ मिले न गुरु का अगर सहारा, मिटे नहीं मन का अंधियारा लक्ष्य नहीं दिखलाई पड़ता, पग आगे रखते मन डरता। हो पाता है पूरा कोई भी अभियान नहीं रे। गुरु बिन ज्ञान नहीं रे॥ जब तक रहती गुरु से दूरी, होती मन की प्यास न पूरी। गुरु मन की पीड़ा हर लेते, दिव्य सरस जीवन कर देते। गुरु बिन जीवन होता ऐसा, जैसे प्राण नहीं, नहीं रे॥ भटकावों की राहें छोड़ें, गुरु चरणों से मन को जोड़ें। गुरु के निर्देशों को मानें, इनको सच्ची सम्पत्ति जानें। धन, बल, साधन, बुद्धि, ज्ञान का, कर अभिमान नहीं रे, गुरु बिन ज्ञान नहीं रे॥ गुरु से जब अनुदान मिलेंगे, अति पावन परिणाम मिलेंगे। टूटेंगे भवबन्धन सारे, खुल जायेंगे, प्रभु के द्वारे। क्या से क्या तुम बन जाओगे, तुमको ध्यान नहीं, नहीं रे॥

Quotes on Teachers Day in Hindi – शिक्षक दिवस पर प्रेरणादायी विचार.

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥

जो बनाए हमें अच्छा और सच्चा इंसान,दे सही-गलत की पहचान,उन शिक्षकों को कोटि-कोटि प्रणाम।

साक्षर हमें बनाते हैं

जीवन क्या है समझाते हैं

जब गिरते हैं हम हार कर तो साहस वही बढ़ाते हैं

ऐसे महान व्यक्ति ही शिक्षक कहलाते हैं।

गुरु की उर्जा सूर्य-सी, अम्बर-सा विस्तार,

गुरु की गरिमा से बड़ा, नहीं कहीं आकार।

गुरु का सद्सान्निध्य ही,जग में हैं उपहार,

प्रस्तर को क्षण-क्षण गढ़े, मूरत हो तैयार।

गुरु का महत्व कभी न होगा कम,

भले कर ले कितनी भी उन्नति हम,

वैसे तो हैं इंटरनेट पे हर प्रकार का ज्ञान,

पर अच्छे बुरे की नहीं हैं उसे पहचान।

शांति का पढ़ाया पाठ, अज्ञान का मिटाया अंधकार,गुरु ने सिखाया हमें नफरत पर विजय है प्यार!

Gumnami ke andhere me tha, Ek pehchaan bana diya, Duniya ke gum se mujhe, Unhone anjaan bana diya, Unki aisi kripa huyi ke, Guru ji ne mujhe ek achha, Insaan bana diya.

आपके कुछ प्रश्न.

भारत मे शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

5 सितंबर को देश मे शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

भारत मे शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है?

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के दिन उनकी याद में मनाया जाता है।

शिक्षक दिवस के दिन क्या करते हैं?

देश के सभी शिक्षकों को सम्मानित करते हैं।

शिक्षक दिवस 5 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है?

5 सितंबर 1888 को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था। उनकी इच्छा थी कि उनका जन्मदिन शिक्षकों को समर्पित हो।

विश्व शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर के दिन विश्व शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

RELATED ARTICLES MORE FROM AUTHOR

 width=

Essay on rules of Cleanliness and Legal Matter in Hindi

Essay on need of cleanliness in hindi, भारत में स्वच्छता पर निबंध – भूमिका, महत्व, और उपाय, essay on e-commerce in india in hindi, essay on impact and scope of gst bill in india in hindi, essay on racial discrimination in india in hindi.

teachers day essay 300 words in hindi

Essay On My Home In Hindi | Mera Ghar Essay in Hindi

Essay on merger of banks in india in hindi, essay on child rights in india in hindi, essay on road rage in hindi.

CollegeDekho

Frequently Search

Couldn’t find the answer? Post your query here

  • अन्य आर्टिकल्स

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day Essay in Hindi) - टीचर्स डे पर 200, 500 शब्दों में हिंदी में निबंध देखें

  • शिक्षक दिवस पर निबंध 200 शब्दों में (Teachers Day Essay …
  • शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay on Teachers Day in Hindi) …
  • शिक्षक दिवस पर निबंध 500 शब्दों में (Teachers Day Essay …
  • शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन (Teachers Day Essay in …

शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day Essay in Hindi)

शिक्षक दिवस पर निबंध 200 शब्दों में (Teachers Day Essay in Hindi in 200 words)

शिक्षक दिवस पर निबंध 200 शब्दों में (teachers day essay in hindi in 200 words) - ऐसे लिखें , शिक्षक दिवस पर निबंध (essay on teachers day in hindi) - महत्वपूर्ण दोहे , शिक्षक दिवस पर निबंध 500 शब्दों में (teachers day essay in hindi in 500 words), शिक्षक दिवस पर हिंदी में निबंध (essay on teachers day in hindi) - 500 शब्दों में ऐसे लिखें , शिक्षक दिवस का महत्व (importance of teachers day), शिक्षकों के बारे में जानकारी (about teachers) , शिक्षकों के लिए सम्मान का महत्व (importance of respect for teachers), शिक्षक दिवस की समारोह और आयोजन, शिक्षक दिवस के अवसर पर भाषण (speech on teachers day), शिक्षा के महान गुरुओं की कहानियाँ (stories of great teachers of education), सवित्री बाई फुले (savitri bai phule), सर्वपल्ली राधाकृष्णन (sarvepalli radhakrishnan), शिक्षकों के लिए आदर्श और उदाहरण (role models and examples for teachers), शिक्षक दिवस का संदेश और प्रेरणा (teachers day message and inspiration), शिक्षक दिवस पर निबंध 10 लाइन (teachers day essay in hindi in 10 lines).

  • भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
  • यह डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है।
  • वह एक दार्शनिक, शिक्षक और भारत के पहले उपराष्ट्रपति थे।
  • एक छात्र के जीवन में शिक्षक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • शिक्षक समाज की रीढ़ हैं।
  • शिक्षक दिवस पर हम अपने शिक्षकों को पुरस्कृत करके या उनके बारे में दो शब्द कहकर उन्हें सम्मान देते हैं।
  • स्कूल और कॉलेजों में शिक्षक दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
  • इस दिन छात्र विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।
  • छात्र शिक्षकों के प्रति अपना प्यार व्यक्त करने के लिए शुभकामनाएं और उपहार देते हैं।
  • शिक्षक दिवस शिक्षक और छात्र के बीच विशेष बंधन का उत्सव है।

Are you feeling lost and unsure about what career path to take after completing 12th standard?

Say goodbye to confusion and hello to a bright future!

शिक्षक दिवस पर निबंध लिखने की सरल प्रक्रिया इस लेख में बताई गई है, छात्र यहां दिए गए सैंपल का उपयोग करके शिक्षक दिवस पर हिंदी में निबंध लिखना सिख सकते हैं। 

हर साल, भारत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को उनके योगदान और उपलब्धियों के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाता है। 5 सितंबर, 1888 को जन्मे डॉ. राधाकृष्णन ने न केवल भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया, बल्कि एक विद्वान, दार्शनिक और भारत रत्न से सम्मानित भी थे।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन और शिक्षकों के समाज के प्रति योगदान को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है

देश में पहली बार 1962 को शिक्षक दिवस मनाया गया था और तभी से पुरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इसी साल मई में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने देश के दूसरे राष्ट्रपति के तौर पर पदभार संभाला था। 

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन (5 सितंबर, 1888) को पूरे देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। 

क्या यह लेख सहायक था ?

सबसे पहले जाने.

लेटेस्ट अपडेट प्राप्त करें

क्या आपके कोई सवाल हैं? हमसे पूछें.

24-48 घंटों के बीच सामान्य प्रतिक्रिया

व्यक्तिगत प्रतिक्रिया प्राप्त करें

बिना किसी मूल्य के

समुदाय तक पहुंचे

समरूप आर्टिकल्स

  • जेएनवीएसटी रिजल्ट 2024 (JNVST Result 2024): नवोदय विद्यालय कक्षा 6वीं और 9वीं का रिजल्‍ट
  • सीटीईटी रिजल्ट 2024 स्टेटिस्टिक्स जारी (CTET Result 2024 Statistics Out): पंजीकृत वर्सेस उपस्थित वर्सेस योग्य उम्मीदवारों का विश्लेषण
  • सीटेट 2024 में अच्छा स्कोर (Good Score in CTET Exam 2024) क्या है?
  • सीटेट रिजल्ट 2024 कैसे चेक करें? (How to Check CTET Result 2024) - सीटीईटी स्कोर कार्ड @ctet.nic.in से डाउनलोड करें
  • होली पर निबंध (Essay on Holi in Hindi): इतिहास, महत्व, 200 से 500 शब्दों में होली पर हिंदी में निबंध लिखना सीखें
  • अब्राहम लिंकन पर हिंदी में निबंध (Essay on Abraham Lincoln in Hindi): 250 शब्दों से 500 में निबंध लिखना सीखें

नवीनतम आर्टिकल्स

  • बसंत पंचमी 2024: सरस्वती पूजा पर हिंदी में निबंध
  • एचबीएसई कक्षा 12वीं प्रैक्टिकल एग्जाम डेट शीट 2024 (HBSE Class 12 Practical Exam Date Sheet 2024): हरियाणा बोर्ड 12वीं प्रैक्टिकल तारीख
  • गार्गी पुरस्कार छात्रवृत्ति 2024 योजना (Gargi Puraskar Scholarship 2024 Scheme)
  • एसएससी सीजीएल पासिंग मार्क्स 2024 (SSC CGL Passing Marks 2024): टियर 1 और टियर 2
  • 12वीं और ग्रेजुएशन के बाद भारत में टॉप प्रोफेशनल कोर्सेस की लिस्ट (List of Top Professional Courses in India after 12th and Graduation in Hindi)

ट्रेंडिंग न्यूज़

सैनिक स्कूल रिजल्ट 2024 क्लास 6 (Sainik School Result 2024 Class 6 in Hindi) - AISSEE रिजल्ट डेट, लिंक, कैसे चेक करें

Subscribe to CollegeDekho News

  • Select Stream Engineering Management Medical Commerce and Banking Information Technology Arts and Humanities Design Hotel Management Physical Education Science Media and Mass Communication Vocational Law Others Education Paramedical Agriculture Nursing Pharmacy Dental Performing Arts
  • Select Program Type UG PG Diploma Ph.D Certificate

कॉलेजदेखो के विशेषज्ञ आपकी सभी शंकाओं में आपकी मदद कर सकते हैं

  • Enter a Valid Name
  • Enter a Valid Mobile
  • Enter a Valid Email
  • Select Level UG PG Diploma Ph.D Certificate
  • By proceeding ahead you expressly agree to the CollegeDekho terms of use and privacy policy

शामिल हों और विशेष शिक्षा अपडेट प्राप्त करें !

Details Saved

teachers day essay 300 words in hindi

Your College Admissions journey has just begun !

Try our AI-powered College Finder. Feed in your preferences, let the AI match them against millions of data points & voila! you get what you are looking for, saving you hours of research & also earn rewards

For every question answered, you get a REWARD POINT that can be used as a DISCOUNT in your CAF fee. Isn’t that great?

1 Reward Point = 1 Rupee

Basis your Preference we have build your recommendation.

Teachers Day Essay in Hindi शिक्षक दिवस पर निबंध (1-10th)

आज का टॉपिक है Teachers Day Essay in Hindi शिक्षक दिवस पर निबंध और टीचर डे पर निबंध। जैसा की हम सब जानते है शिक्षक की बहुत बड़ी भूमिका होती है एक विद्यार्थी के जीवन में।

इसलिए यह विषय और भी महत्वपूर्ण हो जाता है, आज हम जानेंगे टीचर्स डे के बारे में विस्तार से जानेगे। Shikshak Diwas Par Nibandh, Teacher Day Par Nibandh and Teachers Day Essay in Hindi for Class 4 and higher class.

Teachers Day Essay in Hindi | शिक्षक दिवस पर निबंध | Shikshak Diwas Par Nibandh

हमारी सामाजिक विचारधारा को सही दिशा में क्रियाशील रखने में शिक्षको की अहम भूमिका होती है। एक शिक्षक न केवल बच्चो को अध्यापन का कार्य करवाता है बल्कि वह देश की भावी नागरिक पीढ़ी को भी तैयार करता है।

शिक्षक राष्ट्र के निर्माण में भागीदार होते है और वे देश की संस्कृति को संरक्षण भी प्रदान करते है। वे बालको में सुसंस्कार तो डालते ही है साथ ही अज्ञानता रुपी उनका अन्धकार भी दूर करते है।

शिक्षको के इन विशेष कार्यो और अहम भूमिका निभाने के सम्बन्ध में सम्मानित करने का जो जो दिन है उसे ही शिक्षक दिवस कहा जाता है। हर वर्ष 5 सितम्बर को यह सभी विधालयो और विश्वविधालयो में बहुत ही उत्साह से मनाया जाता है।

डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जो की भारत के प्रथम राष्ट्रपति होने के साथ ही एक अच्छे शिक्षक भी थे। इनके जन्म दिवस पर कई सालो से शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वे संस्कृत के अच्छे शास्त्री, महान शिक्षक और दार्शनिक व्यक्ति थे।

कलकत्ता के दर्शन शास्त्र विश्वविधालय में किंग जोर्ज पंचम के पद पर भी वे लगभग 1 वर्ष तक रहे थे। लगभग 9 वर्ष तक वह काशी के हिन्दू विश्वविधालय के उप कुलपति रहे।

और इसी पद पर रहते हुए उन्होंने शिक्षको के लिए सम्मान करने के लिए एक विशेष दिन का विचार रखा। उनके जीवन का अधिकतम समय भी एक शिक्षक के रूप में व्यतीत हुआ था।

यह भी पढ़ें: My Favourite Teacher Essay

आज भी स्कूल और कॉलेज में शिक्षको के मूल्यांकन और सम्मान के लिए यह एक महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन कई विधालयो में शिक्षण का कार्य छात्र ही देखते है और छात्र-छात्राओ के प्रति विशेष लगाव रखने वाले शिक्षको को इस दिन सम्मानित किया जाता है।

सर्वपल्ली डा. राधाकृष्णन को याद करते हुए उनके विचार रखे जाते है। विधार्थियों के माध्यम से भी यथाशक्ति अपने शिक्षको को उपहार आदि दिए जाते है। ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताये रखी जाती है। जीवन में शिक्षक का महत्व बताया जाता है।

शिक्षक ज्ञान की वह ज्योति है जो अन्धकार युक्त कोमल बाल मन को आलोकित कर देती है। अध्यापक देश के बालको को साक्षर बनाने का काम तो करते ही है साथ ही विवेक का ज्ञान देकर उनका तीसरा नेत्र भी खोलते है।

जिससे वे बड़े होकर सही-गलत की परख कर सके और अपने निर्णय स्वयं ले सके। इस तरह शिक्षक किसी भी देश के पूर्ण समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करते है।

अध्यापक की महत्ता बताते हुए महर्षि अरविन्द अपनी एक पुस्तक में लिखते है की –‘ शिक्षक राष्ट्र की संस्कृति के उपवन के माली है वे इसमें संस्कारों की खाद देते है, अपने श्रम से सींच-सींच कर महाप्राण शक्ति बनाते है।

इटली के एक प्रसिद्ध उपन्यासकार ने कहा है की शिक्षक वह मोमबत्ती है जो स्वयं जलकर दुसरो को प्रकाश देती है। संत कबीर ने तो शिक्षक को ईश्वर से भी ऊपर दर्जा देते हुए कहा है की- “गुरु गोविन्द दोनों खड़े काके लागू पाय”।

बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताय।भारतीय संस्कृति में तो गुरु से आशीर्वाद लेने की अत्यंत ही प्राचीन परम्परा रही है। अर्जुन – एकलव्य जैसे अनगिनत शिष्यों से हिंदी साहित्य का इतिहास भरा पड़ा है।

ब्रहस्पति को देवगुरु माना गया है। गुरुकुल में अध्यन-अध्यापन की व्यवस्था आर्य कालीन सभ्यता से ही प्रचलित है।

प्राचीन काल से ही गुरु-शिष्य परंपरा को महत्व देते हुए हर वर्ष आषाड़ माह की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा की विशेष उपमा दी गयी है। इस दिन गुरु की पूजा और सम्मान को विशेष महत्व दिया गया है।

इस प्रकार शिक्षक को आदर और सम्मान देना और उसकी कीर्ति का प्रचार –प्रसार करना हमारे देश की केंद्र और राज्य सरकार दोनों का ही मुख्य दायित्व होना चाहिए और शिक्षक दिवस इस दायित्व को पूरा करने का अच्छा दिवस है।

इस दिन स्कूल कोलेज के अलावा सरकार की तरफ से भी बड़े-बड़े आयोजन किये जाते है। साहित्य की द्रष्टि से श्रेष्ठ शिक्षको को चयनित करके सम्मानित किया जाता है। समय-समय पर भाषा और साहित्य के उत्सवों का आयोजन किया जाता है।

देश की राजधानी दिल्ली में भी केंद्र सरकार द्वारा और दिल्ली नगर निगम, दिल्ली नगर पालिका आदि द्वारा अपने-अपने क्षेत्रो के अधीन आने वाले स्कूलों में उनके श्रेष्ठ अध्यापकों का चयन और सम्मान भी किया जाता है।

और राज्य सरकारे भी अपने स्तर पर समय-समय पर कई शैक्षिक सम्मलेन आदि के माध्यम से शिक्षको और शैक्षणिक विषय पर कई प्रकार के वाद-विवाद प्रतियोगिता आदि का आयोजन कराती है।

इस प्रकार शिक्षक और शैक्षणिक व्यवस्था का यह क्रम बनाये रखने और शिक्षण के कार्य में और अधिक सार्थकता लाने के लिए शिक्षको का आदर-सम्मान करना, उन्हें समय-समय पर पुरस्कृत करना और उनका उत्साह वर्धन करना अत्यंत ही आवश्यक है और इसी क्रम में शिक्षक दिवस की तभी उपयोगिता भी है।

मुझे आशा है की आप सभी लोगों को Importance of teachers day in Hindi शिक्षक दिवस पर निबंध पसंद आया होगा।

ख़ास तौर से यह निबंध स्कूल जाने वाले छात्रों जो कक्ष्या १, २, ३, ४, ५, ६, ७, ८, ९, उन सभी लोगों के लिए उपयोगी रहा होगा।

अगर आप के पास इस विषय को लेकर कोई नए विचार हो तो, निचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जरूर शेयर करें। अपना समय देकर इस आर्टिकल पड़ने के लिए ध्यानवाद।

  • गर्भधारण की योजना व तैयारी
  • गर्भधारण का प्रयास
  • प्रजनन क्षमता (फर्टिलिटी)
  • बंध्यता (इनफर्टिलिटी)
  • गर्भावस्था सप्ताह दर सप्ताह
  • प्रसवपूर्व देखभाल
  • संकेत व लक्षण
  • जटिलताएं (कॉम्प्लीकेशन्स)
  • प्रसवोत्तर देखभाल
  • महीने दर महीने विकास
  • शिशु की देखभाल
  • बचाव व सुरक्षा
  • शिशु की नींद
  • शिशु के नाम
  • आहार व पोषण
  • खेल व गतिविधियां
  • व्यवहार व अनुशासन
  • बच्चों की कहानियां
  • बेबी क्लोथ्स
  • किड्स क्लोथ्स
  • टॉयज़, बुक्स एंड स्कूल
  • फीडिंग एंड नर्सिंग
  • बाथ एंड स्किन
  • हेल्थ एंड सेफ़्टी
  • मॉम्स एंड मेटर्निटी
  • बेबी गियर एंड नर्सरी
  • बर्थडे एंड गिफ्ट्स

FirstCry Parenting

  • बड़े बच्चे (5-8 वर्ष)

शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay On Teacher’s Day In Hindi)

Essay On Teacher’s Day In Hindi

In this Article

शिक्षक दिवस पर 10 लाइन का निबंध (10 Lines On Teacher’s Day In Hindi)

शिक्षक दिवस पर निबंध 200-300 शब्दों मे (short essay on teacher’s day in hindi 200-300 words), शिक्षक दिवस पर निबंध 400-600 शब्दों में (essay on teacher’s day in hindi 400-600 words), शिक्षक दिवस के बारे मेंं रोचक तथ्य (interesting facts about teacher’s day in hindi), अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (faqs), शिक्षक दिवस के इस निबंध से हमेंं क्या सीख मिलती है (what will your child learn from a teacher’s day essay).

गुरु ही माँ-बाप का दूसरा रूप है। हमारे जीवन में ऐसे कम ही लोग होते हैं जो निःस्वार्थ भाव से हमें कुछ दे और बदले में आपसे कोई अपेक्षा न रखे – हमारे शिक्षक उसी श्रेणी में आते हैं। ज्ञान जो किसी भी व्यक्ति के विकास और उसकी प्रगति के लिए जरूरी है उसे देने के लिए शिक्षक अपना सारा जीवन समर्पित कर देता है और जब उनका पढ़ाया हुआ कोई बच्चा नाम रोशन करता है तो वो इसमें अपनी जीत समझते हैं। एक शिक्षक ही होते हैं, जो आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। गुरु-शिष्य का रिश्ता भारत की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण रिश्ता रहा है। माता-पिता हमेंं इस दुनिया में लाते हैं और शिक्षक हमें जीने का सलीका सिखाते हैं। शिक्षक वो होते जिनकी जरूरत हमेंं जीवन के हर मोड़ पर पड़ती है और यह हमेशा ही अपने छात्रों का भला चाहते और हर कठिन परिस्थितियों में उनका मार्गदर्शन करते हैं। ऐसे में शिक्षक जैसे महान व्यक्तित्व का सम्मान और उनका आभार जितना व्यक्त किया जाए उतना कम है।

शिक्षकों के सम्मान के लिए 5 सितंबर को पूरे भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। जिसका इतिहास यह है कि भारत के पहले उपराष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति जिन्हे एक बेहतरीन शिक्षक के रूप में जाना जाता है, उन्हीं के जन्मदिवस पर पूरे भारत में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। जी हाँ! हम बात कर कर रहे हैं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जिन्होंने अपने 40 वर्ष शिक्षक के रूप में दिए और शिक्षा के क्षेत्र में उनका यह योगदान देखते हुए उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। यह दिन उन हर एक शिक्षकों को समर्पित है, जिन्होंने पूरी ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाया।

शिक्षक दिवस पर 10 लाइन के छोटे और आसान वाक्य का निबंध लिखने के लिए लेख को पढ़ना जारी रखें।

  • भारत में हर साल शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है।
  • देश के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की याद में शिक्षक दिवस मनाते है।
  • डॉ.राधाकृष्णन ने अपने जन्म दिवस पर शिक्षकों का सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस की शुरुआत की थी।
  • इस दिन छात्र शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हैं।
  • स्कूल, कॉलेज में इस दिन को बड़े ही धूम से मनाया जाता है।
  • शिक्षक दिवस हमारे जीवन में शिक्षकों के महत्त्व को दर्शाता है।
  • शिक्षक हमेंं जीवन में बेहतर करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
  • इस दिन छात्र अपने पसंदीदा शिक्षक को तोहफे देते हैं।
  • इस दिन सभी बच्चे शिक्षकों का मनोरंजन करते हैं।
  • शिक्षक दिवस हम सभी बच्चों के लिए बहुत खास दिन होता है।

शिक्षक दिन पर निबंध 200-300 शब्दों में अगर एक शार्ट पैराग्राफ तैयार करना हो या हिंदी में शार्ट एस्से लिखना हो तो नीचे दिए निबंध की मदद ले सकते हैं। आइए देखते हैं:

शिक्षकों के सम्मान और उनकी महत्वता बताते के लिए और उनके प्रति आभार व्यक्त करने के लिए भारत में हर साल 5 सितंबर वाले दिन शिक्षक दिवस मनाया जाता है। इस दिन देश के सर्वप्रिय शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था, जो देश के पूर्व राष्ट्रपति भी रहे हैं। पूरा देश उनकी याद में और अन्य शिक्षकों के सम्मान के लिए शिक्षक दिवस मनाता है। यह एक ऐसा दिन है जिसमे छात्र अपने शिक्षक द्वारा किए गए संघर्षों, मेहनत और लगन का सम्मान करते हुए अपना आभार व्यक्त करता है। यह बात हर कोई जानता है जीवन के किसी भी पड़ाव या फिर क्षेत्र में शिक्षक का होना महत्वपूर्ण होता है और बिना उनके किसी भी चीज को सीखना और समझना आसान नहीं है। शिक्षक हमारे जीवन का वो अहम हिस्सा है, जिसको हम भले ही अनदेखा कर दें लेकिन वो कभी भी अपने विद्याथियों को अनदेखा नहीं करते हैं। शिक्षक दिवस के दिन स्कूल और कॉलेज में बड़ी धूम मचती है और इस दिन शिक्षक सिर्फ आराम करते हैं। बच्चे अपने प्रिय शिक्षकों के लिए तोहफे लाते हैं, कुछ हाथ से बनाते हैं तो कुछ उनके सम्मान में फूल देते हैं। शिक्षक दिवस का तात्पर्य सिर्फ इतना है कि वह हमेंं अहसास दिलाता है की जिंदगी में आप जितने भी आगे चले जाओ या फिर कामयाब हो लेकिन अपनी शिक्षक द्वारा की गई आप मेहनत को कभी भी भुलाना नहीं चाहिए। भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर के अलग-अलग देश अपना शिक्षक दिवस मनाता है।

Short Essay on Teacher’s Day in Hindi

हमने शिक्षक दिवस को लिखते समय बहुत की आसान भाषा का इस्तेमाल किया है, जिससे कि छात्रों को इस निबंध को पढ़ने या याद करने में मुश्किल न हो। यदि शिक्षक दिवस पर आपको एक लॉन्ग एस्से लिखना है तो नीचे हमारे द्वारा लिखे गए 400-600 शब्दों वाले निबंध को पढ़ें और अपने रचनात्मक तरीके से बेहतरीन निबंध लिखें।

शिक्षक दिवस क्यों मनाया जाता है? (Why is Teacher’s Day Celebrated?)

भारत में साल 1962 से 5 सितंबर को शिक्षक दिन मनाया जाता है। यह हर साल हमरे देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस के मौके पर मनाया जाता है। इस दिन राधाकृष्णन जी ने अपने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी और उसके बाद से हर साल उनके सम्मान में उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। साथ ही देश भर के तमाम शिक्षकों द्वारा समाज में किए गए अमूल्य योगदान के लिए उन्हें सम्मान देने के लिए भी मनाया जाता है।

स्कूल में शिक्षक दिवस कैसे मनाते हैं? (How Teacher’s Day Is Celebrated In School?)

प्रत्येक साल शिक्षक दिवस स्कूलों में बड़े ही जोश और धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के दिन इसलिए खास होता है क्योंकि वह पूरा साल छात्रों पर मेहनत करते हैं और उन्हें एक दिन आराम दिया जाता है, साथ ही उनके मनोरंजन का पूरा आयोजन होता है। वैसे तो हर विद्यालय का शिक्षक दिवस मानाने का अपना-अपना तरीका होता है। इस दिन बच्चे अपने शिक्षक के लिए कक्षा को सजाते हैं और अपने पसंदीदा टीचर के लिए उपहार भी लाते हैं। सबसे पहले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की पूजा की जाती है और उसके बाद आयोजित कार्यक्रम शुरू किए जाते हैं। छोटी कक्षा के छात्रों के साथ शिक्षक क्लास में ही गेम, अंताक्षरी आदि खेलते हैं और छोटे बच्चे अपने टीचर के लिए फूल, चॉकलेट उपहार में लेकर जाते हैं। वहीँ बड़ी क्लास के बच्चे शिक्षकों के लिए बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं। कुछ बच्चे अपनी टीचर की एक्टिंग करते हैं तो कुछ उनके लिए डांस और नाटक का आयोजन करते हैं, शिक्षक इन नाटकों को देखने के लिए उत्सुक होते हैं। बाद में विद्यालय के सभी शिक्षकों को प्रधानाचार्य द्वारा सम्मानित अवार्ड दिया जाता है। आखिर में छात्र अपनी कक्षा में शिक्षक के लिए केक काटते हैं और स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद उठाते हैं। इस दिन एक शिक्षक और छात्र के बीच असीम प्रेम होता है।

शिक्षक दिवस का महत्व (Importance Of Teacher’s Day)

शिक्षक दिवस भारत में हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन देश भर के सभी शिक्षकों का सम्मान किया जाता है और उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं। इस दिन का शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों के लिए भी महत्व अधिक होता है। शिक्षक दिवस छात्रों के लिए अपने शिक्षक के प्रति एक सम्मानित भाव पैदा कराता है। शिक्षक अपने छात्रों को काबिल बनाते हैं और उनके चरित्र का बेहतर तरीके से निर्माण भी करता है। विद्यार्थियों को एक कामयाब और अच्छा इंसान बनाने में शिक्षक अहम भूमिका निभाते हैं। एक शिक्षक ही बच्चे को सही दिशा दिखाते हैं। शिक्षकों से आगे बढ़ने की प्रेरणा कभी प्यार से मिलती है तो कभी डांट भी खानी पड़ती है। विद्यार्थी के गलत होने पर शिक्षक उसे उसकी गलती का अहसास दिलाने का प्रयास करते हैं। बच्चे इनकी देख-रेख में एक अच्छे छात्र और नेक इंसान बनते हैं। शिक्षक के बिना जीवन में किसी भी क्षेत्र में सफलता पाना नामुमकिन है। छात्र के उज्जवल भविष्य के पीछे हमेशा से एक अच्छे शिक्षक का हाथ रहा है और बच्चा पढ़ाई में अच्छा हो या कमजोर दोनों का ही आत्मविश्वास बढ़ाते हैं।

  • शिक्षक दिवस दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में मनाया जाता है।
  • यूनेस्को ने 5 अक्टूबर को विश्व शिक्षक दिवस घोषित किया था और साल 1994 से मनाया जा रहा है।
  • थाईलैंड में 16 जनवरी को शिक्षक दिवस मनाते हैं।
  • शिक्षक दिवस के दिन स्कूल, कॉलेज आदि में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की फोटो लगाकर उन्हें याद करते हैं।

1. भारत में शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

भारत में शिक्षक दिवस 5 सितंबर को मनाया जाता है।

2. विश्व शिक्षक दिवस कब मनाया जाता है?

विश्व स्तर पर शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है।

3. हर साल 5 सितंबर को शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार कौन देता है?

हर साल 5 सितंबर को भारत के राष्ट्रपति शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार देकर सम्मानित करते हैं।

4. भारत में पहला शिक्षक दिवस कब मनाया गया था?

भारत में पहला शिक्षक दिवस 5 सितंबर 1962 में मनाया गया था।

5. डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन कौन थे?

भारत के पहले उपराष्ट्रपति व दूसरे राष्ट्रपति थे जो एक बहुत अच्छे शिक्षक थे और बच्चों में बहुत प्रिय थे।

इस निबंध से आपके बच्चे को अपने शिक्षकों का महत्व समझ आएगा। वो जानेगा कि न केवल शिक्षक दिवस पर बल्कि आम दिनों में भी उन्हें अपने टीचर का आभार व्यक्त करना चाहिए। यह निबंध आपके बच्चे को शिक्षक दिवस के बारे में अच्छी जानकारी देता है और अलग-अलग शब्द सीमा के अनुसार कैसे एक अच्छा लेख लिख सकते हैं यह भी सीखने को मिलता है।

यह भी पढ़ें:

शिक्षक दिवस पर कविता शिक्षक दिवस पर टॉप गीत: लिरिक्स के साथ

RELATED ARTICLES MORE FROM AUTHOR

पुस्तकालय पर निबंध (essay on library in hindi), सौर ऊर्जा पर निबंध (essay on solar energy in hindi), ग्लोबल वार्मिंग पर निबंध (essay on global warming in hindi), सुनामी पर निबंध (essay on tsunami in hindi), इंटरनेट पर निबंध (internet essay in hindi), ताजमहल पर निबंध (taj mahal essay in hindi), popular posts, आलसी गधा की कहानी | story of a lazy donkey story, राजा और मूर्ख बंदर की कहानी | king and the foolish monkey story in hindi, लोमड़ी और सारस की कहानी | the story of the fox and the stork in hindi, अकाय नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – akaay name meaning in hindi, शेखचिल्ली की कहानी: सात परियां और मूर्ख शेख चिल्ली | sheikh chilli’s story: seven fairies and the fool sheikh chilli in hindi, राजा और मूर्ख बंदर की कहानी | king and the foolish..., लोमड़ी और सारस की कहानी | the story of the fox..., अकाय नाम का अर्थ, मतलब और राशिफल – akaay name meaning..., शेखचिल्ली की कहानी: सात परियां और मूर्ख शेख चिल्ली | sheikh....

FirstCry Parenting

  • Cookie & Privacy Policy
  • Terms of Use
  • हमारे बारे में

teachers day essay 300 words in hindi

25,000+ students realised their study abroad dream with us. Take the first step today

Here’s your new year gift, one app for all your, study abroad needs, start your journey, track your progress, grow with the community and so much more.

teachers day essay 300 words in hindi

Verification Code

An OTP has been sent to your registered mobile no. Please verify

teachers day essay 300 words in hindi

Thanks for your comment !

Our team will review it before it's shown to our readers.

teachers day essay 300 words in hindi

  • Essays in Hindi /

My Favourite Teacher Essay in Hindi : स्टूडेंट्स के लिए 100, 300 और 500 शब्दों में मेरे प्रिय शिक्षक पर निबंध

' src=

  • Updated on  
  • अगस्त 28, 2023

My Favourite Teacher Essay in Hindi

शिक्षक जो हम सभी के जीवन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बचपन से ही हमारे चरित्र और व्यक्तित्व की राह बनाने में सबसे बड़ी भूमिका होती है। हम सब स्कूल में पढ़ें हैं और हम सभी का कोई न कोई एक फेवरेट टीचर जरूर होता है। यहां आज हमने उसी को लेकर My Favourite Teacher Essay in Hindi , मेरे प्रिय शिक्षक पर निबंध का ये ब्लॉग बनाया है।

My Favourite Teacher Essay in Hindi (100 शब्दों में)

मेरे प्रिय शिक्षक पर निबंध 100 शब्दों में कुछ इस प्रकार है –

स्कूल हो या कॉलेज टीचर हमें हमेशा ही सीखते हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उनके ही इस मार्गदर्शन से आज हम अपने जीवन में बहुत आगे बढ़ते हैं-

मेरी एक पसंदीदा टीचर हैं। वह कक्षा 10 में हमें कला विषय के साथ अन्य विषय भी पढ़ाती थी। वह हमेशा मेरी हर परेशानी को दूर करने में मेरी मदद करती थी और अगर मुझे कोई भी चीज समझ नहीं आता तो वो मुझे बार बार बताने में कभी क्रोधित नहीं होती। वह बहुत मिलनसार शिक्षिका हैं, और मेरे लिए वो एक आदर्श भी हैं।

उनका पढ़ने का तरीका और टीचर से बेहद अलग है, और वह क्लास में सभी पर पूरा दिन देती हैं। वह बहुत ही इंटरैक्टिव और रचनात्मक तरीके से पढ़ाती हैं। वह पढ़ाई को इतना आसान बना देती हैं, की उनकी क्लास में हम सभी को पढ़ना बहुत अच्छा लगता है, इसलिए वह मेरी पसंदीदा शिक्षिका है।

My Favourite Teacher Essay in Hindi (300 शब्दों में)

मेरे प्रिय शिक्षक पर निबंध 300 शब्दों में कुछ इस प्रकार है –

हम सभी के जीवन में एक पसंदीदा शिक्षक रहा होगा और आज भी हम उनके सम्पर्क में या उनकी सिखाई बातों पर अम्ल जरूर करते हैं-

स्कूल हो या कॉलेज जीवन में हर किसी व्यक्ति का एक पसंदीदा टीचर जरूर होता है। एक टीचर जिसकी क्लास में स्टूडेंट्स  उत्सुक से पढ़ते हैं। वे उनकी क्लास का बहुत उत्सुकता से प्रतीक्षा करते हैं और उस पसंदीदा टीचर की क्लास को पढ़ने से कभी नहीं छोड़ते हैं। हर शिक्षक एक जैसा नहीं होता. हम स्कूल में जो सीखते हैं वही वास्तव में जीवन भर हमारी मदद करता है।

मेरी फेवरेट टीचर

मेरी पसंदीदा शिक्षिका राज किशोरी बहुत समझदारी के साथ स्टूडेंट्स को पढ़ती थी, इसके अतिरिक्त वे सीखने की गतिविधियों को भी बढ़ावा देती हैं। उनके प्रैक्टिकली पढ़ने का तरीका कई छात्रों का उनका पसंदीदा बनाता हैं। वह न सिर्फ मेरी टीचर हैं बल्कि मैं उन्हें अपनी आदर्श भी मानती हूँ. वे एक न केवल एक टीचर हैं बल्कि एक ऐसे महिला भी हैं जिससे आप अपनी इच्छानुसार किसी भी विषय या परेशानी पर बात कर सकते हैं। वे बहुत विनम्र और नम्रता के साथ अपने काम को करती हैं। इसी लिए वे मेरी फेवरेट टीचर हैं।

वे सदैव अपने सभी स्टूडेंट्स को कड़ी मेहनत करने और अच्छे मार्क्स लाने के लिए प्रेरित करती है। जब मुझे किसी भी विषय को लेकर कोई संदेह होता है तो वह उस सब्जेक्ट को अच्छी तरह समझने में मेरी मदद करती है। वह मैथ के सब्जेक्ट को प्रैक्टिकल करके अधिक रोचक और आकर्षक बनाती है। वे हमेशा मुझे सही रास्ते पर चलने के लिए मार्गदर्शन करती हैं। वह हमें सच बोलना, सभी का सम्मान करना और जीवन में एक अच्छे मुकाम को हासिल करने के लिए प्रेरित करती हैं। इस My Favourite Teacher Essay in Hindi के अनुसार हम सबको यह सीखना चाहिए कि हमारे टीचर हम सबके लिए कितने योगदान करते हैं। 

My Favourite Teacher Essay in Hindi (500 शब्दों में)

मेरे प्रिय शिक्षक पर निबंध 500 शब्दों में कुछ इस प्रकार है –

जब हम सबको कोरोना महामारी के दौरान किसी चीज की परेशानी होती थी, तो वे हमेशा हम सब की मदद करती थी। उन्होंने उस समय एक सोशल मीडिया ग्रुप को हम सभी स्टूडेंट्स की सहायता के लिए बनाया है, ताकि हमें जब कभी भी कोई संदेह हो तो हम उनसे सम्पर्क कर सकें। उन्होंने हमारी पढ़ाई में किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी, वे सुबह से ही ऑनलाइन क्लास शुरू करने से पहले हम सभी स्टूडेंट्स का हाल पूछती थी। उन्होंने इतनी परेशानी के समय भी स्टूडेंट्स की पढ़ाई से कोई समझौता नहीं किया। जब हमें कोई परेशानी हुई तो उन्होंने परीक्षा से पहले हमें अच्छे से गाइड किया ताकि हम अच्छे अंकों के साथ पास हो कर आगे बढ़ सकें। 

परीक्षा से पहले देती थी एक्स्ट्रा क्लास

हमारे एग्जाम से पहले हमेशा वे हम सभी स्टूडेंट्स को एक्स्ट्रा क्लास देती थी, किसी स्टूडेंट्स को अगर किसी भी सब्जेक्ट में कोई परेशानी होती थी, तो वे उसको उस एक्स्ट्रा क्लास में सॉल्व करती थी। उनका प्रॉब्लम सॉल्व करने का तरीका इतना अच्छा होता था, की हम सब को लगता था की जिस चीज में हम इतना परेशान थे, वो इतनी छोटी सी चीज थी। वे प्रैक्टिकली चीजों को बताती थी।  

स्टूडेंट को करती थी मोटिवेट 

मेरी टीचर की एक बहुत अच्छी बात थी की जब कोई स्टूडेंट्स निराश होता था या वो डर के कारण उनसे कोई बात को नहीं पूछ पता था। तो वे उसके आत्मविश्वास को बढ़ती थी और उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा देती थी। वे हमेशा कहती थी की किसी चीज से दर कर मत भागों हर चीज का सामना करो कोई चीज आपके आत्मविश्वास से बड़ी नहीं हो सकती है। अगर अपने किसी चीज को करने का लक्ष्य तय किया है तो उस लक्ष्य को मेहनत कर के प्राप्त करो। अगर सफलता एक बार नहीं मिली तो ऐसा नहीं है की कभी नहीं मिलेगी। 

आपका फोकस होना चाहिए पूरी तरह से की आपको ये चीजे हासिल करनी है, चाहे मुझे दिन -रात एक करनी पड़ें। पूरी लगन से मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती है। उनके इन्हीं विचारों से हम सब स्टूडेंट्स का मनोबल बढ़ता है और हम और मेहनत करते हैं। शिक्षक हमेशा आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला होना चाहिए, बहुत से टीचर जरा सी गलती पर स्टूडेंट्स को बहुत ज्यादा डिमोटिवेट कर देते हैं। जिससे स्टूडेंट्स को आ गये पढ़ने या स्कूल जाने का मन नहीं करता है और वे स्कूल जाने से कतराते है।  

पढाई के साथ स्टूडेंट्स के मनोरंजन का भी रखती थी ध्यान 

जैसे ही हमारे एग्जाम खत्म होते थे वे हम सभी को बहार घूमने ले जाती थी, स्कूल टूर पर ये सभी स्टूडेंट्स को बहुत प्यार से और बहुत सारे गेम खिलवती थी. उनका कहना था की पढ़ाई के साथ शारीरिक एक्टिविटी का होना भी जरुरी है। वे स्कूल के समय भी एक क्लास में हम सभी स्टूडेंट्स को कुछ न कुछ एक्टिविटी सिखाती थी। वे खुद को भी मोटिवेट करती थी और स्टूडेंट को भी हर चीज के लिए प्रेरित करती रहती थी। इसलिए वह मेरे पसंदीदा टीचर थी। 

हमें हमेशा अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए और आज हम जो कुछ भी हैं उसके लिए उन्हें धन्यवाद भी देना चाहिए। उनकी सिखाई हुई हर चीज को बहुत ही गंभीरता से लेकर आगे जीवन में बढ़ना चाहिए। 

यह था मेरे प्रिय शिक्षक पर निबंध, My Favourite Teacher Essay in Hindi पर हमारा ब्लॉग। इसी तरह के अन्य निबंध से सम्बंधित ब्लॉग्स पढ़ने के लिए Leverage Edu के साथ बनें रहें।

' src=

सीखने का नया ठिकाना स्टडी अब्रॉड प्लेटफॉर्म Leverage Eud. जया त्रिपाठी, Leverage Eud हिंदी में एसोसिएट कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं। 2016 से मैंने अपनी पत्रकारिता का सफर अमर उजाला डॉट कॉम के साथ शुरू किया। प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 6 -7 सालों का अनुभव है। एजुकेशन, एस्ट्रोलॉजी और अन्य विषयों पर लेखन में रुचि है। अपनी पत्रकारिता के अनुभव के साथ, मैं टॉपर इंटरव्यू पर काम करती जा रही हूँ। खबरों के अलावा फैमली के साथ क्वालिटी टाइम बिताना और घूमना काफी पसंद है।

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

अगली बार जब मैं टिप्पणी करूँ, तो इस ब्राउज़र में मेरा नाम, ईमेल और वेबसाइट सहेजें।

Contact no. *

This is very nice article. I like the article so much.

श्रेयश्री जी, ऐसे ही हमारी वेबसाइट पर बने रहिए।

browse success stories

Leaving already?

8 Universities with higher ROI than IITs and IIMs

Grab this one-time opportunity to download this ebook

Connect With Us

25,000+ students realised their study abroad dream with us. take the first step today..

teachers day essay 300 words in hindi

Resend OTP in

teachers day essay 300 words in hindi

Need help with?

Study abroad.

UK, Canada, US & More

IELTS, GRE, GMAT & More

Scholarship, Loans & Forex

Country Preference

New Zealand

Which English test are you planning to take?

Which academic test are you planning to take.

Not Sure yet

When are you planning to take the exam?

Already booked my exam slot

Within 2 Months

Want to learn about the test

Which Degree do you wish to pursue?

When do you want to start studying abroad.

September 2024

January 2025

What is your budget to study abroad?

teachers day essay 300 words in hindi

How would you describe this article ?

Please rate this article

We would like to hear more.

StoryRevealers

शिक्षक दिवस पर निबंध Teachers Day Essay in Hindi

by StoriesRevealers | May 15, 2020 | Essay in Hindi | 0 comments

teachers day essay in hindi

Teachers Day Essay in Hindi : शिक्षक दिवस एक राष्ट्रीय त्योहार है, जिसे पूरे भारत में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है, क्योंकि यह डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है, जो भारत के पूर्व राष्ट्रपति थे।

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 को हुआ था। वे एक दार्शनिक, शिक्षाविद, मानवतावादी और धार्मिक विचारक थे। उन्होंने धर्म और दर्शन पर कई किताबें लिखीं।

उन्होंने कई प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों जैसे मैसूर, चेन्नई, कोलकाता और लंदन में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में दर्शन शास्त्र के प्रोफेसर के रूप में पढ़ाया। उन्हें वर्ष 1949 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया था और एक शिक्षक होने के नाते वे हमेशा शिक्षक समुदाय से प्यार करते थे।

Also Read:  Essay on Environment in Hindi

डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने अपने देश के पुरुषों को अपने जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने के लिए कहा। इसलिए, 1962 से, 5 सितंबर को हमेशा शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

Teachers Day Essay in Hindi

teachers day essay in hindi

माँ हमेशा बच्चे के लिए पहली शिक्षक होती है अगला एक शिक्षक है जो हमें सिखाता है। बगवदगीथा के अनुसार शिक्षक को भगवान माना जाता है।

बचपन से ही ऐसे कई शिक्षक ने हमारे स्वभाव को ढाला जो हमें कल के बेहतर नागरिक बनने के लिए तैयार करता है। शिक्षक ही वह व्यक्ति होता है जिसे जीवन भर याद रखा जाता है। शिक्षक की छाप बहुत गहरी और प्यार भरी होती है।

Also Read: Essay on Independence Day in Hindi

शिक्षक दिवस अन्य व्यवसायों के विपरीत हमारे समाज में शिक्षक की भूमिका पर प्रकाश डालता है शिक्षक समाज पर एक जबर्दस्त प्रभाव डालता है। शिक्षक हि हमारे जीवन के भविष्य को अच्छा बनाने और उसे बुरे कामे में नष्ट करने से बचाता है।

हमारे स्कूल में हम शिक्षक दिवस को बहुत भव्य रूप से मनाते हैं। उस दिन छात्र अपने शिक्षकों को माला, फूल और आश्चर्यजनक उपहार आदि देते हैं।

शिक्षक दिवस पर छात्र गीत गाते हैं, नृत्य करते हैं और बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थी अध्यापक के रूप में छोटी कक्षाओं के बच्चो को पढ़ाने जाते है। हमारे स्कूल के प्रधानाचर्य शिक्षक दिवस के महत्व के बारे में भाषण देते हैं और अच्छे शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार भी दिए जाते हैं।

अंत में हमारे स्कूल के प्रिंसिपल स्कूल के सभी छात्रों को शुभकामनाएं और आशीर्वाद के साथ प्रोत्साहित करते हैं। और इस तरह हम इसे शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं।

शिक्षक छात्र का रिश्ता अब उतना दिव्य नहीं रहा है जैसा कि पहले था, कई बदलावों के कारण। एक शिक्षक अब एक निस्वार्थ गुरु नहीं है। शिक्षक किसी भी कार्यालय या कारखाने में काम करने वाले किसी अन्य कर्मचारी की तरह ही वेतन प्राप्त करने के लिए काम कर रहे है। आजकल पक्षपात के कारण एक शिक्षक का महत्व घट रहा है।

Also Read: Essay on My School in Hindi

पहले समय में शिक्षक छात्रों को दंडित करते थे और एक अर्थ था। लेकिन अब सब कुछ उल्टा हो गया है। समाज को शिक्षकों के सम्मान की उम्मीद करना मुश्किल है।

वर्तमान में शिक्षकों के लिए इन समस्याओं को दूर करना और स्वयं की गरिमा को बनाए रखना आवश्यक है। लेकिन सभी छात्रों को शिक्षक दिवस के महत्व को जानना चाहिए और उनका सम्मान करना चाहिए। मैं एक बार फिर अपने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देता हूं।

Thanks for Reading: Teachers Day Essay in Hindi

Recent Posts

essay on global warming

Recent Comments

  • StoriesRevealers on Diwali Essay in Hindi
  • Ramadhir on Diwali Essay in Hindi
  • Ram on Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi
  • Srikanth on ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध Dr. APJ Abdul Kalam Essay in Hindi
  • aduq on Global Warming Essay in Hindi 500+ Words

Our website is made possible by displaying online advertisements to our visitors. Please consider supporting us by whitelisting our website.

Refresh

IMAGES

  1. शिक्षक दिवस पर निबन्ध

    teachers day essay 300 words in hindi

  2. शिक्षक दिवस पर कविता

    teachers day essay 300 words in hindi

  3. शिक्षक दिवस पर निबंध

    teachers day essay 300 words in hindi

  4. शिक्षक दिवस पर कविता

    teachers day essay 300 words in hindi

  5. Teachers day essay in hindi l Teachers day essay writing in hindi l

    teachers day essay 300 words in hindi

  6. विभिन्न विषयों से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी

    teachers day essay 300 words in hindi

VIDEO

  1. Teachers day speech in English/ Short speech on Teachers Day in English/ Teachers day essay in Engli

  2. Teachers Day Essay Speech in English Writing

  3. Write 10 Lines on My Favourite Teacher in Hindi & English

  4. teacher's day speech in Telugu//importance of teachers day//essay on teachers day//September5 speech

  5. 10 Lines On My Favourite Teacher/Essay On My Favourite Teacher In English/My Favourite Teacher Essay

  6. 10 Lines on Teachers Day/Teachers Day Essay in English 10 lines Writing

COMMENTS

  1. Teacher's Day Essay in Hindi, 100, 150, 200, 300, 500 Words

    Teacher's Day Essay in Hindi Teachers Day Essay in Hindi 300 Words 5 सितंबर को हर साल शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस को देश के सभी शिक्षकों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। इस दिन सन ...

  2. शिक्षक दिवस पर निबंध (Teacher's Day Essay in Hindi)

    शिक्षक दिवस पर निबंध (Teacher's Day Essay in Hindi) By अर्चना सिंह / August 16, 2023. जीवन में शिक्षक का किरदार बहुत खास होता है, वे किसी के जीवन में उस बैकग्राउंड ...

  3. Teachers Day Essay in Hindi 200 & 300 Words शिक्षक दिवस पर निबंध

    The very short essay on Teachers Day in Hindi 250 words and an essay on teachers day in Hindi in more than 300 words. Learn about Teachers Day essay in Hindi and bring better results in our exam. Teachers Day Essay in Hindi 200 Words - शिक्षक दिवस पर निबंध

  4. शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day essay in hindi): शिक्षक दिवस पर

    शिक्षक दिवस कोट्स (teachers day quotes in hindi) क्रम संख्या. शिक्षक दिवस कोट्स. किसने कहा. 1. मेरा सौभाग्य होगा यदि अलग से मेरा जन्मदिवस मनाने की बजाए 5 ...

  5. टीचर्स डे पर निबंध

    Essay on Teacher's Day in 100, 150, 200, 250, 300, 1500 words टीचर्स डे पर निबंध Essay on Teacher's Day in Hindi. 10 lines on Teacher's Day. Search for: Search Button

  6. शिक्षक दिवस पर निबंध 10 lines (Teachers Day Essay in Hindi) 100, 150

    शिक्षक दिवस पर निबंध 10 lines (Teachers Day Essay in Hindi) 100, 150, 200, 250, 300, 500 शब्दों मे. Teachers Day Essay in Hindi - भारत में शिक्षक शब्द पेशेवर पहचान की अवधि से अधिक है। एक ...

  7. शिक्षक दिवस पर निबन्ध

    शिक्षक दिवस पर निबन्ध (100 शब्द) Teachers Day in Hindi Essay: टीचर्स डे हर साल 5 सितम्बर को मनाया जाता है। इसकी शुरूआत 1662 में हुई थी। इस दिन भारत के दूसरे ...

  8. शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay On Teachers Day In Hindi)

    Last updated on 05/09/2023. शिक्षक दिवस पर निबंध (Essay On Teachers Day In Hindi)- हम सभी के जीवन में सफलता के पीछे एक शिक्षक का हाथ होता है। माता-पिता के बाद शिक्षक ही ...

  9. शिक्षक दिवस पर निबंध

    Teachers Day Essay in Hindi शिक्षक दिवस पर निबंध - Teachers Day Essay in Hindi. हमारी सफलता के पीछे हमारे शिक्षक का बहुत बड़ा हाथ होता है। हमारे माता-पिता की तरह ही हमारे शिक्षक के पास भी ...

  10. Shikshak Divas Per Nibandh: शिक्षक दिवस पर निबंध

    शिक्षक दिवस पर निबंध 300 शब्दों में ( teachers Day essay 300 Words) गुरु शिष्य की परंपरा हमारे भारत में प्राचीन समय से ही चली आ रही है. यह परंपरा भारत की ...

  11. शिक्षक दिवस पर निबंध

    Short Essay on Teachers Day in Hindi. शिक्षक दिवस (Teacher's Day) का अर्थ है- शिक्षकों का दिन, यही वह दिन है। जिस दिन प्रति विद्यार्थी अपने गुरु के प्रति आदर प्रकट ...

  12. Essay on Teachers Day in Hindi

    इस ब्लॉग में जानिए सैंपल Essay on Teachers Day in Hindi, कैसे लिखें शिक्षक दिवस पर निबंध 100, 200 और 500 शब्दों में? ... 300 और 700 शब्दों में दिवाली पर निबंध Team Leverage Edu ...

  13. शिक्षक दिवस पर निबंध

    1) शिक्षक दिवस पर निबंध 300 शब्द - Teachers Day Essay in Hindi. शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष एक महान व्यक्ति डा० सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर मनाया जाता है.

  14. Teachers Day essay in hindi

    Nelson Mandela Long Walk to Freedom विषय की जानकारी, कहानी | Nelson Mandela: Long Walk to Freedom summary in hindi. By Hindikhoji August 10, 2022. यहां, हमने शिक्षक दिवस (Teachers Day) निबंध प्रदान किया है। और परीक्षा ...

  15. शिक्षक दिवस पर निबंध (Teacher's Day Essay in Hindi)

    शिक्षक दिवस पर निबंध, कविता और अनमोल वचन, संदेश (Teacher's Day Essay in Hindi, Teachers Day Shayari, Poem, Quotes, Essay on Teacher's Day in Hindi) शिक्षक दिवस पर निबंध 250, 300, 500, शब्दों में, Teachers Day Poem In Hindi, Teachers Day Essay For Students In Hindi)

  16. Teachers Day Essay in Hindi

    Republic Day Essay in Hindi (Essay No. -1) गणतंत्र दिवस पर निबंध 300 शब्दों में Introduction भारत का गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है। 26…

  17. शिक्षक दिवस पर निबंध (Teacher's Day Essay in Hindi)

    Short and Long Essay on Teacher's Day in Hindi - भारत में हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन की स्मृति में "शिक्षक दिवस" के रूप में मनाया जाता है। वह भारत के प…

  18. Essay on Teacher Day in Hindi

    शिक्षक दिवस में निबंध और शिक्षक दिवस पर भाषण (Speech On Teachers Day In hindi) की तलाश कई Students को रहती है।. तो आज हम आपके लिए Speech और Essay दोनों लेकर आए हैं। Essay on ...

  19. शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day Essay in Hindi)

    शिक्षक दिवस पर निबंध (Teachers Day Essay in Hindi) - भारत में प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। शिक्षक दिवस पर हिंदी में निबंध यहां दिया गया है।

  20. Teachers Day Essay in Hindi शिक्षक दिवस पर निबंध (1-10th)

    आज का टॉपिक है Teachers Day Essay in Hindi शिक्षक दिवस पर निबंध और टीचर डे पर निबंध। जैसा की हम सब जानते है शिक्षक की बहुत बड़ी भूमिका होती है एक विद्यार्थी के

  21. शिक्षक दिवस पर निबंध

    शिक्षक दिवस पर निबंध 400-600 शब्दों में (Essay on Teacher's Day in Hindi 400-600 Words) हमने शिक्षक दिवस को लिखते समय बहुत की आसान भाषा का इस्तेमाल किया है, जिससे कि छात्रों को इस निबंध ...

  22. My Favourite Teacher Essay in Hindi : स्टूडेंट्स के लिए 100, 300 और 500

    My Favourite Teacher Essay in Hindi (300 शब्दों में) ... World Food Day Essay in Hindi : स्टूडेंट्स के लिए 100, 200, 400 शब्दों में विश्व खाद्य दिवस पर निबंध

  23. शिक्षक दिवस पर निबंध Teachers Day Essay in Hindi 500+ words

    Thanks for Reading: Teachers Day Essay in Hindi. Search for: Subscribe for Latest Blog Updates. Recent Posts. Essay on Global Warming in English (450+ Words) Online Education Essay in English (600+ Words) My Best Friend Essay; My Mother Essay; Child Labour Essay in English (500+ Words)